India Gate Se

Published: 12.Oct.2019, 18:41

अजय सेतिया / कांग्रेस के लोग गांधी परिवार से इतर कुछ सोच क्यों नहीं पा रहे | ले देकर सोनिया , राहुल और प्रियंका | जब तक रेहान गांधी वाड्रा बड़ा नहीं हो जाता , तब तक यही तीनों विकल्प हैं  | ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ कि कांग्रेस पांच साल से ज्यादा समय के लिए सत्ता से बाहर हुई है | 1996 से ले कर 2004 तक लगातार तीन चुनाव हार कर आठ साल सत्ता से बाहर रही है | लेकिन ऐसा क्या हुआ कि दो चुनाव हारने के बाद कांग्रेसी हताश और निराश हो गए हैं |

महात्मा गांधी ने नेहरु परिवार को भारत का भाग्य विधाता बनाने के लिए क्या क्या नहीं किया था | सिर्फ इतना नहीं कि 14 कांग्रेस कमेटियों में से 12 सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाना चाहती थी और गांधी ने उसे खारिज कर नेहरु को प्रधानमंत्री बनवाया | वह नेहरु खानदान के लिए भविष्य की चिंता भी कर के गए थे |  इंदिरा नेहरु खान के पति फिरोज जहांगीर खान को फिरोज जहांगीर गांधी नाम तक दिया , ताकि इंदिरा खुद और उन के बच्चे अपना सरनेम गांधी लिख सकें |

स्वर्ग लोक में महात्मा गांधी तो बहुत निराश हुए होंगे , जब उन्होंने सुना होगा कि गांधी सरनेम क…

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Published: 12.Oct.2019, 06:22

अजय सेतिया /पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या वाली खबर ने चौंकाया है | सोशल मीडिया पर 35 साल के बंधू प्रकाश , 32 साल की उन की पत्नी ब्यूटी मोंडल पाल आठ साल के उन के बेटे अंगन बंधू पाल की खून से लथपथ लाशों की तस्वीरें भी आ चुकी थी | मोंडल पाल गर्भवती भी थी | सोशल मीडिया पर इसे माब लिंचिंग की घटना बताया जा रहा था पर मेन लाईन मीडिया में खबर नहीं थी |  सरकार चुप थी | वह तब और चुप हो गई , जब आरएसएस के एक अधिकारी ने दावा कर दिया कि मृतक बंधू प्रकाश संघ के स्वय सेवक थे | सरकार चुप थी तो गवर्नर जगदीप धनकड़ का कडा बयान आ गया | हत्या राजनीतिक मुद्दा बन गई | पिछले एक साल में पश्चीम बंगाल इस तरह की 16 हत्याएं देख चुका है | हालांकि मीडिया ने खबर को माब लिंचिंग की तरह नहीं उछाला , पर संघ जिस तरह से माब लिंचिंग बता रहा है और गवर्नर के बयान से जिस तरह राजनीतिक गर्मी शुरू हुई है , बात सरकार निलम्बन तक पहुंच सकती है |  

दो दिन पहले ही नसुरुद्दीन शाह और अपर्णा सेन की रहनुमाई में 180  बुद्धिजीवियों ने इस बात पर हंगामा खड़ा किया था कि मोदी सरका…

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Published: 11.Oct.2019, 08:46

इंडिया गेट से अजय सेतिया / अगस्त महीने में ननकाना साहिब गुरूद्वारे के ग्रन्थी की 17साल की बेटी जगजीत कौर का अपहरण अंतर्राष्ट्रीय सुर्खी बना था | अपहरण के बाद जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कर मुसलमान बनाया गया और मुस्लिम युवक से निकाह करवा दिया गया | पिछली होली के समय 13 साल की रवीना और उसकी दो साल बड़ी बहन रीना का सिंध प्रांत के घोटकी जिले से अपहरण कर लिया गया , धर्मपरिवर्तन और निकाह का वही सिलसिला दोहराया गया था | बाद में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि धर्म परिवर्तन करना और निकाह करना दोनों हिन्दू बहनों का मौलिक अधिकार है | चौंकिए मत पाकिस्तान में  निकाह करने की कोई आयु तय नहीं है |  

