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ब्रिटिश काल तक मुसलमान नहीं करते थे गौकशी 

Publsihed: 10.Apr.2017, 10:23

आख़िरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र अंग्रेजों की साजिश समझ गए थे | उनने  28 जुलाई, 1857 को बकरीद के मौक़े पर फरमान जारी किया था | फरमान में कहा गया था -"जो भी गौ वध करने या कराने का दोषी पाया जाएगा, उसे मौत की सज़ा दी जाएगी | 

हलाला के लिए किराए पर मिलते हैं मुस्लिम मर्द

Publsihed: 05.Apr.2017, 20:53

बीबीसी से साभार / बीबीसी की एक पड़ताल में पता चला है कि तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाओं को इस्लामिक विवाह 'हलाला' का हिस्सा बनाने के लिए कई ऑनलाइन सेवाएं उनसे हज़ारों पाउंड की कीमत वसूल रही हैं.

इन मुस्लिम महिलाओं हलाला का हिस्सा बनने के लिए पहले पैसे देकर एक अजनबी से शादी करनी होती है, उसके साथ सेक्स करना होता है, फिर उस अजनबी को तलाक़ देना होता है ताकि वे अपने पहले पति के पास लौट सकें.

फराह (बदला हुआ नाम) जब 20 साल की थीं तब परिवारिक दोस्त के माध्यम से उनकी शादी हुई. दोनों के बच्चे भी हुए, लेकिन फराह का कहना है कि आगे चलकर उनकी प्रताड़ना शुरू हो गई.

मीर बाक़ी से भारत के इतिहास की शुरुआत नहीं होती

Publsihed: 26.Mar.2017, 13:03

शोभित शक्तावत / सन् 1528 में मीर बाक़ी ने अयोध्या में बाबरी ढांचा बनवाया था,  लेकिन सन् 1528 से तो भारत के इतिहास की शुरुआत नहीं होती.

कथा इससे बहुत बहुत पुरानी है, बंधु. श्रीराम के मिथक से जुड़े लोक और शास्त्र के संपूर्ण वांग्मय में अहर्निश उल्लेख है अवधपुरी और सरयू सरिता का. पुरातात्त्विक सर्वेक्षण के अटल साक्ष्य हैं. परंपरा की साखी है. कोई इससे चाहकर भी इनकार नहीं कर सकता.

विवाद किस बात पर है? सन् 1528 में रामजन्मभूमि पर बाबरी ढांचे का बलात् निर्माण ही एक आक्रांताजनित दुर्भावना का परिचायक था. वह स्वयं एक भूल थी. भूलसुधार का तो स्वागत किया जाना चाहिए ना. 

बूथ कैपचरिंग से निजात दिलाई है ईवीएम मशीन ने

Publsihed: 17.Mar.2017, 00:23

 त्रिभूवन /   भारतीय ईवीएम न तो जापान से आयात की गई हैं और न ही किसी योरोपीय देश से। ये भारतीय चुनाव आयोग ने भारत इलेक्ट्रोनिक्स लि. बंगलूर और इलेक्ट्रोनिक्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया हैदराबाद जैसी पब्लिक सेक्टर कंपनियाें के सहयोग से तैयार की थीं।

इसे विकसित करने में सुजाता रंगराजन का भी खूब योगदान रहा है। वे एक प्रसिद्ध एमआइटियन थीं। उन्होंने भारत इलेक्ट्रोनिक्स लि. बैंगलोर साथ खूब किया था और वे ईवीएम विकसित करने वाली टीम का अहम हिस्सा थीं। 

अब वे यूपी की जनता को साम्प्रदायिक कहेंगे ?

Publsihed: 12.Mar.2017, 01:10

मनीष ठाकुर / गुजरात की जनता को अपमानित करने वाले अब यूपी की जनता को साम्प्रदायिक कहेंगे? वो साजिश रचते रहे , नफरत फैलाते रहे ,खुद को पत्रकार कहने वाले। वे इस नफरत फैलाने की कीमत वसूलते थे। आम जन उनकी फर्जी ख़बरों को सत्य मानती रही। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा,भारत की सबसे बड़ी अदालत द्वारा बनाई एसआईटी ने  2013 तक साफ कर दिया कि ज्ञानवीरों की साजिश में दम नहीं है। घटिया स्तर तक जाकर ,दंगा के दौरान, गर्भ से बच्चे निकालकर मारने की एनजीओ और एनडीटीवी व् मीडिया गिरोह की साजिश की कहानी बेपर्दा होने के बाद भी पत्रकारिता का बलात्कार जारी रहा।  

