India Gate Se

Published: 23.Jan.2020, 16:18

अजय सेतिया / आप को अनुराग कश्यप , विशाल भारद्वाज , नंदिता दास, अपर्णा सेन ,सिद्धार्थ मल्होत्रा , परिणिति चोपड़ा , स्वरा भास्कर, राकेश ओम प्रकाश मेहरा , सुशांत सिंह जैसे अनेक हिन्दू फ़िल्मी कलाकार मिल जाएंगे जो नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध कर रहे हों | इन सब को इस से कोई फर्क नहीं पड़ता कि पाकिस्तान , बांग्लादेश या अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों की जिंदगी नर्क बनी हुई है या नहीं | इन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि पाकिस्तान में आए दिन दलित हिन्दू , सिख , ईसाई नाबालिग बच्चियों का अपहरण और बलात्कार हो रहा है | इन्हें फर्क इस बात का पड़ता है कि पाकिस्तान , बांग्लादेश और अफगानिस्तान के मुस्लिम दर्शक रूठ गए तो उन का फ़िल्मी बिजनेस चोपट हो जाएगा |

यह तो है स्वार्थी हिन्दू कलाकारों की बात , जो खुद को धर्म से ऊपर उठा हुआ बता कर इंसानियत का ढोंग रचते हैं | वे बता नहीं पाते कि हिन्दू , सिख , ईसाई बच्चियों को अपहरण और बलात्कार से बचा कर सम्मानपूर्वक जिंदगी जीने का हक दिलाना इंसानियत के दायरे में कैसे नहीं आता | दूसरी ओर क्या आप कोई ऐसा भारतीय मुस्लिम फ़िल्मी कलाकार बता सकते…

और पढ़ें →
Published: 22.Jan.2020, 16:15

अजय सेतिया / लखनऊ में हुए अमित शाह के भाषण ने बहुतेरों की नींद उड़ा दी है | उन्होंने दो टूक शब्दों में चुनौती देते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन क़ानून किसी भी हालत में वापस नहीं होगा , जिस को जो करना है कर ले | वैसे शाहीन बाग़ के अलावा दश में कहीं कुछ हो भी नहीं रहा | यहाँ तक कि बंगाल में भी ममता शाहीन बाग़ जैसा विरोध नहीं दिखा पा रही | तो अमित शाह की चुनौती सीधे शाहीन बाग़ में धरने पर बैठे मुसलमानों को है | कांग्रेस शाहीन बाग़ के धरने को सेक्यूलर बनाने की भरसक कोशिश कर रही है , लेकिन एक बार जो छवि बन जाती है , वह टूटती नहीं | अलबत्ता कांग्रेसियों के वहां जाने से हिन्दुओं को फिर से हिन्दू आतंकवाद वाले जुमले ही याद आ रहे हैं |

कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन क़ानून के नाम पर शाहीन बाग़ से ले कर मुम्बई तक मुसलमानों को साधना शुरू दिया है | जबकि मुसलमानों का नागरिकता संशोधन क़ानून का विरोध उन की भारत के प्रति प्रतिबद्धता को ही कटघरे में खडा कर रहा है | नागरिकता संशोधन क़ानून का भारत के हिन्दू या मुस्लिम की नागरिकता से कुछ लेना देना है ही नहीं | देश की आम जनता यह मान रही है कि मुसलमानों…

और पढ़ें →
Published: 21.Jan.2020, 13:56

अजय सेतिया / जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के अध्यक्ष हो गए , पिछले छह महीने से उन के पद के आगे चिपका कार्यकारी हट गया है | जिस दिन वह कार्यकारी अध्यक्ष बने थे , उसी दिन तय हो गया था कि वह भाजपा के अगले अध्यक्ष होंगे | वैसे जून 2014 से संकेत मिलने शुरू हो गए थे कि आज नहीं तो कल वह भाजपा के अध्यक्ष बनेंगे | नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ही तय कर लिया था कि अब पार्टी अध्यक्ष भी उन की मर्जी का होगा | राजनाथ सिंह चाहते तो अध्यक्ष बने रह सकते थे , लेकिन उन्होंने गृहमंत्री का पद स्वीकार कर के मोदी की मर्जी का अध्यक्ष पद बनाए जाने का रास्ता साफ़ कर दिया था |

