India Gate Se

Published: 15.Apr.2020, 20:40

अजय सेतिया / भारत अगर सच में सेक्यूलर देश होता तो कोरोनावायरस के दौरान तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद ने जिस तरह सामाजिक जिम्मेदारी की धज्जियां उड़ाईं , उस की चहुँ ओर निंदा होती , लेकिन पिछले छह साल से माब लिंचिंग और असहिष्युन्ता का आरोप लगाने वाले पता नहीं कहाँ गायब हो गए | शाहीन बाग़ के मंच से नागरिकता संशोधन क़ानून को भारतीय मुसलमानों के खिलाफ बताने वाले पढ़े लिखे किसी मणि शंकर अय्यर , सलमान खुर्शीद या कपिल सिब्बल का निंदा करने वाला बयान नहीं आया | किसी सीता राम येचुरी , डी .राजा , वृंदा करात का कोई बयान नहीं आया | कम्युनिस्ट पार्टी की आल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेन एसोसिएशन की सुभाषिनी अली का बयान भी नहीं आया , जो शाहीन बाग़ में संविधान और सेक्यूलरिज्म की बड़ी बड़ी बातें कर रहीं थी | नसीरुद्दीन शाह, नंदिता दास , फरहान अख्तर , स्वरा भास्कर , रोमिला थापर में से भी किसी का बयान नहीं आया |

इन का सेक्यूलरिज्म , लोकतंत्र , आज़ादी और मानवाधिकार सिर्फ लोगों को सरकार के खिलाफ बहकाने के लिए है | अलबत्ता दबी जुबान से और कई बार तो झेंपते हुए टीवी चेनलों पर यह जरुर कहते हुए दिखाई दिए क…

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Published: 14.Apr.2020, 21:58

अजय सेतिया / जैसी उम्मींद थी उसी के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाक आउट को बढा दिया | उम्मींद तो 30 अप्रेल तक की थी , लेकिन मोदी ने 3 मई तक बढा दिया | शायद इस का कारण यह है कि पहली मई को मजदूर दिवस की छुट्टी होती है , दो मई को शनिवार है और 3 मई को रविवार , इस लिए मोदी ने तीन दिन और जोड़ दिए | इस से कुछ लोगों को झटका लगा , जिन्होंने पहली मई से कुछ योजनाएं बना ली थीं |

अपने घरों से दूर बैठे मजदूर उम्मींद लगा कर बैठे थे कि शायद सरकार एक- दो दिनों की राहत देगी , जिस से वे अपने घर जा सकेंगे | हालांकि 14 अप्रेल की रात 12 बजे से लाक आउट खत्म होना था , लेकिन ऐसी उम्मींद तो कतई नहीं थी कि जब प्रधानमंत्री 14 अप्रेल को सुबह दस बजे राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे , तो उसी समय ट्रेने चलनी शुरू हो जाएँगी | इस लिए इस के पीछे तो कोई बड़ी साजिश लगती है कि सैंकड़ों की तादाद में मजदूर मुबंई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर जमा हो गए | भीड़ के कारण भगदड़ मच गई और नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा |

रेलवे मंत्रालय की सब्सिडरी आईआरसीटीसी ने ट्रेनों की टिकटें बुक करनी…

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Published: 10.Apr.2020, 14:00

अजय सेतिया / कांग्रेस की ओर से सत्ता के दुरूपयोग की कहानियाँ बहुत गहरी हैं , इन में से कुछ कहानियाँ तो हमें पता हैं , लेकिन कुछ कहानिया सत्ता के गलियारों में पड़ी फाईलों में अभी तक कैद हैं | मोरारजी देसाई , वीपी सिंह , अटल बिहारी वाजपेयी और अब छह साल से नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहने के बावजूद कुछ राज नहीं खुले हैं | जब किसी मुद्दे पर बात शुरू होती है , तो मुद्दे की फाईल खुलती है , तब जा कर राज खुलता है कि कांग्रेस सत्ता का अपनी पार्टी के लिए कैसे इस्तेमाल करती रही है | हम ने चरण सिंह , चन्द्र शेखर , देवेगौडा और गुजराल का जिक्र इस लिए नहीं किया क्योंकि चारों कांग्रेस के समर्थन से प्रधानमंत्री बने थे |

