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Published: 08.Mar.2020, 17:52

अजय सेतिया / आम आदमी पार्टी के विधायक अमान्तुल्ला ने दिल्ली में हिन्दुओं को साम्प्रदायिक हिंसा का निशाना बनाने वाले ताहिर हुसैन के बारे में कहा है कि उन्हें मुसलमान होने के कारण फंसाया गया है | उन्हें यह भी तो कहना चाहिए था कि अरविन्द केजरीवाल ने ताहिर हुसैन को मुसलमान होने के कारण पार्टी से निलम्बित किया है | आखिर पुलिस ने उन्हीं सबूतों के मध्यनजर ताहिर हुसैन को गिरफ्तार किया है, जिन सबूतों के मध्यनजर अरविन्द केजरीवाल ने ताहिर हुसैन को गिरफ्तारी से पहले ही निलम्बित कर दिया था , अलबत्ता ताहिर के खिलाफ तब तक तो कोई केस भी दर्ज नहीं हुआ था , सिर्फ मीडिया ही उन के हिंसा में शामिल होने के सबूत सामने लाई थी |  

टीवी चेनलों पर बहस में शामिल होने वाले सभी मुस्लिम नेता बेशर्मी से अमान्तुल्ला , वारिस पठान , शरजिल इमाम के बाद अब ताहिर हुसैन और शाहरुख का भी बचाव करने लगे हैं | वे कपिल मिश्रा और अनुराग ठाकुर को गिरफ्तार करने की मांग करते हैं और हिंसा करते हुए सबूतों के साथ पकड़े गए ताहिर हुसैन और शाहरुख को मासूम बताते हैं | सिर्फ मुस्लिम ही नहीं सेक्यूलरिज्म का झंडा उठाने वाल…

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Published: 05.Mar.2020, 21:38

अजय सेतिया / लोकसभा स्पीकर ओम बिडला ने जो कहा , वह किया | उन्होंने सदन में कहा था कि अगर कोई भी सदस्य अपने बेंचों की सीमा लांघ कर सामने वाले पक्ष के बेंचों की ओर जाएगा तो वह उसे सत्र की शेष अवधि के लिए निलम्बित करेंगे | उन की इस चेतावनी के एक घंटे बाद ही कांग्रेस के सदस्य अपने नेता अधीर रंजन चौधरी की अगुवाई में सत्ताधारी बेंचों की तरफ वेल में चले गए | अपन को भी संसद की कार्यवाही को कवर करते और देखते 27 साल हो गए | अपन ने कभी भी विपक्ष के नेता को वेल में जाते नहीं देखा था | अपने नेता के इशारे पर विपक्ष के सांसद जरुर वेल में जाते हैं , लेकिन विपक्ष का नेता खुद वेल में जाता कभी नहीं देखा था |

जैसा नेता वैसी प्रजा वाली बात साबित हो रही है | बंगाल से ही पहली बार जीत कर आई महुआ मित्रा ने सदन में अपने पहले भाषण से वाहवाही लूटी थी | उसी महुआ मित्रा ने सदन पटल पर रखे कागज उठा कर न सिर्फ फाड़े बल्कि टुकड़े टुकड़े कर के स्पीकर की तरफ उछाल दिए | वह तो शुकर है कि स्पीकर ने सत्ता पक्ष के सांसदों को वेल में आने से रोक दिया था , वरना सदन उसी दिन बंगाल की राजनीति का नजारा देख लेता…

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Published: 04.Mar.2020, 15:26

अजय सेतिया  / यूएनएचआरसी यानी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद या तो भारत के अपने वामपंथी मित्रों और उन के झोलाछाप गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के बहुत ज्यादा प्रभाव में है या फिर पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रही है | उस ने भारत की सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता संशोधन क़ानून की संवैधानिक वैधता पर दायर मुकद्दमे में खुद को पार्टी बनाने की याचिका दाखिल करने का फैसला किया है | अगर वह अपने भारतीय वामपंथी एनजीओ के सलाहाकारों की सलाह पर यह कदम उठा रहा है , तो वह भारी गलती कर रहा है क्योंकि उन के गुजरात के सम्बन्ध में लगाए गए सारे आरोप भी गलत साबित हुए थे |

