India Gate Se

Exclusive Articles written by Ajay Setia

ट्रम्प और मोदी का इस्लामिक आतंकवाद पर हमला 

Publsihed: 28.Jun.2017, 06:53

अपने यहाँ का मशहूर जुमला है- "आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता |" यह साबित करने के लिए पिछली सरकार ने कई पापड़ बेले | कुछ आतंकवादी वारदातों में हिन्दुओं को फंसा दिया | अब मोदी सरकार आने के बाद यह खुलासा होना शुरू हो गया है | सरकारी अफसर ही खुलासा कर रहे हैं | बता रहे हैं कि लाहौर ट्रेन,अजमेर शरीफ, मालेगांव वारदातों की जांच कैसे बदली गई | लाहौर ट्रेन विस्फोट में पकडे गए तीन लोगों को कैसे छोड़ा गया | इस्लामिक आतंकवाद से ध्यान हटाने के लिए क्या क्या पापड बेले गए | डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने से पहले तक अमेरिका और यूरोप भी इसी लाईन को अपनाते थे | आतंकवाद को किसी धर्म विशेष के साथ जोड़ने से हिचक

मोदी का अमेरिका दौरा और ईद पर नफरत 

Publsihed: 27.Jun.2017, 10:32

यह संयोग है कि ईद के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका में हैं | डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति पद के चुनाव के वक्त मोदी की तारीफ़ किया करते थे | चुनाव के वक्त उन्होंने आतंकवाद को बड़ा मुद्दा बनाया था | उन के निशाने पर अमेरिकी मुसलमान भी थे | ऐसा लगा , जैसे ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका के हालात खराब होंगे | शुरुआत में कुछ जगह नफरत की वारदातें हुई भी | पर जल्दी ही हालात सुधर गए | हालांकि मोदी तीन साल बाद भी अपनी लोकप्रियता बनाए हुए हैं | ट्रम्प तीन महीने बाद भी वह टैम्पो नहीं रख पाए | पर बात ईद की | बीस साल बाद पहली बार व्हाइट हाउस में न तो इफ्तार हुई ,न  ईद मनाई गई | बिल क्लिंटन,

आतंकियों के निशाने पर अब कश्मीरी मुसलमान 

Publsihed: 24.Jun.2017, 06:05

हर शुक्रवार कश्मीर घाटी के लिए मौत का पैगाम लाता है | जुमे की नमाज पर लोग मस्जिद में जुटते है | मस्जिद से निकलते ही कोई न कोई भारत विरोधी वारदात जरुर होती है | सेना पर पथराव तो मामूली बात है | कई बार बम विस्फोट और गोलीबारी | हत्याएं भी जरुर होती हैं | शुक्रवार की इन घटनाओं ने इस्लाम का सिर शर्म से झुका दिया है | इस शुक्रवार की घटना से बहुत सी बातें साफ़ हो गई | श्रीनगर की जामिया मस्जिद के बाहर एक डीएसपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई |  डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित मस्जिद के बाहर सुरक्षा ड्यूटी पर था | आतंकी उसकी हत्या कर सर्विस रिवॉल्वर भी ले गए | मस्जिद के अंदर जब  नमाज अदा हो रही थी |

अब सवाल है उपराष्ट्रपति कौन होगा 

Publsihed: 22.Jun.2017, 23:17

अपन को कोई शक ही नहीं था कि मीरा कुमार विपक्ष की उम्मीन्दवार होंगी | विपक्ष के पास और कोई चारा ही नहीं था | नीतीश कुमार के खिसक जाने के बाद मायावती को साथ बनाए रखना जरुरी था | मायावती ने कह दिया था कि दलित उम्मीन्दवार हुआ | तो वह विपक्ष के साथ रहेंगी | वरना भाजपा के उम्मीन्दवार कोविंद का समर्थन करेंगी | सो मीरा कुमार ही मजबूरी थी | अब दलित पुरुष बनाम दलित महिला हो गया | वैसे कोई लड़ाई है नहीं | कोविंद को दो-तिहाई वोट मिलेंगे | मीरा कुमार को एक-तिहाई | वैसे अपन विश्लेषण करें, तो विपक्ष लेफ्ट ने लड़ाई को कमजोर किया | सोनिया गांधी ने मीरा कुमार का नाम बहुत पहले सुझाया था | अगर विपक्ष अपना उम्मीन

दो-तिहाई वोट ले जाएंगे कोविंद 

Publsihed: 22.Jun.2017, 00:19

जैसा अपन ने बुधवार  के कालम में लिखा था | नीतीश कुमार ने भी एनडीए उम्मींदवार रामनाथ कोविंद के समर्थन का एलान कर दिया | अपन ने 19 जून को अपने कालम में लिखा था- "रामनाथ कोविंद का नाम सुन कर सब से ज्यादा हक्के बक्के तो शरद यादव थे | हक्के बक्के होने का कारण सिर्फ यह नहीं कि भाजपा ने दलित को उतार दिया | उन की आशंका यह भी थी कि नीतीश कुमार ही धोखा दे जाएंगे | यह आशंका सोनिया गांधी को भी है | इस लिए सोनिया गांधी ने फौरन नीतीश कुमार को फोन किया | अब दोनों में क्या बात हुई , यह तो वे दोनों ही बता सकते हैं | पर बाडी लँग्वेज कहती है नीतीश कुमार ने सोनिया के सामने अपनी रिजर्वेशन जता दी है | रामना