चुनाव नतीजे : मेरा देश बदल रहा है 

Publsihed: 11.Mar.2017, 22:25

उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनाव नतीजे बहुत कुछ कहते हैं | देश की राजनीति नई करवट ले चुकी है | हमें उत्तराखंड , गोवा, पजाब और मणिपुर के चुनाव नतीजों को अलग ढंग से देखना होगा | जब कि उत्तरप्रदेश के नतीजों को अलग नजर से देखना होगा | पंजाब और उत्तराखंड की सरकारें बहुत बदनाम हो चुकी थीं | इन दोनों राज्यों की सरकारों से जनता का मोह भंग था | पंजाब में क्योंकि भाजपा खुद सरकार का हिस्सा थी, इस लिए उसे भी जनता के गुस्से का शिकार होना पडा | भाजपा, जैसा कि सोच रही थी, अगर एक साल पहले अकाली दल से अलग हो जाती, तो वह इन चुनावों में भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह एक बड़ी ताकत बन कर उभरती | आम आदमी

रेप ... की धमकियों के बाद #

Publsihed: 08.Mar.2017, 08:31

रेप ... की धमकियों के बाद #गुरमेहर ने अपना मिशन अधूरा छोड़ दिया ।
वो अपनी पढाई भी अधूरी छोड़ कर पटियाला लौट गई ।
भले ही सब प्रायोजित हो , मगर उतना ही दुखद भी है ।

आखिर क्यों कभी मनोवैज्ञानिकों द्वारा बीमार मानसिकता की देन माना जाने वाला रेप ,कालांतर में हथियार की तरह प्रयोग होने लगा ।
अगर कोई पुरुष आपके विचारों के विपरीत जाता है ,तो उसको जान से मार देना ,और महिला द्वारा आपसे भिन्न विचार रखने पर रेप करने की धमकी ।
ये धमकियाँ किसी भी पक्ष से आ रही हो , उसका प्रायोजक कोई भी हो , फर्क नही पड़ता ।
फ़र्क़ पड़ता है , तो सिर्फ मानसिकता से ।

गठबंधन तोड़ कर ही मजबूत होगी भाजपा 

Publsihed: 02.Mar.2017, 12:38

अजय सेतिया / पंजाब विधानसभा के चुनाव नतीजे भी बाकी चार राज्यों के साथ ही 11 मार्च को आयंगे , लेकिन पंजाब के चुनाव नतीजे उत्तरप्रदेश,उत्तराखंड और गोवा से थोड़ा अलग होंगे, इस सम्बन्ध में किसी को कोई आशंका नहीं होनी चाहिए | जहां उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में भाजपा की सरकारें बनाने की संभावना बनी हुई है, वहां पजाब भाजपा के नेता भी मानते हैं कि पजाब में एनडीए के दुबारा सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है | इस लिए एक बात स्पष्ट है कि चुनाव नतीजों के लिहाज से पंजाब बाकी तीन राज्यों से अलग है |

कभी वो बाबा लगता है कभी वो लाला लगता है

Publsihed: 26.Feb.2017, 10:02

ब्रजेश राजपूत,भोपाल ! अच्छा सुनो , अब बस करो। ये पालिटिकल सेशन खत्म और स्पीरिचुअल सेशन शुरू। अब आप सब दो मिनिट कपाल भाति और अनुलोम विलोम करो। और ये कहकर बाबा ने अपना भगवा उत्तरीय कंधे पर डाला, सामने रखे माइक के टेबल को दूर किया और कुर्सी पर ही आलथी पालथी मारकर षुरू हो गये। लंबी लंबी गहरी सांस लेने। 
हू,,, हू,,,। 

मुस्लिमों की ‘माया’: बसपा सोशल इंजीनियरिंग

Publsihed: 23.Jan.2017, 07:10

देवेंद्र शुक्ल /  भारत के सभी २९ राज्यों में से उत्तर प्रदेश, आबादी के लिहाज से सर्वाधिक मुस्लिम जनसँख्या वाला राज्य है (लगभग २० फीसदी) । जम्मू कश्मीर, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ हिदुओं के मुकाबले मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है (६८ फीसदी) । राज्य की कुल आबादी में मुस्लिमों की जनसंख्या के घटते क्रम में लेने पर असम, पश्चिम बंगाल और  केरल के बाद उत्तर प्रदेश देश का चौथा ऐसा राज्य है जहाँ मुस्लिम आबादी पांचवे हिस्से के बराबर या उससे आधिक है। इस सन्दर्भ में यह बताना रोचक है कि उत्तर प्रदेश में कुल २० प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाले जिलों की संख्या