India Gate News (इंडिया गेट न्यूज)

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  • इंडिया गेट से संजय उवाच

तो मुशर्रफ जुगाड़ नहीं कर पाए एबस्टेन का

परवेज मुशर्रफ को जाना पड़ा। जाना नहीं चाहते थे। भले ही उनने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा- ‘महाभियोग में मैं हारूं, या जीतूं। हार देश की होती। तो मैं इस्तीफा दे रहा हूं।’ परवेज मुशर्रफ भले ही अब कुछ कहें। कितना ही जम्हूरियत प्रेमी होने का दावा करें। पर असलियत किसी से छिपी नहीं। [...]

Written on August 19th, 2008 | 1 Comment | Read full story »

अपनी जम्हूरियत और उनकी जम्हूरियत का फर्क

यों अपन आज बात करेंगे जश्न-ए-आजादी की। फिर भी शुरूआत मनमोहन सिंह को एक और बधाई से कर दें। अबके महंगाई के नए रिकार्ड पर बधाई। तीन महीने पहले मुद्रास्फीति सात फीसदी हुई। तब अखबारों में बैनर छपे थे- ‘महंगाई सातवें आसमान पर।’ अब 12.44 फीसदी होकर महंगाई तेरहवें आसमान पर। पर लीड भी नहीं [...]

Written on August 15th, 2008 | 1 Comment | Read full story »

  • हाल फिलहाल

गठबंधनों पर ही निर्भर होगी चुनावी बिसात

लाल किले के प्राचीर से मनमोहन सिंह का आखिरी भाषण लाचार प्रधानमंत्री की तरह हुआ। एक ऐसा लाचार प्रधानमंत्री जो महंगाई से लेकर आतंकवाद की समस्या तक से जूझ रहा है। इसके बावजूद सोनिया गांधी अगर उन्हीं को सामने रखकर चुनावी दंगल में कूदने का मन बना रही हैं तो कांग्रेस भारी रिस्क लेगी। लालकिले [...]

Written on August 18th, 2008 | No Comments

  • प्याज के छिलके

जम्मू-कश्मीर में सभी कर रहे हैं- सांप्रदायिक राजनीति

गुलामनबी आजाद भले ही खुले तौर पर न मानें, लेकिन वास्तविकता यही है कि जम्मू कश्मीर के चुनाव नजदीक होने के कारण पीडीपी को मिलने वाले मुस्लिम वोटों के फायदे को रोकने के लिए ही उन्होंने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को दी गई जमीन वापस ली थी। इससे साबित होता है कि जम्मू कश्मीर की [...]

Written on August 8th, 2008 |  2 Comments

  • हाल फिलहाल
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  • प्याज के छिलके
  • विशेष
  • अन्य

गठबंधनों पर ही निर्भर होगी चुनावी बिसात

लाल किले के प्राचीर से मनमोहन सिंह का आखिरी भाषण लाचार प्रधानमंत्री की तरह हुआ। एक ऐसा लाचार प्रधानमंत्री जो महंगाई से लेकर आतंकवाद की समस्या तक से जूझ रहा है। इसके बावजूद सोनिया गांधी अगर उन्हीं को सामने रखकर चुनावी दंगल में कूदने का मन बना रही हैं तो कांग्रेस भारी रिस्क लेगी। लालकिले [...]

Written on August 18th, 2008 | No Comments | Read full story »

संसदीय जांच समिति का संकट

दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में आजकल हर्षद मेहता की चर्चा है। हर्षद मेहता ने 1990-91 में पांच हजार करोड़ का शेयर घोटाला करके पूरी दुनिया को चौँका दिया था। उन्होंने इससे भी ज्यादा तब चौंकाया था जब कहा कि उन्होंने नरसिंह राव को एक करोड़ रुपए की रिश्वत से उनका मुंह बंद किया था। हर्षद [...]

Written on August 11th, 2008 | No Comments | Read full story »

तो मुशर्रफ जुगाड़ नहीं कर पाए एबस्टेन का

परवेज मुशर्रफ को जाना पड़ा। जाना नहीं चाहते थे। भले ही उनने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा- ‘महाभियोग में मैं हारूं, या जीतूं। हार देश की होती। तो मैं इस्तीफा दे रहा हूं।’ परवेज मुशर्रफ भले ही अब कुछ कहें। कितना ही जम्हूरियत प्रेमी होने का दावा करें। पर असलियत किसी से छिपी नहीं। [...]

