Edit Page

मोदी इस्राईल की रणनीति कब अपनाएंगे 

Publsihed: 13.Jul.2017, 06:55

अजय सेतिया / सोमवार रात अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में अमरनाथ यात्रा से लौट रहे सात तीर्थ यात्री मारे गए | आतंकी कामयाब हो जाते तो बस पर सवार सभी 61 यात्री मारे जाते | जैसे ही बस पर गोली चली बस के चालक शेख सलीम गफ्फूर ने बस को भगा कर आतंकियों की साजिश नाकाम कर दी | पाकिस्तान साम्प्रदायिक दंगे करवाने के विफल हो गया | अनंतनाग में 100-150  हिदू तीर्थ यात्रियों को मार कर मुसलमानों के खिलाफ दंगे फैलाने की साजिश थी | बिलकुल गोधरा ट्रेन के डिब्बे को जलाने जैसी साजिश |  उस साल 2002 में जब केंद्र में भाजपा की वाजपेयी सरकार थी दो बार ऐसी ही साजिश रची गई थी , जिस में वह किसी

कमल दा का कमरा  ( यादों के झरोखे )

Publsihed: 05.Jul.2017, 22:57

प्रदीप रावत / अब तो मानना ही होगा कि कमल दा नहीं रहे। उनको विदा करने गया था। कमल दा से मिलने के लिए रात को तो नहीं जा पाया, पर रातभर जागने के बाद सुबह ही चल दिया उनसे मिलने। कफन में लिपटे उनको देखा। मुझे लगा बात करेंगे। पर ओ सो चुके थे। कभी नहीं जागने के लिए। काफी देर तक उनके पास ही खडा रहा, लेकिन फिर अचानक ख्‍याल आया कि उनका कमरा देख आता हूं। जहां हम भी कई बार जाया करते थे। उनसे कुछ सीखने। कमरे में पहुंचा। जैसे पहले था। कमरा बिल्‍कुल वैसा ही था। बस उसमें वह जिंदादिली नहीं थी, जो कमल दा के होने का भान कराती। अच्‍छी तरह से निहारा। एक कोने में हमारी संस्‍कृति के अवशेष झांक रह

कमल दा....ऐसे भले कोई छोड़कर जाता है...?

Publsihed: 04.Jul.2017, 15:28

प्रदीप रवात / कमल दा, जोशी जी और कुछ लोगों के लिए फिदेल कास्‍त्रो भी। पर मेरे लिए मेरे आदर्श श्री कमल जोशी जी। अभी एक सप्‍ताह ही तो हुआ था। मेरी फेसबुक पर पोस्‍ट पर उनका कमेंट आया था। लिखा था प्राउड ऑफ यू प्रदीप। आखिरी बार उनसे 15-16 मई के आसपास बात हुई थी। उनके नहीं रहने की खबर सुनने के बाद पहले तो विस्वास ही नहीं हुआ। कोटद्वार के साथी विजय पाल रावत ने फोन पर जानकारी दी। विजय ने जोशी जी के नहीं रहने की बात कहते ही मैंने उनसे सवाल किया। विजय क्‍या ऐसा हो सकता है....? विजय का जवाब था, नहीं। फिर कैसे कह रहे हो कि उन्‍होंने आत्‍महत्या की है....?

अब कश्मीरी मुस्लिम आतंकियों के निशाने पर 

Publsihed: 27.Jun.2017, 18:27

मुद्दा अब कश्मीर की आज़ादी का  नहीं , इस्लाम का शासन लागू करने का हो गया है | रास्ते में आने वाले कश्मीरी मुसलमानों को भी मारा जा रहा ,भले ही वह सेना का अधिकारी लेफ्टिनेंट उमर फयाज हो या डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित हो | पीडीपी- भाजपा सरकार फेल हो गई है ,कश्मीर फिर राष्ट्रपति राज की ओर बढ़ रहा है | 

कश्मीर में भारत से गलती कहां हुई 

Publsihed: 25.Jun.2017, 13:35

हाल ही के भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद जिस तरह घाटी के पांच जिलों में जश्न मनाया गया, उस ने इन सम्भावनाओं को पूरी तरह नकार दिया है कि अब घाटी के मुसलमानों से बातचीत का रास्ता खुल सकता है | 

क्या आज वाकई योग दिवस है?

Publsihed: 21.Jun.2017, 07:21

आजकल हम आसन को योग और पत्ती को पेड़ कहा करते हैं!