पिछले साल देश उस समय हैरान रह गया था , जब खुलासा हुआ कि जलियांवाला राष्ट्रीय स्मारक के ट्रस्ट में सिर्फ एक राजनीतिक दल के अध्यक्ष को ट्रस्टी रखा गया है , और यह ट्रस्ट 68 साल से काम कर रहा था | 1951 में संसद से क़ानून बना कर बनाए गए गए ट्रस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष को स्थाई सदस्य बनाया गया था | ट्रस्ट में ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रधानमंत्री के बाद दूसरा नाम कांग्रेस अध्यक्ष था…

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Published: 09.Apr.2020, 18:01

अजय सेतिया / हरियाणा और राजस्थान से कुछ खबरें प्रोत्साहित करने वाली हैं , जिन में कहा गया है कि किस तरह धर्म परायण धनाढ्य परिवारों ने अपने शहरों के हजारों के पेट भरने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा कर सरकार और प्रसाशन को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मुक्त कर दिया है | दिल्ली में भी जगह जगह भोजन वितरण में धार्मिक संस्थाओं और गैर सरकारी संस्थाओं की भूमिका सरकार से कहीं ज्यादा दिखाई दे रही है |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ट्विट कर के कहा कि दूसरों की मदद करना भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है | मोदी सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं के जी-जान से लग जाने से अभिभूत हैं , क्योंकि इस से सरकारें बीमारी का इलाज करने में ज्यादा बड़ी भूमिका निभा पाएंगी | उन्होंने समाज सेवा में जुटे साधू संतों , धार्मिक गुरुओं का भी आभार जताया है | सरकारी दावे चाहे चार लाख को रोज भोजन करवाने के हों या छह लाख को भोजन करवाने के ,जमीन पर तो सामाजिक-धार्मिक संस्थाएं और व्यक्तिगत भूमिकाएं ही ज्यादा दिख रही हैं | इन का सेवा भाव देख कर भारत के पुराने दिन लौट आए दिखाई देते हैं , जहां नर सेवा ही नार…

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Published: 08.Apr.2020, 16:37

अजय सेतिया / भारत पर कोरोना वायरस का कहर टूटना अब शुरू हुआ है | आप अंदाज लगा सकते हैं कि 15 दिन के लाक डाउन के बावजूद हम संक्रमण को नही रोक पाए | हालांकि कोरोना वायरस पोजिटिव  को भी सिर्फ 14 दिन एकांतवास में रहने के लिए कहा जाता है | पन्द्रह दिन के सामूहिक एकांतवास के बावजूद मरीजों की संख्या में बढौतरी जारी है | रोज हो रही स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय की साझा प्रेस कांफ्रेंस की सब से डरावनी खबर बुधवार को आई जब स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल  ने बताया कि एक दिन में 773 नए मामले सामने आए हैं | पिछले 24 घंटों में 32 मौतों की खबर भी चौंकाने वाली थी | अब डर लगने लगा है कि कोरोना वायरस फैलने का तीसरा दौर शुरु हो गया तो क्या हालत होगी , अभी तो हम दूसरे दौर में ही हैं |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से समय पर उठाए कदमों की दुनिया भर में तारीफ़ हो रही थी , इस लिए विपक्षी दल चुप्पी साधे हुए थे | जब भारत में कोरोना वायरस फैलने का ठीकरा तबलीगी जमात पर फोड़ा जा रहा है और सरकारी प्रवक्ता भी हर रोज अपनी प्रेस कांफ्रेंस में बता रहा है कि कोरोना वायरस से पीड़…

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Published: 07.Apr.2020, 14:44