इस साल जुलाई के महीने में पाकिस्तान के थत्त जिले में एक अध्यापक ने अपनी ही छात्रा पायल कुमारी का अपहरण कर लिया था | उस का भी जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कर के मुसलमान बनाया गया और अध्यापक ने अपनी नाबालिग छात्रा से जबरदस्ती निकाह कर लिया , हालांकि इस्लाम में काजी की ओर से  निकाह पढने से पहले लडकी की रजामंदी लेना लाजिमी है | जगजीत , रवीना, रीना पायल उन हजारों हिन्दू लडकियों में से सिर्फ…

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Published: 08.Oct.2019, 14:32

अजय सेतिया / राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ के सरसंघ चालक 1925 से ही शस्त्र पूजा कर के हिन्दू राष्ट्र को सम्बोधित करते रहे हैं | संघ का गठन विजय दशमी के दिन ही हुआ था | जब से संघ का कार्यक्षेत्र बढ़ने लगा , तब से ख़ास किस्म के मीडिया की निगाह गई और संघ की शस्त्र पूजा पर सवाल उठाए जाने लगे | आरोप यह था कि संघ अपने विरोधियों के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल करता है , इस लिए हर साल शस्त्र पूजा करता है | पर संघ ने अपने विरोधियों की आलोचना से पीछा छुडाने के लिए रामायण काल के पूर्व से चली आ रही हिंदुओं की शस्त्र पूजा की परम्परा को कभी बंद नहीं किया | अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार बनने के बाद तो सरसंघ चालक के विजय दशमी पर होने वाले सम्बोधन पर भी मीडिया की निगाह टिकने लगी है |

इस बार भी सरसंघ चालक मोहन भागवत ने नागपुर के संघ कार्यालय में शस्त्र पूजा कर के स्वय सेवकों के माध्यम से देश को सम्बोधित किया | देश को सम्बोधन इसलिए , क्योंकि उन्होंने पिछले एक साल या उस से भी ज्यादा समय से संघ पर लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है | जैसे उन्होंने एक तरफ माब लिंचिंग का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा करने वाल…

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Published: 07.Oct.2019, 14:29

अजय सेतिया / महाराष्ट्र की राजनीति नेताओं के इर्द गिर्द घूमती रही है | पांच दशक तक शरद पवार और बाला साहिब ठाकरे दो ध्रुव बने रहे | सोनिया गांधी के नेतृत्व के खिलाफ शरद पवार जब 1999 में कांग्रेस छोड़ कर गए तो कांग्रेस में कोई भी नेता उन की बराबरी का नहीं बचा था | विलासराव देशमुख कुछ हद तक विकल्प जरुर बन रहे थे | भारतीय जनता पार्टी को जिस तरह प्रमोद महाजन ने खड़ा किया , वह काडर बेस पार्टी को खडा करने का पहला प्रयास था , जिसे बाद में गोपीनाथ मुंडे आगे बढ़ा रहे थे | प्रमोद महाजन ने इस बात को समझा था , तभी 1994 में भाजपा का शिवसेना से गठबंधन करवाया था ,ताकि बाला साहिब ठाकरे का नेतृत्व मिल सके , नतीजतन 1995 में पहली भाजपा-शिवसेना सरकार बनी | अब भारतीय जनता पार्टी की राजनीति महाराष्ट्र में न तो किसी नेता के इर्द गिर्द घूमती है , न ही काडर बेस्ड है | भाजपा बाहर से आए प्रवासी नेताओं की पार्टी बन गई है, जो सत्ता जाते ही बिखर जाएगी | 

