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Exclusive Articles written by Ajay Setia

क्या दिल्ली विधानसभा भंग होगी 

Publsihed: 26.Apr.2017, 22:55

मुहल्लों में जब औरतों की लड़ाई होती थी , तो जम कर गाली गलौज होता था | औरतें एक दुसरे को शाप देती थी | कोई कहती तुम्हे कीड़े पड़ेंगे, कोई कहती तुम्हें कोढ़ होगा | अरविन्द केजरीवाल ने जब कहा कि आप के बच्चे को डेंगू होगा, चिकनगुनिया होगा तो मुझे मुहल्ले की वो औरतें याद आ गईं |  जब केजरीवाल दिल्ली की जनता को शाप दे रहे थे उन्हें तभी पता था कि वह हार रहे हैं | हार का पता नहीं होता , तो अपने वोटरों को ऐसा शाप क्यों देते | अब वह ईवीएम मशीनों को दोष दे रहे हैं | हार के बाद वह ईवीएम मशीनों को दोष देंगे, यह किस को नहीं पता था | आप की मीटिंग के बाद  दुसरे नंबर के नेता गोपाल राय का बयान था-- "यह

मोदी बस्तर-घाटी में सख्ती करें या आम सहमति बनाएं  ajaysetia 26.Apr.2017, 11:25

देशभक्त कौन है | देशद्रोही कौन हैं | अब यह सवाल उठाना ही जुर्म हो गया | कश्मीर और बस्तर की आज़ादी मांगने वालो से सवाल पूछो , तो जवाब आएगा -" आप से हमें देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए |" वे कहते हैं आज़ादी के नारे लगाना देशद्रोह नहीं है | इन वामपंथियों की बात भारत के किसी नागरिक के समझ नहीं आ रही | सिवा मुट्ठीभर जेएनयूंवादियों के |  जेएनयूंवादियों में अब अपन अब सब फर्जी बुद्धिजीवियों को जोड़ सकते हैं | सोमवार को बस्तर में नक्सलियों ने 26 जवानों की जान ले ली थी | मंगलवार को भी बड़ी बेशर्मी से जेएनयू की वामपंथी टीचर युनियन ने कहा-" कश्मीर और बस्तर में जनता और सरकार के बीच टकराव के मुद्दे ह

जेएनयूवादियों के घाटी,बस्तर में लिंक ढूँढने होंगे ajaysetia 24.Apr.2017, 20:25

कश्मीर मांगे आज़ादी | बस्तर मांगे आज़ादी | ये नारे लगे थे ना जेएनयू में | देश के बुध्दिजीवियों ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी बताया था | सुप्रीम कोर्ट भी इन नारों को देशद्रोह नहीं मानती | सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी ही माना | कोर्ट ने देशद्रोह की अपनी परिभाषा तय कर रखी है | जब तक हथियार न उठाए जाएं ,देशद्रोह नहीं माना जाता | घाटी और बस्तर का लिंक जेएनयू में साफ़ दिखता है | अगर आज़ादी के नारों का घाटी और बस्तर से लिंक न होता | तो जेएनयू में घाटी,बस्तर के नारे क्यों लगते | जेएनयू के नारे घाटी और बस्तर में देशद्रोहियों का हौंसला बढाते हैं | तब से हम उन नारों का असर घाटी में भी देख रहे

रविशंकर प्रशाद ने रखा दुखती रग पर हाथ 

Publsihed: 22.Apr.2017, 23:48

रविशंकर प्रशाद ने शुक्रवार को दुखती रग पर हाथ रख दिया | वह सच बोल रहे थे | बिलकुल वैसा ही सच ,जैसा सुप्रीमकोर्ट का बाबरी पर फैसला आने पर उमा भारती ने बोला था | उमा भारती का निशाना वामपंथी नेता और प्रिंट मीडिया के वामपंथी पत्रकार थे | उमा भारती ने विजुअल मीडिया का आभार जताया | उन ने कहा --"आज तो आप लाईव दिखा कर हमारी बात जनता तक पहुंचा देते हो | 1992 में तो सब कुछ एक तरफा ही हो रहा था |" हाँ , यही सच है | एक तरफा बातें ही जनता तक पहुंचाई जाती थी | सारा माहौल वही बनता था , जो वामपंथी तय करते थे | कांग्रेस के हिन्दू भी वामपंथियों से दब चुके थे | अपन तो हमेशा कहते-लिखते रहे , एक जमाने में कांग्

राष्ट्रपति पद पर सुगबुगाहटें हुई तेज  ajaysetia 22.Apr.2017, 12:04

राष्ट्रपति का चुनाव 25 जुलाई से पहले होना है |  प्रणव मुखर्जी ने 25 जुलाई 2012 को सुबह 11 बजे राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी | उस से पहले नए राष्ट्रपति का चुनाव हो जाना चाहिए | राष्ट्रपति के चुनाव कली प्रक्रिया 45 दिन की है | यानि जून के पहले हफ्ते में चुनाव का एलान हो जाएगा | लोकसभा और राज्यसभा के 776  सांसद और सभी 29  विधानसभाओं के 4120 सदस्य वोट डालेंगे | इन सभी के वोट की वेल्यू  10,98,882 बंटी है | अगर सभी सांसदों और विधायकों के वोट पद जाएं तो भाजपा 5,49,442 वोट चाहिए | हालांकि कुल 4896 सांसदों विधायकों में से अभी एनडीए के पास 2202 , कांग्रेस के पास 1297 और बाकी दलों के

हिन्दू आतंकवाद की साजिश एटीएस-कांग्रेस ने मिल कर रची थी ajaysetia 21.Apr.2017, 18:05