तब मोदी के सामने तीन विकल्प थे , ओम माथुर, जे.पी.नड्डा और अमित शाह | तीनों मोदी के साथ काम कर चुके थे | ओम माथुर लम्बा समय गुजरात के प्रभारी रहे , अलबत्ता भाजपा नेतृत्व मोदी की इच्छा से ही उन्हें प्रभारी बनाता रहा था | दूसरा विकल्प जे.पी.नड्डा थे , जिन्हें नितिन गडकरी 2010 में ही महासचिव बना कर दिल्ली ला चुके थे | नरेंद्र मोदी जब भाजपा महासचिव के नाते हिमाचल प्रदेश के प्रभारी थे , तब से उन की नड्डा से नजदीकी थी | खैर…

और पढ़ें →
Published: 20.Jan.2020, 22:32

अजय सेतिया / कांग्रेस से एक अच्छी बात निकल कर आई है | कपिल सिब्बल के इस बयान ने कांग्रेस में खलबली मचा दी थी कि राज्य सरकारें नागरिकता संशोधन क़ानून को लागू करने से इनकार नहीं कर सकती | अब कांग्रेस से सुलझा हुआ बयान आया है कि नागरिकता संशोधन क़ानून की वैधता साबित होने तक राज्य सरकारों को क़ानून लागू करने को बाध्य नहीं किया जा सकता | हालांकि सुप्रीमकोर्ट ने क़ानून लागू करने पर कोई स्टे नहीं दिया है , सुप्रीमकोर्ट के चीफ जस्टिस का बयान भी क़ानून के खिलाफ नहीं आया है , लेकिन कांग्रेस का यह स्टेंड जायज है | अगर यह तार्किक स्टेंड वह पहले ही लेती तो देश में इतना तनाव नहीं बनता , जितना अब बन गया है |  

कांग्रेस से ही एक जिम्मेदार दल होने की उम्मींद की जा सकती है | लगता है कि कांग्रेस का एक समझदार वर्ग वामपंथियों की देश को तोड़ने वाली साजिश से वाकिफ हुआ है , तभी कुछ समझदारी की बातें की जा रही हैं | क़ानून में भारतीय मुस्लिम नागरिकों के खिलाफ कुछ भी न होने के बावजूद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया के वामपंथी मुस्लिम छात्रों के सडकों पर आ कर विरोध करने के पीछे कौन काम…

और पढ़ें →
Published: 19.Jan.2020, 22:28

अजय सेतिया / नागरिकता विरोधी क़ानून के खिलाफ आन्दोलन के कारण शाहीन बाग़ दुनिया भर में चर्चित हो चुका है | दिल्ली का यह शाहीन बाग़ इलाका पूर्णतय मुस्लिम आबादी वाला इलाका है | यहीं पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी है , जहां सब से पहले क़ानून के खिलाफ आवाज उठी थी | इसी इलाके के लोगों ने छात्रों के साथ घुलमिल कर आन्दोलन को हिंसक और साम्प्रदायिक बनाया था , जिस में आन्दोलन की तुलना खिलाफत आन्दोलन से करते हुए ,इसे खिलाफत -2 बताया गया | जो इतिहास से वाकिफ हैं , वे जानते हैं कि खिलाफत आन्दोलन था तो टर्की से खलीफा को हटाए जाने के खिलाफ , लेकिन आन्दोलन में हजारों हिन्दुओं के सिर कलम कर दिए गए थे |

वह चर्चित बाटला हॉउस भी इसी जगह पर है , जहां 2008 में पांच बम धामाकों में 26 लोगों के मारे जाने के बाद आतंकवादियों से मुठभेड़ हुई थी | दो आतंकी मारे गए थे , दो भाग गए थे और एक पकड़ा गया था | इसलिए जब इसी इलाके से नागरिकता संशोधन क़ानून के खिलाफ मुस्लिम आन्दोलन की शुरुआत हुई तो शाहीन बाग़ की पहचान भारत में मीनीपाकिस्तान के तौर पर हुई | क्यों कि वहां नारे लग रहे थे –“ तुम्हारा मेरा रिश्…