शरद पवार ने अपने वारिस के तौर पर अपने भतीजे अजित पवार को लांच किया था , जो अपने व्यवहार के कारण विफल होते दिखाई दिए तो उन्होंने अपनी बेटी सुप्र…

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Published: 05.Oct.2019, 17:47

अजय सेतिया / अब जब गर्द बैठ गई है तो इस्लामिक दुनिया में इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र में दिए गए भाषण की समीक्षा शुरू हो गई है | यह भी समीक्षा की जा रही है कि इमरान खान की भरसक कोशिश के बावजूद 58 मुस्लिम देशों में से सिर्फ दो टर्की और मलेशिया ही इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान के साथ क्यों खड़े हुए | असल में अब खुलासा यह हो रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से इस्लामिक आतंकवाद के साथ सीधे संघर्ष की घोषणा के बाद इस्लामिक मुल्क अमेरिका के साथ सीधे टकराव को टालना चाहते हैं | खबर तो यहाँ तक आई है कि इस्लामिक मुल्कों ने इमरान खान से कह दिया था कि वह मसला-ए-कश्मीर को इस्लाम के साथ न जोड़ें और ईरान के मुद्दे पर बिचौलिया बनने की पेशकश न करें , लेकिन इमरान खान ने अपनी घरेलू राजनीति की मजबूरी के चलते इस्लामी देशों की दोनों बातें नहीं मानी | इमरान को यह सलाह देने वालों में सऊदी अरब भी था , जिस ने इमरान को अपना ख़ास मेहमान बताते हुए प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विशेष विमान से सयुंक्त राष्ट्र की बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका रवाना किया था | सात दिन तक यह विमान उन की सेवा में था ,…

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Published: 05.Oct.2019, 01:06

अजय सेतिया / पाकिस्तान के टीवी चेनलों को देख कर लगने लगा है कि पाकिस्तान की पत्रकारिता हम से बेहतर होने लगी है | वह इस लिए कि पाकिस्तान के मंत्रियों को सामने बैठ कर उन की धुनाई की जाती है | मंत्री भी उसी तीखे अंदाज में जवाब देते हैं या सवाल से कन्नी काट लेते हैं , लेकिन इंटरव्यू से उठ कर नहीं जाते | यानी दोनों तरफ से पेशेवाराना ईमानदारी बनी हुई है , पेशेवाराना ईमानदारी यह है कि पारदर्शिता का सम्मान | शुक्रवार को पाकिस्तानी न्यूज चेनल एक्सप्रेस न्यूज के एंकर जावेद चौधरी की सिर्फ साढे बारह मिनट की क्लिपिंग भारत और पाकिस्तान के राजनीतिक और मीडिया सर्कल में चर्चा का मुद्दा बन गई, जिस में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और चौधरी में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की विफलता पर तू-तू-, मैं-मैं की नौबत आ गई |  

भारत में कोई न्यूज चेनल ऐसा नहीं कर रहा , जो कोई न्यूज एंकर ऐसा करता है , मंत्री उस के सामने बैठने को तैयार ही नहीं होते | मंत्रियों की बात तो छोडिए विपक्ष के नेता भी अपने विरोधी एंकरों के तीखे सवालों का जवाब देने की बजाए कन्नी काट लेते हैं | पिछले करीब…

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Published: 03.Oct.2019, 01:02