त्रिभुवन /और जिसे योग कहा जा रहा है क्या वह योग है? आप अगर महर्षि पतंजलि मुनि के "योगदर्शन" को देखेंगे तो लगता है, पूरे देश के कुओं में भांग घुली है और योग के बारे में कोई कुछ नहीं जानता। दुनिया में योग के नाम पर भ्रम फैलाए जा रहे हैं।

भारतीय दर्शन के एक विनम्र विद्यार्थी के नाते मैं कुछ तथ्यात्मक बातें आपसे इस मौके पर साझा करना चाहता हूं। हालांकि यह तय कि बहुत से लोग इसे अनावश्यक और सिर्फ़ आलोचना का विषय समझेंगे।

कोविंद राष्ट्रपति पद पर भाजपा का मास्टर स्ट्रोक

Publsihed: 20.Jun.2017, 08:51

अजय सेतिया / राष्ट्रपति पद पर उम्मीन्दवार तय करने के मामले में स्पष्ट बहुमत न होने के बावजूद भाजपा ने विपक्ष तो दूर की बात एनडीए से  भी सलाह-मशविरा नहीं किया | वैसे तो शिवसेना के अलावा एनडीए में कोई ऐसा प्रभावशाली दल नहीं है, जो भाजपा के उम्मीन्दवार का विरोध करने की हिम्मत दिखा सकता, फिर भी जब एक एक वोट की जरुरत हो और भाजपा को करीब 20 हजार वोटों की कमी पड रही थी, तो माना जा रहा था कि भाजपा कम से कम शिवसेना से तो सलाह मशविरा करेगी, जिस के करीब 26 हजार वोट हैं | पहले उम्मींद थी कि भाजपा एनडीए के अलावा विपक्ष से भी  विचार विमर्श करेगी, अमित शाह ने तीन सदस्यीय कम

राष्ट्रपति भवन में सरसंघ चालक के जाने का मतलब

Publsihed: 18.Jun.2017, 17:39

अजय सेतिया / राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ की दूरी खत्म करने का रिकार्ड बनाया है | प्रणव मुखर्जी देश के पहले राष्ट्रपति बन गए हैं जिन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपति भवन में भोज पर आमंत्रित किया | वैसे मोहन भागवत पहले भी दो बार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिल चुके हैं | यानी ये इन नेताओं की पहली मुलाकात नहीं थी |  

शौ-बिज में बच्चो से काम करवाने का भी बना क़ानून-कायदा 

Publsihed: 14.Jun.2017, 13:10

अजय सेतिया / टेलीवीजन की दुनिया ने व्यस्क, अवयस्क तो क्या बच्चों की भी जीवन शैली बदल दी है | जब से टेलीवीजन की दुनिया ने बच्चो में छिपे कलाकार की खोज करना शुरू किया है, तब से तो बच्चो का दिन रात का चैन गायब होता जा रहा है | उब की ज्यादा दिलचस्पी उन विषयों की तरह हो गई है, जिन के माध्यम से टेलीवीजन के मुकाबलों में हिस्सा लिया जा सकता है | बच्चों का ध्यान पढाई से हट कर टीवी आर्टिस्ट बनने की ओर आकर्षित हुआ है | बड़ी तादाद में बच्चे कलाकार बनने के लिए टीवी मुकाबलों में हिस्सा ले रहे हैं , जिस की ट्रेनिंग और रिहर्सल में उन से दिन-रात मेहनत करवाई जाती है, अनेक बच्चों की पढाई तक छू

बाल श्रम पर आधे-अधूरे मन से रोक 

Publsihed: 13.Jun.2017, 12:41

अजय सेतिया / भारत सरकार के श्रम मंत्रालय ने 2016 में बाल श्रम रोकने के लिए बने नए क़ानून की नियमावली जारी कर दी है | साल भर पहले जब क़ानून पास होने की प्रक्रिया चल रही थी, तब बच्चों के क्षेत्र में काम करने वाले एनजीओ के साथ श्रम मंत्री की एक बैठक हुई थी | इस बैठक से पहले बिल संसद में पेश हो चुका था, इस बिल पर कार्यकर्ताओं को दो बड़ी आपत्तियां थीं, पहली यह कि जब किशोर न्याय अधिनियम में बच्चे की आयु 18 वर्ष तय की गई है, तो नए क़ानून में सिर्फ 14 वर्ष की आयु तक के बच्चे को बाल श्रम निषेध के कानूनी दायरे में क्यों रखा जा रहा | दूसरी आपत्ति यह थी कि बच्चो को अपने पारिवारिक कार्य में