और पढ़ें →
Published: 16.Jan.2020, 14:05

अजय सेतिया / दिल्ली के शाहीन बाग़ में मणिशंकर अय्यर का जाना धरने की साजिश को उजागर कर गया | दिग्विजय सिंह का ताज़ा बयान उसी कहानी को आगे बढाता है | अभी जावेद अख्तर , स्वरा भास्कर और अनुराग कश्यप का आना बाकी है | वे भी आएँगे तो वही कहेंगे जो मणिशंकर और दिग्विजय सिंह कह रहे हैं | मणि शंकर अय्यर ने पाकिस्तान से लौट कर शाहीन बाग़ में धरने पर बैठे मुस्लिमों और वामपंथियों को खूब भडकाया और हर हफ्ते वहां आने का वादा किया | यानी लम्बे समय तक धरने को चलाने के लिए फंडिंग हो चुकी है | दिग्विजय सिंह ने कहा "हम तो कहते हैं कि मोदी अपने पिता और माता का जन्म प्रमाणपत्र हमें बता दें, (इसके बाद) हम सब कागज दे देंगे |" यानी देश के ये बड़े नेता ,जो कई बार मुख्यमंत्री और केंद्र में मंत्री रह चुके हैं , बिना सिर पैर की बयानबाजी कर रहे हैं , वे जानते हैं कि उन्होंने मुसलमानों को जैसी शिक्षा दी है , उस में उन के पास उन के बयानों पर भरोसा करने के सिवा कोई चारा ही नहीं है |

आखिर जो भी होगा , होगा तो भारतीय नागरिकता क़ानून के अंतर्गत | इस लिए राजनीतिक दल उन्हें क्यों बरगला रहे हैं कि उन के बाप-दादाओ…

और पढ़ें →
Published: 15.Jan.2020, 13:54

अजय सेतिया / हमे यह सोचने की ज्यादा जरूरत नहीं है कि जम्मू खमीर के डीएसपी देवेन्द्र सिंह की गिरफ्तारी पर कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बेतुका बयां क्यों दिया कि  देविंदर सिंह यदि देविंदर खान होता तो आरएसएस के समर्थकों की प्रतिक्रिया कहीं तीखी होती | लोकसभा में उन की अब तक की कारगुजारी यह साबित करती है कि वह हर बात को हिन्दू मुस्लिम कर के और प्रधानमंत्री पर मर्यादाहीन टिप्पणियाँ कर के कांग्रेस की ही छवि खराब कर रहे हैं | इसलिए अधीर रंजन चौधरी अगर कोई समझदारी वाला बयान देते तो सोचना पड़ता कि यह कैसे हुआ | समझदारी होती कि अगर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलामनबी आज़ाद यह सवाल उठाते कि पिछले 18 साल से देवेन्द्र सिंह को कौन राजनीतिक संरक्ष्ण दे रहा था |

हिजबुल के 2 आतंकियों के साथ गिरफ्तार हुए डीएसपी ( निलम्बित )  देवेंदर सिंह को किसी न किसी का तो राजनीतिक आश्रय तो जरुर था | नहीं तो दिसम्बर 2001 में संसद पर आतंकी हमले के बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाता | तब केंद्र में वाजपेयी सरकार थी और जम्मू कश्मीर में फारूख अब्दुला मुख्यमंत्री थ…

और पढ़ें →
Published: 14.Jan.2020, 14:29

अजय सेतिया / भारत की नागरिकता केंद्र का विषय है , राज्य का नहीं | इसलिए जो राज्य सरकारें या विधानसभाएं नागरिकता संशोधन क़ानून को न मानने के प्रस्ताव पास कर रही हैं , वे क़ानून को नहीं संविधान को चुनौती दे रही हैं | संविधान का अनुच्छेद 256 इस सम्बन्ध में स्पष्ट व्याख्या करता है | इस अनुच्छेद के अनुसार राज्य सरकारों को संसद से पारित क़ानून का अनुपालन सुनिश्चित करवाना होगा | केंद्र सरकार इस सम्बन्ध में राज्यों को निर्देश भी जारी कर सकती है | इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आर एस सिंह का कहना है कि संसद के अधिकार क्षेत्र वाले क़ानून को न मानना राज्य में संवैधानिक तंत्र का फेल होना है | इसलिए संसद से पारित क़ानून को न मानने वाली राज्य सरकारों को भंग किया जा सकता है | सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ वकील एनकेपी साल्वे का मत है कि क़ानून में संशोधन संविधान सम्मत है |

