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Exclusive Articles written by Ajay Setia

संसद सत्र आज से, विपक्ष पर क्रास वोटिंग की मार भी आज 

Publsihed: 16.Jul.2017, 22:09

सोमवार से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है | सत्र  हंगामेदार होना है, ऐतिहासिक भी | पहले हंगामों की चर्चा | किसानों की आत्महत्या का मामला है | जीएसटी से व्यापारियों की नाराजगी का मुद्दा है | अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमला | गौहत्या के मामलों में पकड़ पकड़ कर हत्या के मामले | मोदी को इस का पता है, वह दो बार चिंता जाहिर कर चुके | सन्डे की मीटिंग में फिर कहा-"गौहत्या के नाम पर हत्याएं करने वाले गौभक्त नहीं हैं |" इस के अलावा चीन के साथ सिक्किम सीमा पर तनाव | भले ही शनिवार को राजनाथ सिंह ने मीटिंग बुला कर चीन बार्डर के हालात बता दिए | पर विपक्ष संतुष्ट नहीं | वह संसद में मोदी का बयान मांगेगा

बोफोर्स घोटाला और नीतीश का आदर्शवाद 

Publsihed: 14.Jul.2017, 22:21

कांग्रेस के लिए भ्रष्टाचार कभी मुद्दा नहीं रहा | अलबत्ता भ्रष्टाचार पर पर्दा डालना कांग्रेस का मुद्दा रहा है | नीतीश बाबू उम्मींद कर रहे हैं कि लालू परिवार के भ्रष्टाचार पर कांग्रेस उन का साथ दे | क्या नीतीश कुमार को कांग्रेस से यह उम्मींद पालनी चाहिए | 2004 में कांग्रेस ने सत्ता में आते ही सब से पहले बोफोर्स घोटाले की फाईल बंद करवाई थी | क़ानून मंत्री हंस राज भारद्वाज ने डंके की चोट पर हाई कोर्ट से बंदोबस्त कर लिया था | फिर सुप्रीम कोर्ट जाने की इजाजत न सीबीआई ने माँगी | न मनमोहन सरकार को खुद-बी-खुद देनी थी | इस तरह बड़ा घोटाला दबा दिया गया | गुरुवार को संसद की लोक लेखा समिति में बोफोर्स का

सौदेबाजी के माहिर हैं सुशाषण बाबू नीतीश कुमार 

Publsihed: 12.Jul.2017, 23:22

महागठबंधन धीरे-धीरे दरक रहा है । सिद्धांतहीन गठबंधन कुछ दिन तो चल सकता है । पर लम्बा नही चल सकता । लालू यादव के साथ राजनीति करना इतना ही आसान होता । तो पहले ही जार्ज और नीतिश अलग क्यो होते । यूपीए राज तक चारा घोटाले में लालू यादव का कुछ नहीं बिगड़ा था । कांग्रेस 1999 से लगातार लालू को बचा रही थी | जब कांग्रेस ने सौदेबाजी कर राबडी को सीएम बनवाया था | जब यूपीए सरकार बनी, तो लालू को रेल मंत्री भी बनाया | यूंपीए -1 में सब मंत्री लूट रहे थे, तो लालू यादव ने भी बहती गंगा में हाथ धोए | हाल ही में लालू यादव ने दावा किया कि वह चाहते तो जितना चाहे कमा लेते | पर कमाया कुछ नहीं | सीबीआई  और ईडी आए

वामपंथी टोला चाहता है आतंकियों पर दमन न हो

Publsihed: 12.Jul.2017, 12:39

सोमवार रात अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में सात तीर्थ यात्री मारे गए | आतंकी कामयाब हो जाते तो बस पर सवार सभी 61 यात्री मारे जाते | बस के चालक शेख सलीम गफ्फूर ने आतंकियों की साजिश नाकाम कर दी | जैसे ही बस पर गोली चली गफ्फूर ने बस भगा दी | पाकिस्तान साम्प्रदायिक दंगे करवाने के विफल हो गया | अनंतनाग में 100-150  हिदू तीर्थ यात्रियों को मार कर मुसलमानों के खिलाफ दंगे फैलाने की साजिश थी | गोधरा ट्रेन के डिब्बे को जलाने जैसी साजिश थी | पाकिस्तानी आतंकियों ने इसी इरादे से अमरनाथ यात्रियों पर हमला किया था | गुजरात की बस को निशाना बनाया जाना भी शक पैदा करता है | बस का रास्ते में पंक्चर होना भी इ

राहुल की चीन के राजदूत से मुलाक़ात का बवाल 

Publsihed: 10.Jul.2017, 22:34

यह सचमुच गंभीर मामला है | सिक्किम सीमा पर तनाव को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है | न यह भाजपा के लिए ठीक है, न कांग्रेस और वामपंथियों के लिए | वामपंथियों का चीन प्रेम जगजाहिर है | पर कांग्रेस का 1962 में ही चीन से मोहभंग हो गया था | राजीव गांधी ने जरुर 1988 में चीन यात्रा की थी , जिस से संबंधों में जमी बर्फ पिघली थी | तब भी कांग्रेस ने चीन से प्यार की पींगें तो नहीं डाली थीं | पर कांग्रेस का मौजूदा नेतृत्व अब यह क्या कर रहा है | पहले राहुल गांधी ने चीन पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया | जो सीमा पर तनाव के चलते अनुचित था | वह कांग्रेस अध्यक्ष भी होते, तो भी यह सवाल उचित नहीं होता | व