अजय सेतिया / गांधी का डेढ़ सौवां जन्मदिन धूम धाम से मनाया गया | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात से हैं , सो उन्होंने गांधी को वैसे ही अपना लिया है , जैसे कांग्रेस ने अपनाया हुआ था | हालांकि कांग्रेस अब किसी दृष्टिकोण से गांधी के आदर्शों पर चलती नहीं दिखती | इंदिरा गांधी के जमाने तक गांधी जयंती पर कांग्रेस के नेता दलित बस्तियों में झाडू ले कर निकलते थे | अब गांधी के नाम पर मोदी के लोग झाडू ले कर चलते हैं | कई बार लुटियन दिल्ली की चमचमाती सडकों पर भी झाडू मारने के फोटो खिंचवाए जाते हैं | पर सवाल यह है कि क्या साफ़-सफाई, झाडू-शौचालय ही गांधीवाद है | और उस से भी बड़ा सवाल यह है कि क्या अपने आख़िरी दिनों में गांधी खुद अपने गांधीवाद से संतुष्ट थे | हम इस का विश्लेष्ण कभी क्यों नहीं करते |  कुछ सवालों का जवाब खुद गांधी भी अधूरे छोड़ गए | जैसे पहला सवाल तो यह उठता है कि गांधी ने जब खिलाफत आन्दोलन का समर्थन किया तो उन के दिमाग में कैसा भारत बनाने की कल्पना थी, खासकर तब वह सेक्यूलरिज्म के बारे में क्या सोचते थे | खिलाफत आन्दोलन का उन के जीवन पर क्या असर पड़ा , क्या वह मानते थे कि खिलाफत आन…

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Published: 01.Oct.2019, 00:56

अजय सेतिया / पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान सोची समझी रणनीति के तहत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , भाजपा और आरएसएस के खिलाफ उसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं , जो इन तीनो के खिलाफ कांग्रेस करती है या करती रही है | इमरान खान ने अपनी बात को प्रभावशाली बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में दिए भाषण में भी कांग्रेस का जिक्र किया था , जब उन्होंने कहा- 'पिछली कांग्रेस सरकार के गृहमंत्री ने कहा था कि आरएसएस के कैंपों में आतंकी बनने की ट्रेनिंग दी जाती है।' यह जग जाहिर है कि तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने 2013 में कहा था कि उनके पास इस बात की रिपोर्ट है कि बीजेपी और संघ के ट्रेनिंग कैंप में हिंदू आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जाती है | अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और नरेंद्र मोदी की इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के आह्वान का जवाब देने के लिए इमरान ने हिन्दुओं को आतंकवादी ठहराने वाले कांग्रेस के बयान को ढाल के तौर पर इस्तेमाल किया | पहले मणि शंकर अय्यर और बाद में नवजोत सिंह सिद्धू जैसे कांग्रेसी नेताओं ने अपनी और कांग्रेस की राजनीति के लिए पाकिस्तान के साथ प्यार की पींगें बधाई…

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Published: 30.Sep.2019, 00:48

अजय सेतिया / दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने अमेरिका से लौटे प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का हवाई अड्डे पर शान-ओ-शौकत से स्वागत किया , जैसे मोदी विश्व विजय हासिल कर के आए हों | इस के देखा देखी इमरान खान ने भी इस्लामाबाद पहुंचने पर अपना हू-ब-हू वैसा ही स्वागत करवाया | हवाई जहाज से उतरते ही इमरान खान को भी वैसे ही पटका पहनाया गया , जैसा जेपी नड्डा ने मोदी को पहनाया था | बस फर्क सिर्फ भीड़ का था , मोदी के स्वागत में भीड़ थोड़ी ज्यादा थी , शायद इस का कारण दिल्ली विधान सभा के चुनाव नजदीक होना है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने जिस तरह अखबारों टेलीविजनों पर अपने विज्ञापनों की भरमार कर दी है ,उससे भाजपा को समय से पहले विधानसभा चुनाव का अंदेशा है | वैसे कुछ लोगों का तो यह भी मानना है कि स्वागत कूटनीतिक सफलता के लिए नहीं , बल्कि राजनीतिक कारणों से हुआ | इस का एक कारण प्रदेश zका एक ग्रुप मनोज तिवारी को हटवाना चाहता है , जबकि पार्टी संविधान एक और टर्म की इजाजत देता है | इस लिए मनोज तिवारी ने मोदी को अपनी संगठनात्मक क्षमता का परिचय देने के लिए स्वागत आयोजित किया |  दूसरी तरफ का…

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