इन्हीं संगठनों की अंतर्राष्ट्रीय साजिश के चलते ब्रिटेन, अमेरिका और कई यूरोपियन देशों ने नरेंद्र मोदी पर धार्मिक उत्पीडन और मानवाधिकार उलंघन का आरोप लगाते हुए उनकी यात्राओं पर रोक लगा दी थी | मार्च 2005 में जब मोदी को एशियन-अमेरिकन होटल मालिकों की एसोसिएशन ने अपने कार्यक्रम में आमंत्रित किया था तो अमेरिका ने उन्हें कूटनीतिक वीजा देने से इनकार कर दिया था और पर्यटक वीजा भी रद्द कर दिया था | अंगना चटर्जी नाम की वामपंथी ने 125…

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Published: 03.Mar.2020, 16:25

अजय सेतिया / पांच साल की वाह-वाही के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार गम्भीर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं | जैसे ही वह भाजपा के कोर मुद्दों पर आए हैं 2002 से 2014 वाली नफरत की राजनीति फिर शूरू हो गई है | महाराष्ट्र और झारखंड में सत्ता से बाहर होने और हरियाणा में जोड़-तोड़ की सरकार बनने से मोदी पर शुरू हुआ राहु काल दिल्ली के दंगों तक आ पहुंचा है | दिल्ली के दंगों ने मुर्दा विपक्ष में इतनी जान फूंक दी है कि भारी बहुमत के बावजूद मोदी सरकार संसद नहीं चला पा रही | पहले लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति शोर शराबे के बीच बिल पास करवा लिया करते थे ,लेकिन इस बार वह भी सम्भव होता नहीं दिख रहा |

सोमवार को कांग्रेस के सांसद काला बैनर ले कर सत्ता पक्ष के बेंचों पर पहुंच गए तो स्पीकर ओम बिडला ने क्षुब्ध हो कर सदन की कार्यवाही यह कहते हुए स्थगित की कि वह तब तक कार्यवाही नहीं चलाएंगे , जब तक नेता डेकोरम बनाए रखने पर सहमत नहीं होते | डेकोरम बनाए रखने की सहमति के लिए उन्होंने मंगलवार को सभी दलों के नेताओं की मीटिंग भी बुलाई , मीटिंग में एक दूसरे पक्ष के बेंचों की तरफ न जाने की सहमति भी हुई…

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Published: 02.Mar.2020, 20:59

अजय सेतिया / भारत की सेक्यूलर जमात इस शब्द से बिदक जाती है , लेकिन सारी दुनिया में यह शब्द आने वाले खतरे के रूप में देखा-समझा जा रहा है | यह शब्द है रेडिकल इस्लाम यानी कट्टर इस्लाम | भारत की तरह दुनिया इस वास्तविकता से मुहं नहीं चुरा रही | इस लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बेझिझक इस्लामिक आतंकवाद के खतरों का जिक्र करते हैं | पूरी दुनिया रेडिकल इस्लाम से दहशत के साये में जी रही है | कभी उन की संख्या मुठ्ठी भर हुआ करती थी , लेकिन आज उन की संख्या करोड़ों में पहुंच गई है |

भारत के एक मुस्लिम नेता वारिस पठान ने तो सभी भारतीय मुसलमानों के बारे में दावे से कह दिया है कि वे सब रेडिकल इस्लाम में विशवास रखते हैं | क्योंकि उन्होंने कहा है कि 15 करोड़ मुसलमान 100 करोड़ हिन्दुओं पर भारी पड़ेंगे | भारत के सभी भाजपा विरोधी सेक्यूलर दल भाजपा को रेडिकल हिंदूवादी पार्टी मानते हैं तो भी उन्हें रेडिकल इस्लाम के खतरों से तो मुहं नहीं चुराना चाहिए | वे वास्तविक सेक्युलर दल तो तभी बन सकते हैं , जब दोनों तरह के कट्टरवाद का खुल कर विरोध करें , लेकिन जब मुस्लिम आतंकवाद या हिन्दुओं के खि…