मोदी की चुप्पी के हैं कूटनीतिक मतलब 

Publsihed: 08.Jul.2017, 00:28

कई बार लगता है राहुल गांधी अपन से भी सलाह ले लिया करें | कम से कम राहुल के मौजूदा सलाहाकारों से बेहतर साबित होऊंगा | अब राष्ट्रपति का उम्मीन्दवार तय करने के वक्त वह ईटली क्यों गए | मध्यप्रदेश के किसान आन्दोलन को बीच में छोड़ कर ईटली चले गए | लौटे तो ट्विटर पर पूछ रहे हैं कि मोदी चीन पर क्यों नहीं बोलते | राष्ट्रीय स्तर के किसी नेता की राजनीतिक समझ इतनी कम हो सकती है क्या | तीसरी बार एमपी बने किसी राष्ट्रीय नेता की कूटनीति समझ इतनी कम हो सकती है क्या | कांग्रेस के नेता उन्हें सोनिया गांधी का विकल्प समझ रहे हैं | राहुल गांधी खुद कांग्रेस जैसी महान पार्टी का अध्यक्ष बनने की तैयारी में नहीं हैं

भारत को चिंता भूटान की नहीं, सिक्किम की करनी पड़ेगी 

Publsihed: 07.Jul.2017, 09:48

चीन दबाव की कूटनीति खेल रहा है | अपनी तरफ से कोई बयानबाजी नहीं हो रही | अरुण जेटली ने सिर्फ एक बयान दिया | वह भी तब, जब चीन ने 1962 की याद दिलाई | जेतली का वह एक बयान चीन पर भारी पडा हुआ है | चीन की तरफ से आए दिन बयानबाजी हो रही है | अब जी-20 में बातचीत से इनकार कर दिया | असल में चीन ने कभी सोचा नहीं था कि भारत की सेना उन के सामने आ खडी होगी | जिस तिराहे पर अपनी सेना भूटान  के साथ खडी है | उस पर अपना कभी दावा भी नहीं रहा | अलबता सिक्किम पर चीन दावा करता रहा है | चीन की ताज़ा धमकी है कि भारत की फौजें वहां से न हटी ,तो वे हटा देंगे | अपन नहीं जानते मोदी सरकार ने क्या सोच कर भूटान की मदद क

बंगाल में साम्प्रदायिक हिंसा से राजनीतिक टकराव 

Publsihed: 05.Jul.2017, 22:36

बंगाल जल रहा है | शुरुआत पिछले शुक्रवार एक छोटी सी जगह बदुरिया से हुई थी | सत्रह साल के एक बच्चे की फेसबुक पर आपतिजनक टिप्पणी से हिंसा भड़की | जेजे एक्ट के अनुसार बच्चे को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए | गिरफ्तार किया गया, तो उसे थाने में नहीं रखा जाना चाहिए | उसे फौरन आबजर्वेशन होम भेजा जाना चाहिए | बच्चा हिन्दू था, उस की टिप्पणी भारतीय संविधान के खिलाफ थी | आप किसी अन्य के धर्म की आलोचना-निंदा नहीं कर सकते | बच्चे की टिप्पणी इस्लाम के खिलाफ थी | यह अपराध है | बच्चे को गिरफ्तार कर लिया गया | इस के बावजूद सैंकड़ों हिन्दुओं के घर जला दिए गए | सैंकड़ों कारे,बसें,ट्रक जला दिए गए | उस नादान बच्चे

मोदी की इस्रायल यात्रा ने बदल डाली कूटनीति 

Publsihed: 04.Jul.2017, 23:13

मोदी के इस्रायल जाने से कईयों के सीने पर सांप लौट रहा है | असादुद्दीन ओवेसी ,माजिद मेमन, सलमान खुर्शीद , आजमों , सलीमो , अब्दुल्लाहों ,अजमालों , मदनियों , बुखारियों , बरक्तियों और न जाने किस किस के बयान आ रहे हैं |  गांधी, नेहरु,इंदिरा की विदेश नीति भी इन्हीं के इशारों पर चल रही थी | खुद महात्मा गांधी इस्रायल को अलग देश बनाए जाने के खिलाफ थे | इस लिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन के विभाजन का विरोध किया था | पर गांधी की हत्या के बाद ही संयुक्त राष्ट्र ने इस्रायल का प्रस्ताव पास कर दिया था | नेहरु तो इस्रायल को मान्यता देने को भी तैयार नहीं थे | वह तो अमेरिका के दबाव में मान्यता द

नीतीश न "खुशामद" करेंगे, न "गुलाम" बनेंगे 

Publsihed: 04.Jul.2017, 08:33

नीतीश कुमार को समझना सचमुच मुश्किल है | वह एक कदम आगे,तो दो कदम पीछे चलते हैं | एक पल वह कांग्रेस की खिल्ली उड़ाते हैं, दुसरे ही पल कहते हैं कांग्रेस बड़ी पार्टी है | क्या राहुल गांधी के नेतृत्व को ले कर लुक्का-छिपी हो रही है | कांग्रेस राहुल गांधी को नरेंद्र मोदी का विकल्प मानती है | यह नीतीश कुमार के गले नहीं उतरता | सोमवार को नीतीश कुमार ने इसे ही इशारों में कहा | पटना में हुई प्रेसकांफ्रेंस में वह बोले- " हमने राहुल गांधी से कहा था कि कांग्रेस एक बड़ी पार्टी है |  पहल करें, एजेंडा तय करें | वैकल्पिक राजनीति वक्त की मांग है |  सिर्फ एकता की बात करने से काम नहीं चलता | राष्ट्रीय स