Current Analysis

Earlier known as राजनीति this column has been re-christened as हाल फिलहाल.

तालिबान से भारत को खतरा कितना ajaysetia 26.Aug.2021, 21:13

अजय सेतिया / 

संसद में भी तृणमूल का असली रूप

Publsihed: 06.Aug.2021, 10:00

अजय सेतिया / संसद के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था ,जब कोई सांसदनिलंबित किए जाने के बाद सुरक्षा कर्मी से भिड गया हो | जबरदस्ती सदन में घुसने की कोशिश की हो और रोके जाने पर दरवाजे का शीशा तोड़ दिया हो | लेकिन तृणमूल कांग्रेस जिस तरह की हिंसा पश्चिम बंगाल में कर रही है , वह हिंसा अब संसद के भीतर भी पहुंच गई है | संसद के इतिहास में 2021 का मानसून सत्र हिंसा की इस वारदात के लिए याद किया जाता रहेगा | 19 दिन के मानसून सत्र के तेरहवें दिन यह शर्मनाक घटना तब हुई जब राज्यसभा के सभापति वेंकैयानायडू ने हंगामा करने वाले तृणमूल कांग्रेस के छह स

मीडिया कोई पवित्र गाय नहीं

Publsihed: 23.Jul.2021, 13:47

एल.एन.शीतल / देश के सबसे बड़े मीडिया हाउस - 'भास्कर समूह' पर IT और ED की छापेमारी को मीडिया पर हमला बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि सरकार ने भास्कर ग्रुप के सत्ताविरोधी तेवरों से चिढ़कर उसे सबक सिखाने और अन्य अख़बारों/चैनलों को डराने के लिए यह कार्रवाई की है.

ऐसा कहने वालों को मालूम होना चाहिए कि कोई भी अख़बार या न्यूज़ चैनल ऐसी कोई 'पवित्र गइया' बिल्कुल नहीं, जिसे रक्षा-कवच प्राप्त है. 

स्पीकर चला पाएँगे क्या लोकसभा

Publsihed: 19.Jul.2021, 17:16

अजय सेतिया / जब से कोविड शुरू हुआ है, संसद ढंग से नहीं चल रही | पिछले साल शीत सत्र तो हुआ ही नहीं था | बाकी सारे सत्र भी आधे अधूरे हुए | वैसे सरकार ने तो राहत महसूस की है | कोविड के बहाने उसे विपक्ष के हमलों से निजात मिली थी | पर इस बार का सत्र सरकार पर बहुत भारी पड़ने वाला है | विपक्षके साथ मीडिया भी हमलावर होगा | कोविड के बहाने संसद भवन परिसर में मीडिया की एंट्री पर अंकुश लगा है | लोकतांत्रिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है , जब&nbs

तीर्थ सिंह रावत बने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

Publsihed: 10.Mar.2021, 14:11

त्रिवेंद्र सिंह रावत की जगह पौड़ी के सांसद तीर्थ सिंह रावत उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री बनाए गए हैं | दस साल पहले इन्ही परिस्थियों में विधानसभा चुनावों से पहले रमेश पोखरियाल निशंक की जगह पर भुवन चन्द्र खंडूरी को मुख्यमंत्री बना कर भेजा गया था | हां;लांकि तब बहुत देर हो चुकी थी , चुनाव में सिर्फ चार महीने बचे थे , लेकिन अब थोड़ा सा पहले निर्णय हो गया है , चुनाव में ग्यारह महीने बचे हैं | पिछले शनिवार को भाजपा नेतृत्व ने मुख्यमंत्री बदलने का मन बनाया था और चार दिन बाद सारी प्रक्रिया पूरी कर के तीर्थ सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी गई |

‘‘कोविड-19: सभ्‍यता का संकट और समाधान : कैलाश सत्यार्थी

Publsihed: 18.Dec.2020, 17:55

नई दिल्ली । नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित जानेमाने बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री कैलाश सत्‍यार्थी की पुस्‍तक ‘‘कोविड-19: सभ्‍यता का संकट और समाधान’’ का लोकार्पण भारत के पूर्व मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति श्री दीपक मिश्रा ने किया। राज्‍यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश के विशिष्‍ट आतिथ्‍य में इस समारोह का आयोजन किया गया। प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्‍तक का लोकार्पण ऑनलाइन माध्‍यम से संपन्‍न हुआ।
पुस्‍तक के लोकार्पण समारोह का संचालन प्रभात प्रकाशन के निदेशक श्री प्रभात कुमार ने किया, जबकि धन्‍यवाद ज्ञापन श्री पीयूष कुमार ने किया।

गहलोत ने ऐसे सचिन पायलट को बेघर किया

Publsihed: 14.Jul.2020, 18:13

अजय सेतिया / सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद कहा जा सकता है कि सचिन पायलट ने एक धुरंधर राजनीतिग्य से टक्कर ले कर अपना ही नुक्सान किया | अशोक गहलोत ने सिर्फ उन्हें अध्यक्ष पद से हटवाने की पटकथा लिखी थी

राजस्थान में शह मात के खेल में गहलोत आगे

Publsihed: 13.Jul.2020, 18:40

सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के घर पर विधायक दल के बाद गहलोत सरकार सुरक्षित होने की बात कही गई। बैठक के बाद मौजूद सभी विधायकों को 4 बसों से सीधे फेयर माउण्ट होटल भेज दिया गया। गहलोत भी बस में ही साथ गए। बैठक के दौरान गहलोत खेमे ने दावा किया कि उन कि बैठक में 109 विधायक मौजूद हैं , उधर सचिन पायलट ने भी दावा किया कि उन के साथ तीस विधायक बैठे हैं | लेकिन सच कुछ और है , सच यह है कि दोनों झूठ बोल रहे थे | बैठक में सौ से कम विधायक थे और सचिन पायलट के पास सिर्फ 17 विधायक थे | विधायक दल की बैठक से सचिन पायलट की हवा तो निकल गई , अशोक गहलोत का राजनीतिक मकसद पूरा हो गया , उन्होंने उन लोगों के