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Exclusive Articles written by Ajay Setia

पाकिस्तान में हिन्दू मेरिज एक्ट 

Publsihed: 18.Feb.2017, 22:49

हिन्दुस्तान में आज़ादी के वक्त मुस्लिम आठ फीसदी थे | अब 15 फीसदी हो चुके हैं | बंटवारे के बाद पाकिस्तान में 24 फीसदी हिन्दू रह गए थे | बाकी भारत आ गए थे | पर इन 24 फीसदी में से 22.05 फीसदी आज के बांग्ला देश में थे | करीब 1.6 फीसदी आज के पाकिस्तान में रह गए थे | अब आज के बांग्लादेश में 22.05 से घट कर 9.5 रह गए  | मौजूदा पाकिस्तान में हिन्दुओं की आबादी घट कर 1.2 फीसदी रह गयी | इस वक्त पाकिस्तान में कुल मिलाकर 25 लाख हिन्दू होंगे | पाकिस्तान की वोटर लिस्ट में 14.9 लाख हिन्दू वोटर हैं | इन में से 13.9 लाख सिर्फ सिंध में हैं | यानि पंजाब, बलूचिस्तान और बाकी के पाकिस्तान में सिर्फ एक लाख हिन्

आतंकियों के समर्थकों के समर्थक कांग्रेसी 

Publsihed: 17.Feb.2017, 21:22

सेना प्रमुख के एक बयान ने खलबली मचा दी है | उनने कहा  कि आतंकियों की मदद करने वाले आतंकी ही माने जाएंगे | उन्हें आतंकियों का समर्थक माना जाएगा | या आतंकियों के जमीनी कार्यकर्ता माना जाएगा | आपरेशन के दौरान आर्मी पर पत्थराव करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे | आज वे बच सकते हैं | पर कल पकडे जाएंगे | जनरल बिपिन रावत का बयान राजनीतिबाजों को बुरी तरह चुभा हुआ है | कभी कांग्रेस के गुलामनबी आज़ाद का बयान |  कभी दिग्विजय सिंह का बयान | तो कभी जनता दल के के.सी.त्यागी का बयान | वामपंथियों के बयान तो आने ही थे | उन के जमूरे ने तो  जेएनयूं  में नारे लगवाए थे - "भारत तेरे  टुकडे होंगें

यूपी का गठबंंधन बढा रहा कांग्रेस की बेचैनी

Publsihed: 24.Jan.2017, 20:24

उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन दोनों के फायदे में । अपन को यूपी का एक सपा नेता बता रहा था । भले ही कांग्रेस का यूपी में कोई ढांचा नहीं बचा । पर हर विधानसभा हल्के में कांग्रेस के पांच से दस हजार वोट पक्के । जो तिकोने मुकाबले में हरेक के लिए महत्वपूर्ण । वे पांच दस हजार वोट सपा को पंद्रह बीस सीटें ज्यादा दिला देंगे । कांग्रेस की सीटें भी दस-बारह बढ सकती । सो अखिलेश और राहुल ने सोच समझ कर फैसला किया । वैसे भूमिका ज्यादा प्रियंका और डिंपल की । काफी सोच समझ कर अखिलेश ने दांव खेला । पर यूपी के गठबंधन से उत्तराखंड में कांग्रेस की नींद हराम हो गई । एक तो धस्माना जैसे पुराने सपा नेताओं को कांग

जब मरीना बीच जेएनयू सा बन गया

Publsihed: 24.Jan.2017, 04:02

अपन को पहले से आशंका थी कि जलिकट्टू भारत विरोधी हो जाएगा । तमिलनाडू में अलगाव की आग हिंदी के मुद्दे पर भी फैली थी । सो जब नौजवान चैन्नई, मदुरै, तिरूचि में सडकों पर आए । अपन को आशंका हो गई थी । यह आशंका पन्नीरसेल्वम को भी रही होगी । तभी तो वह भाग कर दिल्ली आए । जरूर पन्नीरसेल्वम ने मोदी को बताया होगा । तभी मोदी फौरन हल निकालने को तैयार हुए । वरना तो सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ आग भडकने देते । सुप्रीमकोर्ट की कई बातें तो बेहद अजीब । माना, समाज को बुराईयां छोडनी चाहिए । माना सांड पर बेरहमी होती है । सांड तो बेचारा डर कर भाग रहा होता है । उस बेचारे को क्या पता सल्लीकुट्टी है क्या । इस का जिक्र अपन न

पांच हजार साल पुराने जलिकट्ट में फच्चर फसा गई थी कांग्रेस 

Publsihed: 20.Jan.2017, 22:13

जलिकट्ट के समर्थन में दुनिया भर में सडको पर आ गए. तमिल नौजवान मद्रास के मरीना बीच से दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंच गए. केंद्र और राज्य सरकार ही नहीं ,सुप्रीमकोर्ट के भी होश उड गए. जो सुप्रीमकोर्ट अडी हुई थी. उसी सुप्रीमकोर्ट ने शुक्रवार को रास्ता निकालने की खिडकी खोल दी. तमिलनाडू के युवाओ ने सब के होश ठिकाने ला दिए. अपन थोडी हिस्ट्री बता दे. यह असल नाम जलिकट्टू नहीं. अलबत्ता पुराना नाम है सलिकट्टू. सल्ली यानि सिक्का. कट्ट यानि ईनाम. जलिकट्ट 5000 साल से तमिल कल्चर का हिस्सा. मदुरै में एक सुरूंग मिली. जिस में जलिकट्टू की 2500 साल पुरानी पेंटिंग मिली.

