सत्ता संतुलन अब बागियों के हाथ में

नई दिल्ली, 20 जुलाई। सत्ता संतुलन अब देवगौड़ा, अजित सिंह और शिबू सोरेन के हाथ से निकलकर बागियों और पूर्वोत्तर के सांसदों के हाथ में आ गया है। बगावत अब सभी पार्टियों में शुरू हो गई। कांग्रेस के कुलदीप विश्नोई और अरविंद शर्मा के विपक्षी खेमे में जाने के बाद अब भाजपा और जनता दल के दो-दो सांसद टूटकर यूपीए में चले गए हैं। भाजपा के गुजरात से सोमाभाई पटेल और उत्तर प्रदेश से बृजभूषण सरन सिंह टूटे हैं, तो जद यू के रामस्वरूप प्रसाद और कोया ने यूपीए को वोट का ऐलान किया है।

भाजपा के धर्मेन्द्र और कांतप्पा के गैर हाजिर रहने की उम्मीद है, दो सीटें खाली हैं, एक को मतदान का हक नहीं, और स्पीकर को निकालकर बाकी 539 सांसद बचते हैं। सदन में मतविभाजन के समय बाकी सब मौजूद रहे, तो बहुमत के लिए 270 चाहिए। इस समय सरकार के पास सिर्फ 265 सांसदों का जुगाड़ है जबकि विपक्ष में 269 सांसद हो चुके हैं। बाकी बचे पांच सांसदों में से नेशनल कांफ्रेंस के दो सरकार के साथ और तीन विपक्ष के साथ जा सकते हैं। मौजूदा हालात में सरकार का गिरना तय है, लेकिन पल-पल बदल रहे घटनाक्रम में कौन कब बागी हो जाए, कौन मौके पर गैर हाजिर हो जाए, इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। यूपीए की उम्मीद अकाली और बिजू जनता दल के कुछ सांसदों की गैर हाजिरी पर बनी हुई है।

सपा के छह बागी बसपा में जा चुके हैं और मायावती खेमे का मंगलवार शाम तक पांच और आने का दावा है। लोकसभा चुनावों से आठ महीने पहले हो रहे विश्वास मत के कारण टिकटों के साथ-साथ चुनाव लड़ने के संसाधनों का भी इंतजाम हो रहा है। एक-एक सांसद वाले दल बड़ी तेजी से खेमे भी बदल रहे हैं। पुराने भाजपाई और फिलहाल टीआरएस के बागी सांसद ए. नरेंद्र को वेकैंया नायडू ने मना लेने का दावा किया है। वह अब तक यूपीए खेमे में थे। कांग्रेस की मदद से जीते और अब तक यूपीए के साथ समझे जाने वाले लद्दाख के निर्दलीय सांसद थुप्सत्न चेवांग भाजपा से बातचीत के बाद भूमिगत हो गए। मणिपुर के सांसद मणिचेरनामई अचानक यूपीए छोड़कर विपक्ष खेमे में चले गए। मिजो नेशनल फ्रंट के वनलालजवमा अब तक यूपीए के साथ थे, लेकिन अब उन्होंने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, पृथ्वीराज चव्हाण और आस्कर फर्नाडीस कल से उन्हें मनाने की कोशिश में जुटे हैं। नगालैंड पीपुल फ्रंट के डब्ल्यू वांगयू सरकार के खिलाफ वोट देने का ऐलान कर चुके थे, यूपीए ने नगालैंड चुनाव से पहले पीपुल फ्रंट की सरकार गिराई थी। लेकिन नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यूरियो आज बातचीत के लिए दिल्ली पहुंच गए। हालांकि नगालैंड सरकार में भाजपा भी शामिल है, लेकिन शरद पवार उन पर सरकार का साथ देने का दबाव बना रहे हैं।