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Published: 01.Mar.2020, 21:47

अजय सेतिया / दिल्ली की हिंसा थम गई है या तूफ़ान से पहले की शान्ति है | जिस तरह के वीडियो सामने आए हैं , उस से स्पष्ट है कि दंगों की तैयारी अगर बहुत लम्बे समय से नहीं , तो कम से कम 15 दिसम्बर से तो जरुर की जा रही थी | चौदह दिसम्बर को सोनिया गांधी ने रामलीला मैदान में नागरिकता संशोधन क़ानून के खिलाफ मुसलमानों को सडकों पर आने का आह्वान किया था | अगले दिन ही जामिया मिल्लिया के छात्र सडकों पर आ गए थे और जगह जगह पर हिंसा हुई थी | वह हिंसा का पहला दौर थी , और दूसरा दौर पूरी तैयारी के साथ 23 फरवरी को शुरू हुआ | जब 22 फरवरी की रात को भारी तादाद में मुस्लिम औरतें अचानक जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास जमा हो गई और शाहीन बाग़ के बाद जाफराबाद की सडक पर भी कब्जा कर लिया गया |

आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक और अभी भाजपा के मुखर वक्ता बन कर उभरे कपिल मिश्रा ने जाफराबाद पहुंच कर पुलिस को अल्टीमेटम दिया कि वह तीन दिन के अंदर जाफराबाद की सडक को खाली करवाए , नहीं तो लोग पुलिस की भी नहीं सुनेंगे | कहा जा रहा है कि कपिल मिश्रा के इस बयान के कारण हिंसा भडक गई | कितना हास्यस्पद है | कपिल मिश्रा…

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Published: 27.Feb.2020, 20:25

अजय सेतिया / दिल्ली में कपिल मिश्रा हिन्दुओं के और ताहिर हुसैन मुसलमानों का चेहरा बन गए हैं | भाजपा कह रही है कि हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा के पीछे आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन का हाथ है , जिस के घर में पत्थरों –इंटों और तेज़ाब का जाखीरा पकड़ा गया है | आई बी अफसर अंकित शर्मा के घर वालों ने आरोप लगाया है कि हत्या ताहिर हुसैन ने की थी | अंकित शर्मा का शव ताहिर हुसैन के घर के साथ ही गंदे नाले में मिला था | सोशल मीडिया पर एक वीडियो चल रहा है , जिस में उस नाले और ताहिर हुसैन के घर और फेक्ट्री की छत को दिखाया जा रहा है | छत पर ताहिर हुसैन खुद डंडा ले कर खड़ा है | ताहिर हुसैन ने कबूल कर लिया है कि वीडियो में दिख रहा आदमी वही है , लेकिन उस ने सफाई दी है कि कुछ लोग उस की फेक्ट्री की छत पर चढ़ गए थे , जिन्हें वहां से निकालने के लिए वह छत पर गए थे |

ताहिर हुसैन की फेक्ट्री और छत पर पत्थरों –इंटों और तेज़ाब का जाखीरा पकड़े जाने के बाद उन की फेक्ट्री को सील कर दिया गया है | आम आदमी पार्टी ताहिर के बचाव में आ गई है , सौरभ भारद्वाज से ले कर खुद केजरीवाल तक उस के  बचाव में उतर आ…

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Published: 20.Feb.2020, 14:38

अजय सेतिया/ सुप्रीमकोर्ट से हारने के बाद भी सेक्यूलर गेंग ने हिन्दुओं को आहत करने वाली हरकतें नहीं छोडी | जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने नृत्य गोपाल दास और चम्पत राय को ट्रस्टी बना कर अध्यक्ष और महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी तो यह यह सेक्यूलर गैंग कुछ क्षणों में ही सोशल मीडिया पर इन दोनों के खिलाफ एक्टिव हो गया | लिखा गया कि बाबरी मस्जिद तोड़ने की साजिश वाले मामले में दोनों चार्जशीटेड हैं | सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद भी उन्हें वह ढांचा मस्जिद लगता है , जो फैसला उन की पसंद का हो , वह संवैधानिक , जो उन की विभाजनकारी नीतियों को सूत न करता हो उसे मंजूर नहीं करेंगे | सेक्यूलर गैंग मुसलमानों को हिन्दुओं के खिलाफ भडकाने का कोई मौक़ा नहीं चूकता | 