तमिलनाडू बना सकता है जलीकट्ट पर कानून 

Publsihed: 19.Jan.2017, 22:51

तमिलनाडू के नौजवान सडको पर हैं.  चैन्नई के मरीना  बीच पर दिन-रात का प्रदर्शन चल रहा. सरकार को कालेज बंद करने पडे.  ताकि  नौजवानो को घरो में जाने को मजबूर किया जा सके.  पर इस का भी कोई असर नहीं हुआ.  इस हालात ने दो-तीन घटनाओ की याद ताजा की.  एक घटना गौ रक्षा आंदोलन की . जब गौ हत्या पर बैन के लिए गौ भक्तो ने संसद  घेर ली थी.  कुछ साधु दिवार फांद कर संसद में घुस गए थे. नेहरू ने गोली चलवा दी थी. तब सैंकडो लोग मारे गए थे. दूसरी घटना राजपथ पर टिकैत के धरने की.  अभी हाल ही के सालो में रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के अनशन की..

यूपी-उत्तराखंड के ब्राहमणो पर असर करेंगे एन.डी.तिवारी 

Publsihed: 18.Jan.2017, 22:22

तो आ गए एन.डी.तिवारी भी बीजेपी में . हफ्ते भर से बात चल रही थी. जब सोमवार को यशपाल आर्य बीजेपी में आए  . अपन ने तभी लिख दिया था,अब एन.डी.तिवारी की बारी.  तिवारी ने तीसरी बार दलबदल किया.  शुरु में वह सोशलिस्ट पार्टी में थे. 1952-57 के दो चुनाव प्रजा सोशलिस्ट पार्टी की टिकट पर लडे और जीते.  फिर कांग्रेस में आए. नरसिंह राव के जमाने में कांग्रेस छोड अर्जुन सिंह के साथ मिल कर तिवारी कांग्रेस बनाई.  फिर जब सीता राम केसरी कांग्रेस अध्यक्ष बने तो कांग्रेस में लौटे.  यो तिवारी को  बीजेपी में आना तो मंगलवार को था. पर तिवारी कुछ ज्यादा मांग रहे थे.

पत्नियो का पतियो के लिए चुनावी त्याग 

Publsihed: 18.Jan.2017, 05:44

टिकटो का बंटवारा शुरु हो गया.  और दलदल का मौसम भी.  इधर से टिकट नहीं मिली तो उधर से सही.  उधर से भी नहीं मिली. तो इंडिपेंडंट आजमाएंगे.  विचारधारा अब कोसो पीछे छूट गई. आखिरी दिन भी निष्ठा बदल जाती है. यूपी में भाजपा की पहली लिस्ट में ही 40 गैर भाजपाई बाजी मार ले गए. उत्तराखंड में 14 कांग्रेसी भाजपा के टिकट झटक ले गए.  एक-आध की अभी और भी गुंजाईश. इसी लिए अपन ने लिखा उत्तराखंड सब स्रे पहले कांग्रेस्मुक्त होगा. जब सारी कांग्रेस भाजपा में मिल जाएगी. तो कांग्रेस कहाँ रहेगी. सोमवार को जब भाजपा के टिकट बंट रहे थे. तो अपन को भाजपा दफ्तर में एक पुराना भाजपाई मिला.

सबसे पहले उत्तराखंड कांग्रेसमुक्त होगा

Publsihed: 16.Jan.2017, 17:49

यूपी तो बहुत साल से कांग्रेस मुक्त जैसी ही है. इस बार अखिलेश यादव के सहारे 28 को 50 बनाने की सोच रहे. वैसे जब शीला दीक्षित को सीएम प्रोजेक्ट किया . तो सपना 205 का था. पर पी.के की बनाई खाट टूट गई. तो अब अखिलेश के सहारे मोटरसाईकिल की सवारी होगी. शीला तो बेचारी हो कर दिल्ली लौट रही. यो तो चुनाव आते ही दलबदल का भी मौसम आता है. पर इस बार तो कुछ ज्यादा ही उथल-पुथल हो रही. कांग्रेस से रीटा बहुगुणा जैसी दिग्गज भाजपा में गई . तो बसपा से स्वामी प्रशाद मौर्य जैसा दिग्गज. अब सपा से आगरा के राजा और रानी भाजपा में चले गए. अशोक प्रधान तो पता नहीं क्या सोच कर 2014 में सपा में गए थे.

डिम्पल-प्रियंका के बाद अखिलेश-राहुल के पोस्टर 

Publsihed: 15.Jan.2017, 05:27

सोमवार से चुनावी रंगत चढनी शुरु होगी. बाप-बेटे की लडाई का फैसला सोमवार को होगा. अपन ने कोई 40 साल पहले एक नेता का भाषण सुना था. वोटिंग से पहले वाली रात थी. बंद कमरे में वर्करो की मीटिंग थी. नेता कह रहा था, आज की रात कत्ल की रात है. मतलब यह कि जो करना है,आज की रात कर लो. इसी तरह अखिलेश-मुलायम के लिए आज की रात कतल की रात. घर की बात घर में रह जाए. तो घर की साईकिल भी घर में रह जाएगी. वरना जैसे पुलिस थाने में जब्त वाहनो की हालत होती है. वैसी हालत चुनाव आयोग में जब्त साईकिल की होगी. वापस मिली भी तो आधे पुर्जे नहीं होंगे.  बहुत साल पहले अपन एक पुलिस वाले घर में किराएदार थे.