अब तक सत्ता संतुलन देवगौड़ा, अजित सिंह और शिबू सोरेन के हाथ में माना जा रहा था। शिबू सोरेन अपने पांचों सांसदों के साथ यूपीए में चले गए और देवगौड़ा-अजित सिंह अपने तीन-तीन सांसदों के साथ विपक्ष खेमे में चले गए। शिबू सोरेन के चार सांसदों को खरीदकर कांग्रेस ने उन्हें लाचार बना दिया था। शिबू के पास आज सोनिया गांधी के दरबार में जाकर हथियार डालने के सिवा कोई चारा नहीं बचा। लेकिन सोनिया गांधी ने उन्हें  दुबारा कोयला मंत्री बनाने, उनके एक सांसद को राज्यमंत्री बनाने और उनके छोटे बेटे हेमंत को झारखंड में उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा कर दिया है। अजित सिंह विश्वास मत से पहले मंत्री नहीं बनाए जाने पर बिदक कर तीसरे मोर्चे की नई उभरी नेता मायावती के साथ चले गए हैं। बदले में मायावती ने उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी के तीन विधायकों को मंत्री बनाने, मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ते समय पांच से आठ तक सीटें देने और राज्य में जाटों को आरक्षण देने का वादा किया है।  देवगौड़ा के दोनों सांसद विपक्षी खेमे में जाने के बाद उनके पास कोई चारा नहीं बचा था। शनिवार रात एबी वर्धन और चंद्रबाबू नायडू ने जेडीएस के तीनों सांसदों को बिठा पार्टी एकजुट करवाई। मायावती और चंद्रशेखर राव ने आज देवगौड़ा के घर जाकर अपनी मौजूदगी में देवगौड़ा से सरकार के खिलाफ वोट का ऐलान करवाया।

सरकार के पक्ष में - कुल 265

कांग्रेस 151(2)
समाजावदी पार्टी 33 (6)
राष्ट्रीय जनता दल 24
द्रमुक 16
राष्ट्रवादी कांग्रेस 11
पीएमके 06
लोकतांत्रिक जपा 04
एमडीएमके 02 (2)
एआईएमआईएम (ओवेसी) 01
बीएनपी (देलकर) 01
पीडीपी (महबूबा मुफ्ती) 01
मुस्लिम लीग (ई. अहमद) 01
आरपीआई (आठवाले) 01
एसडीएफ (नुकुल दास राय) 01
एनएलपी (बालेश्वर यादव) 01
निर्दलीय (विसमुत्थारी) 01
झारखंड मुक्तिमोर्चा 05
जद(यू) बागी (रामस्वरूप, कोया) 02
भाजपा बागी (सोमाभाई पटेल, बृजसरन) 02
शिवसेना बागी (तुकाराम) 01

सरकार के खिलाफ - कुल 269

भाजपा 126(4)
शिवसेना 11(1)
बिजू जनता दल 11
जनता दल (यू) 06(2)
शिरोमणि अकाली दल 08
एमडीएमके 02 (2)
माकपा 42(1)
भाकपा 10
फारवर्ड ब्लाक 03
आरएसपी 03
बीएसपी 17
तेलगुदेशम 05
असमगण परिषद 02
टीआरएस 02
टीआरएस (ए.नरेंद्र) 01
नगालैंड पीपुल फ्रंट(डब्ल्यू वांगयू) 01
निर्दलीय (सेबिस्टियन पाल) 01
निर्दलीय (हरीश नागपाल) 01
निर्दलीय (बाबूलाल मरांडी) 01
सपा बागी (मुनव्वर, भदोरिया, रावत, अतीक, बघेल, अफजल) 06
कांग्रेस (कुलदीप विश्नोई, अरविंद शर्मा) 02
आरएलडी (अजित सिंह) 03
जेडीएस 03
एमएनपी (मणिचेरनामई) 01
केरल कांग्रेस (के.जार्ज फ्रांसिस) 01 (1)

बीच मझधार में (जोड़तोड़ जारी) - कुल 05

मिजो. ने.फ्रंट (वनलालजवमा) 01
नेशनल कांफ्रेंस (उमर अब्दुल्ला) 02
तृणमूल कांग्रेस (ममता बनर्जी) 01
निर्दलीय (थुप्सत्न चेवांग) 01

(नोट : नेशनल कांफ्रेंस के दोनों सांसद तटस्थ रहेंगे, लेकिन अगर सरकार गिरती दिखी, तो उसे बचाएंगे। ममता बनर्जी ने गैर हाजिरी का ऐलान किया है, लेकिन भाजपा को उनके पहुंचने की उम्मीद है। वनलालजवमा और थुप्सत्न चेवांग के साथ दोनों खेमों की बात चल रही है।)

अन्य - कुल 06

भाजपा के गैर हाजिर (धर्मेन्द्र, कंतप्पा) 02
स्पीकर 01
खाली सीटें (मेरठ, बेल्लारी) 02
वोट का हक नहीं (केरल कांग्रेस- पीसी थामस) 01

बहुत सही मंथन किया है|

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excellent lalit sharma u

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lalit sharma

u have dine great analysis,