नृत्य गोपाल दास और चम्पत राय ने रामजन्मभूमि आन्दोलन में अपना जीवन खपाया है | रामजन्मभूमि मंदिर के पक्ष में फैसला सुनने के लिए विष्णु हरी डालमिया , आचार्य गिरिराज किशोर और अशोक सिंघल तो मौजूद नहीं हैं , जिन्होंने आन्दोलन को चरम पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी , लेकिन नृत्य गोपाल दास और चम्पत र…

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Published: 19.Feb.2020, 10:42

अजय सेतिया / शाहीन बाग़ में बैठे प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीमकोर्ट की ओर से भेजे गए वार्ताकारों साधना रामचंद्रन और संजय हेगड़े के सामने भी महिलाओं को आगे कर दिया | जो नागरिकता क़ानून वापस लेने तक एक ईंच भी नहीं हटने पर अड़ी रहीं | नतीजा नहीं निकलना था और नहीं निकला | वार्ता अभी और चार दिन जारी रहेगी | देश की सहानुभूति हासिल करने के लिए दादियों , नानियों वाला लेफ्ट का नरेटिव चल निकला है | वार्ता कर के बाहर निकली साधना रामचंद्रन ने भी दादियों शब्द का इस्तेमाल किया | अनपढ़ बूढ़ी औरतों को सामने रख कर संविधान की लड़ाई लडी जा रही है , तो देशवासी इस का मतलब समझ सकते हैं |

अब यह बात खुल रही है कि विदेशी चंदों के माध्यम से मोदी के खिलाफ 2002 से 2014 तक मुहीम चलाते रहे वामपंथी एनजीओ के गिरोह इस धरने को गाईड कर रहे हैं | मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही विदेशी चंदे के दुरूपयोग की जांच शुरू करवा दी थी और चन्दा हासिल करने के नियम सख्त बना दिए थे | तब से ये सारे एनजीओ कोई न कोई बलवा करते रहते हैं | सुप्रीमकोर्ट ने साधना रामचंद्रन और संजय हेगड़े को धरने का स्थान बदलने के लिए राजी करने का जिम्मा…

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Published: 18.Feb.2020, 10:37

अजय सेतिया  / जनता दलयू से निकाले जाने के बाद प्रशांत किशोर नया ठिकाना ढूंढ रहे हैं | दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्होंने अरविन्द केजरीवाल को एक दो टोटके दिए होंगे , लेकिन वह जीत का श्रेय खुद लेने लग गए हैं | इसी तरह 2014 में उन्होंने मोदी की जीत का श्रेय लिया था , तो मोदी ने दूध से मख्खी की तरह निकाल बाहर किया था | नीतीश कुमार को राजनीतिक विचारधारा का ज्ञान देने लगे , तो उन्होंने भी दूध से मक्खी की निकाल बाहर फैंका | अब केजरीवाल निकाल बाहर करेंगे , क्योंकि जब उन्होंने जीत का श्रेय लेने वाले प्रशांत भूषण , प्रो.आनंद कुमार , योगेन्द्र यादव , कुमार विशवास  को निकाल बाहर किया तो प्रशांत किशोर किस बाग़ की मूली हैं |

याद आता है एक पत्रकार ने चेनल बदला था , नए चेनल के सम्पादक के नाते जब वह लालू यादव का इंटरव्यू लेने गया तो लालू यादव ने कहा ,अरे तुम तो उस चेनल में थे , इस पर पत्रकार महोदय ने कहा कि इस चेनल को बहुत ठीक करने की जरूरत है , मुझे चेनल ठीक करने के लिए लाया गया है | यह बात रिकार्ड हो गई थी , किसी ने वह रिकार्डिंग चेनल के मालिक को सुना दी और अगले दिन पत्रका…

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