जनता शासन का यह लालू चेहरा 

Publsihed: 21.Jun.2017, 06:49

लालू यादव का राजनीति में प्रवेश 1977 में हुआ | तब लालू यादव की आर्थिक हैसियत इनकम टेक्स देने की भी नहीं थी | आज लालू यादव की हैसियट सैंकड़ों करोड़  की है |  1977 में जनता पार्टी का उदय हुआ था | जनता युग तीन साल का ही रहा | फिर 1989 में वीपी सिंह के जमाने में जनता दल के नाम से जनता युग-पार्ट 2 शुरू हुआ | राष्ट्रीय स्तर पर तो जनता युग फिर दो साल ही चला | पर कम से कम चार  राज्यों में जनता युग एक दशक तक रहा | पहले कर्नाटक में और अब यूपी में भी जनता युग खत्म हो गया | अब बिहार और उड़ीसा में ही बचा है | उड़ीसा में भी अंतिम साँसे गिन रहा है | बिहार में नीतीश कुमार और लालू यादव की जोड़ी जन

कोविंद राष्ट्रपति पद पर भाजपा का मास्टर स्ट्रोक

Publsihed: 19.Jun.2017, 17:19

भाजपा ने एनडीए में भी अपनी सर्वोच्चता स्थापित कर दी | पहले उम्मींद थी कि भाजपा एनडीए से विचार करेगी | भाजपा ने एनडीए से विचार नहीं किया | विपक्ष से विचार करना तो दूर की बात | सीता राम येचुरी को जब राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू मिले थे | तब मीटिंग के बाद येचुरी ने मीटिंग को सरकार की पीआर एक्सरसाईज कहा था | सोमवार को  जब भाजपा ने एकतरफा राम नाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीन्दवार बना दिया | तो हक्के बक्के गुलामनबी आज़ाद ने कहा -" सीता राम येचुरी ने ठीक कहा था | वह सिर्फ पीआर एक्सरसाईज ही थी |" असल में कांग्रेस एकतरफा घोषणा से ही हक्की बक्की नहीं है | पढ़े-लिखे दलित नेता का नाम सामने आने

सर्वसम्मति से नहीं चुना जाएगा राष्ट्रपति 

Publsihed: 17.Jun.2017, 00:30

अपन मीडिया वाले तो महीनों पहले से राष्ट्रपति के लिए नाम फैंक रहे हैं | आडवाणी-जोशी के अलावा भी दर्जन भर नाम फैंक चुके | सुषमा स्वराज, सुमित्रा महाजन, द्रोपदी मुर्मू , थावर चंद गहलोत, करिया मुंडा | अब तो ई श्रीधरन और रजनीकांत का नाम भी फैंक दिया | भाई लोगों ने सरसंघ चालाक मोहन भागवत तक का नाम फैंका | पर शुक्रवार को मोदी-अमित शाह के दूत सोनिया गांधी से मिले | तो उन के पास सोनिया को बताने के लिए नाम नहीं था | अमित शाह ने 12 जून को राजनाथ सिंह,वेंकैया और अरुण जेटली को विपक्ष से बातचीत का दूत बनाया था | अब दूत बिना सन्देश के कैसे मिल सकते हैं | इस लिए तीनों ने अमित शाह और मोदी से मुलाक़ात की | पर

साम्प्रदायिक रंग में रंगी पशुवध याचिका पहुँची सुप्रीमकोर्ट 

Publsihed: 15.Jun.2017, 23:00

पहली जून को अपन ने लिखा था -गाय के दूध से रोज़ा छोड़ने की मिसाल | मुद्दा सरकार की पशु बिक्री नीति से उठे बवाल का था | यह अधिसूचना 23 मई को जारी हुई थी | अधिसूचना यह थी कि पशु मेलों में बूचडखानों के लिए पशुओं की बिक्री नहीं होगी | विवाद खडा करने की बात जोह रहे सनकियों ने अधिसूचना को गाय के साथ जोड़ दिया | हिन्दू और मुसलमान का सवाल खडा कर दिया | साम्प्रदायिक माहौल बना दिया गया | जबकि अधिसूचना में गाय के अलावा बैल, सांड,बछिया,बछड़े, भैंस और ऊंट भी लिस्ट में शामिल है | सरकार पशुओं के व्यापार को कानूनी दायरे में लाना चाहती है  | इसी साम्प्रदायिक माहौल में अपन ने मुरादाबाद के मेहंदी हसन  का

कांग्रेस ने पहचान लिए बेरोजगारों-किसानों के मुद्दे 

Publsihed: 14.Jun.2017, 23:08

मुरारी बापू आज-कल केदारनाथ में हैं | कथा के शुरू में उन ने मोदी सरकार के तीन साल का जिक्र किया | उनने कहा कि गुजरात के दिव्य भास्कर ने एक विशेष अंक निकाला | जिस में मोदी के तीन साल का लेखा-जोखा था | दिव्य भास्कर के रिपोर्टर ने बापू से भी फोन कर के पूछा | तो बापू ने उसे कहा-" मैं सब से दूरी रखे हुए हूँ | मुझे कोई लेना देना नहीं राजनीति से | लेकिन मैं इतना कह सकूंगा कि इस आदमी की राष्ट्र भक्ति पर कोई माई का लाल उंगली नहीं उठा सकता |  बाकी राजनीति तो साम दाम दंड भेद की होती है | कोई खुद को दूध का धुला नहीं कह सकता |" यह तो रही बापू की बात | अपन ने मोदी सरकार की तीसरी सालगिरह पर चिंता के प