आतंकवाद की झूठी कहानी की परतें उधड़ने लगी हैं | सबूत सामने आ रहे हैं कि लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित के खिलाफ साजिश रची गई थी |  कर्नल पुरोहित को मालेगांव ब्लास्ट में फंसाया गया  था | उन पर मालेगांव ब्लास्ट के लिए बम मुहैया कराने के आरोप  लगाया गया | कर्नल पुरोहित आठ साल से जेल में हैं | दरअसल, पुरोहित सेना के खुफिया विभाग में एक मिशन के तहत काम कर रहे थे ।  देश में सक्रिय कई धार्मिक संगठनों में उन्होंने अपनी पैठ बना ली थी । वहां से मिलने वाली सूचना वह लगातार मिशन मुख्यालय पुणे को भेज रहे थे । इसी दौरान उन्हें  जाली नोटों के व्यापार के कुछ राज़ मिले | अगर ये राज

मंदिर पर मस्जिद,या मस्जिद पर मंदिर 

Publsihed: 19.Apr.2017, 23:50

सुप्रीम कोर्ट भी हद करती है | कभी कहती है आपसी बातचीत से राम जन्मभूमि का हल निकाल लो | कभी कहती है ढांचा टूटने की साजिश का पता लगाओ | कोर्ट विवाद की जड़ में नहीं जाती | हिन्दू मानते हैं वहां पहले रामजन्म भूमि मंदिर था | मीर बाकी ने मंदिर तोड़ कर बाबरी मस्जिद बनाई | अपन ने भी उस ढाँचे को देखा था | अन्दर रखे राम लाला के दर्शन किए थे | वह ढांचा मस्जिद जैसा लगता ही नहीं था | संसद की एक कमेटी भी अयोध्या गई थी | एक कम्युनिस्ट सांसद ने राम लाला के दर्शन करने के बाद पूछा था -" वह मस्जिद कहाँ है | " अपन बात कर रहे थे विवाद की जड़ की | तो विवाद की जड़ है कि बाबरी मस्जिद बनी कैसे थी | रिकार्ड बताता है कि

मोदी की बल्ले बल्ले करने वाली दो खबरें 

Publsihed: 19.Apr.2017, 08:57

सोमवार को गुजरात में जो मोदी का स्वागत हुआ था | विपक्ष पहले से बेहोश हुआ पडा था | ऊपर से मंगलवार को मोदी की ईमेज बढाने वाली दो और खबरें आ गई | पहली खबर दिल्ली की थी | दूसरी खबर लंदन से आई | लंदन की खबर क्योंकि विजया माल्य से जुडी थी , सो बड़ी सुर्खी बनी | विजुअल मीडिया ने विजया माल्य की गिरफ्तारी का हो-हल्ला मचा दिया |  उज्जवल निक्कम ने तभी मीडिया से कहा था-"विजया माल्या को भारत लाना इतना आसान नहीं | अभी तो प्रक्रिया शुरू हुई है | ब्रिटेन की अदालत में सबूत पेश करने पड़ेंगे | तब जा कर प्रत्यार्पण की कार्यवाही शुरू होगी |" मिनटों में विजया माल्य की जमानत हो गई |  विजया माल्य ने तुरंत

पत्थरबाजों की धुनाई और पाक विरोधी नारे भी

Publsihed: 17.Apr.2017, 23:47

राज्यसभा के कांग्रेसी सासंद पी.चिदम्बरम ने भारत का मनोबल गिराना शुरू कर दिया है | पहले उन ने बयान दे कर कहा था-" कश्मीर लगभग हाथ से निकल चुका है |" अब उन ने एक अखबार में लेख लिख कर यही बात कह दी | आतंकवादियों का एक बड़ा समर्थक लोकसभा में भी पहुँच गया | लोकसभा में फारूख अब्दुला आतंकवादियों का झंडा उठाएंगे  | तब तक तो जरूर , जब तक कश्मीर की सत्ता हाथ में न आए | चार फीसदी वोट लेकर लोकसभा में पहुंचे फारूख ने पहली मांग की-"पीडीपी-बीजेपी सरकार बर्खास्त की जाए |" फारूख की प्रोब्लम यह है कि कश्मीर की सत्ता किसी और के हाथ में नहीं देख सकते |  आखिर नेहरू ने अब्दुल्ला परिवार को कश्मीर की सत्त

धर्मेन्द्र प्रधान जैसे क्षत्रपो को उभारेगी भाजपा 

Publsihed: 15.Apr.2017, 23:15

ओड़िसा विधानसभा के चुनाव सर पर नहीं | सर पर तो हिमाचल और गुजरात के चुनाव हैं | इस साल दिसम्बर में इन दोनों राज्यों के चुनाव होंगे | यानि सिर्फ छह महीने रह गए | फिर भाजपा ने अपनी कार्यकारिणी बैठक ओड़िसा में क्यों रखी | ओड़िसा विधानसभा के चुनाव तो लोकसभा के साथ अप्रेल 2019 में होंगे | अभी पूरे दो साल बाकी पड़े हैं | पर भाजपा सूत्रों पर भरोसा करें, तो सरकार चुनाव के मूड में आ गई है | अभी बुधवार को संसद का सत्र समाप्त हुआ | इस सत्र की खासियत यह रही कि एनडीए मीटिंग में 2019 के चुनाव में मोदी को प्रोजेक्ट करने का फैसला हुआ | अपन नहीं जानते कि मोदी ने एनडीए से अपने नाम की मोहर क्यों लगवाई | इस की जरूर