अजय सेतिया / दुनिया का सर्वश्रेष्ट देश मानने वाला अमेरिका अब जल्द ही कोरोना वायरस से मौतों में भी दुनिया का अव्वल देश बनने जा रहा है | अभी तक 16000 मौतों के साथ इटली नम्बर वन पर है | जो गलती इटली ने की थी , वही अमेरिका दोहरा रहा है , लाक डाउन पूरी तरह सख्ती से लागू नहीं हुआ है | जापान सहित दुनिया के कई देश कोरोना वायरस की वेक्सीन बना लेने का दावा कर रहे हैं , घोषणा कर रहे हैं कि बस आख़िरी टेस्ट चल रहा है | अमेरिका ने अभी तक किसी दवाई के आविष्कार का दावा नहीं किया है , अमेरिका के राष्ट्रपति भारत की तरफ देख रहे हैं | राष्ट्रपति ट्रम्प ने पिछले रविवार को नरेंद्र मोदी से बात की तो उन्होंने राजस्थान के डाक्टरों की और से किए गए सफल प्रयोग वाली दवाई हाइड्रोक्सी क्लोरोक्यून माँगी | राजस्थान के डाक्टरों ने कोरोना वायरस के पहले मरीज का सफल इलाज हाइड्रोक्सीक्लोरोक्यून और एल्थ्रोमाईसीन के साथ किया था |

भारत ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्यून, क्लोरोक्यून और क्रोसिन जैसी दवाईयों के निर्यात पर कुछ दिन पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था , क्योंकि कहीं ऐसा न हो , कि जब भारत को इस की बड़ी मात्रा में…

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Published: 06.Apr.2020, 19:47

अजय सेतिया / अब एक नए तरीके की बहस भी चल निकली है कि लाक डाउन लम्बा चला तो देश की आर्थिकी का बंटाधार हो जाएगा  | हालांकि आर्थिकी को कंट्रोल करने के लिए वित्त मंत्री की अध्यक्षता में बनी टास्क फ़ोर्स पहले ही अनेक बड़े कदम उठा चुकी है | कोरोना वायरस की महामारी से निपटने को ले कर सरकार की भूमिकाओं को दो तरह से देखा जा रहा है, सरकारों को मनुष्य की चिंता ज्यादा करनी चाहिए या आर्थिकी की |

अमेरिका , जहां एक एक व्यक्ति की जान बचाने के लिए हवाई एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है , वहां  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आर्थिकी को महत्व दिया था तो 6 अप्रेल सुबह तक  336 ,776 लोग कोरोनावायरस से पीड़ित हो चुके हैं और 9655 मौते हो चुकी हैं | जब कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रम्प के उल्ट भारत में मानवीय जीवन को आर्थिकी पर ज्यादा तरजीह दी , जिस का नतीजा यह निकला है कि भारत में अब तक सिर्फ 4314 ( हालांकि भारत सरकार का आंकडा 4066 है ) प्रभावित और 118 मौतें हुई हैं | इस के लिए दुनिया भर में भारत की तारीफ़ हो रही है कि मानवीय जीवन को बचाने के लिए उस की भूमिका उल्लेखनीय है |…

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Published: 05.Apr.2020, 18:08

अजय सेतिया / क़ानून अपना काम करता दिखे तो उस की तारीफ़ की जानी चाहिए , लेकिन जहां दिखावा तो काम का हो और वास्तव में किया कुछ न जाए तो आक्रोश पनपना स्वाभाविक भी है | दिल्ली की इनेक बस्तियों में जहां तीन मंजिल बनाने की इजाजत है , बीते कुछ सालों में पांच पांच मंजिल बन गई हैं , यह कोई प्रसाशन की अनदेखी से नहीं हुआ , बल्कि प्रसाशन की देख रेख में हुआ | नगर निगम में रेट बंधा हुआ है , अफसर आँख मूंदने का तीन लाख रुपए लेते हैं | फिर वह दिल्ली पुलिस और बाकी अमले में बंटता है , इस बीच कोई फोन पर रिकार्डिड या लिखित में शिकायत कर दे तो नगर निगम के कर्मचारी आ कर तोड़ जाते हैं , फिर नए सिरे से सौदेबाजी होती है और काम फिर शुरू हो जाता है | सब अंधे हैं,किसी को पांच मंजिला अवैध निर्माण नहीं दिखते |