विधानसभा में प्रस्ताव पास करने के बाद केरल सरकार की ओर से सुप्रीमकोर्ट में दायर याचिका ने घटनाक्रम में नया मोड़ ला दिया है | केरल सरकार ने सोमवार को संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत याचिका दाखिल की है | संविधान के अनुच्छेद…

और पढ़ें →
Published: 13.Jan.2020, 14:27

अजय सेतिया / सोनिया गांधी पूरी तरह अन्य छोटे मोटे विपक्षी दलों पर निर्भर हैं | वह समझती हैं कि जैसे यूपीए बना कर वह 2004 में वाजपेयी सरकार को अपदस्थ करने में कामयाब हो गई थीं , उसी तरह कभी न कभी मोदी को अपदस्थ कर देंगीं | लेकिन काठ की हांडी बार बार नहीं चढती , कांग्रेस की हालत तब  इतनी खराब नहीं हुई थी , जितनी अब है | राहुल गांधी की हमलावर राजनीति के बावजूद उस की स्थिति में कोई सुधार क्यों नहीं हुआ, सीटें भले ही आठ बढ़ गई , लेकिन अखिल भारतीय वोट में 1.03 प्रतिशत की गिरावट हुई | कांग्रेस भले ही अब राफेल सौदे में तथाकथित घोटाले का नाम नहीं लेती , मोदी को चोर भी नहीं कहती पर वह यह मानने को तैयार नहीं कि कांग्रेस को झूठ बोलने का नुक्सान हुआ | अगर वह यह मान लेती तो भविष्य में झूठ के सहारे राजनीति करने से परहेज करती |

वह जिन वामपंथी और क्षेत्रीय दलों के बूते नकारात्मक राजनीति कर रही हैं 2019 के चुनावों में उन का भी सात प्रतिशत वोट भाजपा खा गई | कांग्रेस अभी तक विश्लेष्ण करने को तैयार ही नहीं है कि जनता उस से इतनी नाराज क्यों है | इस का कारण सिर्फ यूपीए सरकार का भ्रष्टा…

और पढ़ें →
Published: 12.Jan.2020, 16:08

अजय सेतिया / दो मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ धूप छाँव का खेल खेल रहे हैं | ममता बेनर्जी की चिंता तो कांग्रेस और वामपंथी दलों को करनी चाहिए , क्योंकि उन दोनों को ममता के कभी भी साथ छोड़ जाने का खतरा है | शनिवार 11 जनवरी को जब ममता बेनर्जी बिना किसी तय कार्यक्रम के कोलकाता के राजभवन में नरेंद्र मोदी से मिली तो वामपंथियों की त्यौरियां चढ़ गई | इस से पहले वह यह एलान कर ही चुकी हैं कि 13 जनवरी को विपक्ष की रणनीति के लिए बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होंगी | हालांकि मोदी ममता मुलाक़ात से किसी के स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है | ममता बेनर्जी का नागरिकता संशोधन क़ानून , जनसंख्या रजिस्टर और नागरिकता रजिस्टर को लेकर विरोध कायम है , उन्होंने मोदी से बातचीत के दौरान अपना स्टैंड दोहराया भी | मोदी अपनी अध्यात्मिक यात्रा में कोई कडवाहट पैदा नहीं करना चाहते  थे , इस लिए उन्होंने कह दिया कि वह राजनीतिक बातें दिल्ली में आ कर करें , इस का मतलब यह नहीं है कि मोदी टस से मस हुए हैं |

 

दूसरे मुख्यमंत्री नितीश कुमार की चिंता नरेंद्र मोदी को करनी चाहिए , जो इस समय उन के पाले…

और पढ़ें →