Written on August 19th, 2008 | 1 Comment | Read full story »

अपनी जम्हूरियत और उनकी जम्हूरियत का फर्क

यों अपन आज बात करेंगे जश्न-ए-आजादी की। फिर भी शुरूआत मनमोहन सिंह को एक और बधाई से कर दें। अबके महंगाई के नए रिकार्ड पर बधाई। तीन महीने पहले मुद्रास्फीति सात फीसदी हुई। तब अखबारों में बैनर छपे थे- ‘महंगाई सातवें आसमान पर।’ अब 12.44 फीसदी होकर महंगाई तेरहवें आसमान पर। पर लीड भी नहीं [...]

Written on August 15th, 2008 | 1 Comment | Read full story »

जम्मू-कश्मीर में सभी कर रहे हैं- सांप्रदायिक राजनीति

गुलामनबी आजाद भले ही खुले तौर पर न मानें, लेकिन वास्तविकता यही है कि जम्मू कश्मीर के चुनाव नजदीक होने के कारण पीडीपी को मिलने वाले मुस्लिम वोटों के फायदे को रोकने के लिए ही उन्होंने श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड को दी गई जमीन वापस ली थी। इससे साबित होता है कि जम्मू कश्मीर की [...]

Written on August 8th, 2008 | 2 Comments | Read full story »

वोट-नोट की सियासत में मीडिया के भी जले हाथ

पहले खुद स्टिंग आपरेशन में शामिल होकर पीछे हटने से सीएनएन-आईबीएन चैनल की विश्वसनीयता को भाजपा ने कटघरे में खड़ा कर दिया है। चैनल का बायकाट मीडिया को सियासत से दूर रखने पर सोचने के लिए बाध्य करे, तो मीडिया का ही भला होगा।
कांग्रेस ने लोकसभा में वोट की सियासत भले ही जीत ली हो, [...]

Written on August 1st, 2008 | No Comments | Read full story »

बसपा-भाजपा-लेफ्ट में गिनती के लिए तार जुड़े

दोनों खेमों ने किया बहुमत का दावा, असल में दोनों 268-268 पर
नई दिल्ली, 21 जुलाई। बसपा प्रमुख मायावती के खास सिपहसालार सतीश मिश्र ने आज वामपंथी और भाजपा नेताओं से मुलाकात कर स्थिति का आकलन किया। बाद में इस संवाददाता से बातचीत करते हुए सतीश मिश्र ने इन अफवाहों को मनघढ़ंत बताया कि भाजपा सरकार [...]

Written on July 22nd, 2008 | 1 Comment | Read full story »

सत्ता संतुलन अब बागियों के हाथ में

नई दिल्ली, 20 जुलाई। सत्ता संतुलन अब देवगौड़ा, अजित सिंह और शिबू सोरेन के हाथ से निकलकर बागियों और पूर्वोत्तर के सांसदों के हाथ में आ गया है। बगावत अब सभी पार्टियों में शुरू हो गई। कांग्रेस के कुलदीप विश्नोई और अरविंद शर्मा के विपक्षी खेमे में जाने के बाद अब भाजपा और जनता दल [...]

Written on July 21st, 2008 | 2 Comments | Read full story »

खाद्यान्न समस्या का दूसरा पहलू

अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने भारत के नव धनाढय मध्यम आय वर्ग को पेटू बताकर कुछ नया नहीं कहा। यही बात भारत के मंत्री प्रफुल्ल पटेल पहले ही कह चुके हैं।
बड़े पेट के भरन को है रहीम देख बाढ़ि
यातें हाथी हहरि कै दप दा दांत दे काढ़ि
कविवर रहीम कहे हैं कि जो आदमी बड़ा है [...]

Written on May 4th, 2008 | 1 Comment | Read full story »

कौन मानता है तिब्बत को चीन का अभिन्न अंग

तिब्बत और जम्मू कश्मीर पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की दो महान गलतियां हमारी कूटनीतिक अपरिपक्वता का पीछा नहीं छोड़ रही। राजा हरि सिंह शुरू में जम्मू कश्मीर को स्वतंत्र रखने के पक्ष में थे। लेकिन पाकिस्तान ने कबायलियों को आगे करके कश्मीर पर कब्जे की कोशिश शुरू की तो राजा हरि [...]

Written on April 6th, 2008 | No Comments | Read full story »

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  • गिरती-पड़ती यहां तक आई सरकार
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  • देर से ही सही, दुरुस्त रहा 11 अगस्त का दिन

 

  • ओलंपिक बीजिंग में खेल इस्लामाबाद में
  • पीएम की दलील वाजिब पर समस्या तो हल हो
  • श्राइन बोर्ड के झगड़े का हल तो है, कोई चाहे तो
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  • देर से ही सही, दुरुस्त रहा 11 अगस्त का दिन
  • संसदीय जांच समिति का संकट
  • ओलंपिक बीजिंग में खेल इस्लामाबाद में
  • पीएम की दलील वाजिब पर समस्या तो हल हो

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