अब यह खबर आई है कि तबलीगी जमात की इमारत का नक्शा सिर्फ दो मंजिल का पास है और बनी हुई हैं सात मंजिलें , तो कहाँ है क़ानून का राज | रिश्वत खाने वाले कभी गिरफ्तार नहीं होते , वही गिरफ्तार होते हैं , जो गिरफ्तारी से बचने के लिए रिश्वत का हिस्सा नहीं देते | अवैध निर्माण के लिए दक्षिण दिल्ली का रेट सब…

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Published: 03.Apr.2020, 16:21

अजय सेतिया / आखिरकार मोदी सरकार ने 960 विदेशी तबलिगियों का वीजा रद्द कर के उन्हें ब्लैक लिस्ट भी कर दिया है | ये सभी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और टूरिज्म के नाम पर पहले निजामुद्दीन में ट्रेनिंग और बाद में इस्लाम के प्रचार में निकल पड़े थे | ये तबलीगी देश की छोटी छोटी जगहों की छोटी छोटी मस्जिदों से मिल रहे हैं | पिछले सत्तर साल से टूरिस्ट वीजा का दुरूपयोग हो रहा था , हर साल कोई दस हजार तबलीगी टूरिस्ट वीजा पर भारत आ रहे हैं | वे पहले निजामुद्दीन के तबलीगी सेंटर में रहते हैं फिर देश के किसी कोने में इस्लाम का प्रचार करने के लिए भेज दिए जाते हैं | एक नहीं कई कानूनों का उलंघन हो रहा था , भारत में विदेशियों की ओर से धर्म प्रचार पर भी प्रतिबंध है, वे उस का भी उलंघन कर रहे थे | अब तो उन्होंने सरकार के लाकआउट आदेश का भी उलंघन किया और भारत के महामारी एक्ट 1897 का भी उलंघन किया |

सवाल यह पैदा होता है कि हर साल हजारों की तादाद में मुस्लिमों को टूरिस्ट वीजा क्यों मिल रहा था ,  कोई एजेंसी उन पर निगाह क्यों नहीं रख रही थी कि वे टूरिस्ट वीजा के नाम पर तबलीगी जमात के मुख्यालय में…

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Published: 02.Apr.2020, 16:18

अजय सेतिया / यह खबर शर्मसार करने वाली है कि 22 मार्च को जिन डाक्टरों , नर्सों , पुलिसकर्मियों के सेवाभाव के लिए सारा देश तालियाँ बजा रहा था , उन्हीं के साथ कुछ लोग दुर्व्यवहार कर रहे हैं |आप अंदाज लगाईए कि भारतीय जन मांस की सेवा में लगे 50 डाक्टर और नर्सें खुद कोरोना वायरस के शिकार हो चुके हैं | कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार 13 मार्च से सारे देश वासियों को सावधान कर रही है | अगर सरकार की बताई एहतियातों का पालन नहीं कर के कोई कोरोना वायरस से पीड़ित हो जाता है , तो डाक्टर उन्हें बचाने की कोशिश ही तो कर सकते हैं , बचाने की गारंटी तो नहीं ले सकते | आप की गलती का फल आप ही भोगेंगे , डाक्टर पर गुस्सा निकालने का क्या फायदा, आप को बचाने के लिए वे खुद मौत से जूझ रहे हैं |

अब तबलीगी जमात को भी कितना समझाया था | टीवी चेनलों पर वह वीडियो दिखाया जा चुका है जिसमें 23 मार्च को निजामुद्दीन थाने का थानेदार तबलीगी जमात के हेड और अन्य चार मुआज्जिज मुल्लाओं को समझाते हुए  पूछ रहे हैं कि अब बिल्डिंग में कितने लोग बचे हैं ,उन्हें बताया जाता है कि 2500 आए थे ,1500 जा चुके ,अब 1000 ब…

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