लैटस प्ले होली

अपन को कई बार लगता है- जर्नलिज्म का बंटाधार हो चुका। अब खबरें छपती कम, छुपती ज्यादा हैं। उथली-उथली रिपोर्टिंग का जमाना आ गया। एक वक्त था- जब होली पर ढूंढ-ढूंढकर खबरें लाते थे। सारे साल का अखबार एक तरफ। होली की खोज खबरें एक तरफ। अब तो कोई रिपोर्टर तह तक नहीं जाता। कोई किसी के बैडरूम में नहीं झांकता। अपन पिछले दिनों तह तक गए। तो देखो कितनी विस्फोटक खबरें पता चली। आपने अगर भांग न पी हो। तो पी लें। उसके बाद ही आगे पढ़ें। बिना भांग पिए पढ़ोगे। तो खबरों पर भरोसा नहीं होगा। भांग पीकर पढ़ोगे। तो कोई खबर चंडूखाने की नहीं लगेगी। भांग का नशा ही खबर की तह तक ले जाता है। भरोसा न हो। तो अपने अटल बिहारी वाजपेयी से पूछ लें। वह कभी भी होली पर बिना भांग पिए अखबार नहीं पढ़ते। आडवाणी की 'माई रथ यात्रा लाइफ'। लो, अपन को भी भांग का नशा हो गया। माई रथ यात्रा लाइफ नहीं। अलबत्ता उनकी किताब का नाम है- 'माई कंट्री, माई लाइफ।' विमोचन होली से दो दिन पहले न होता। तो वाजपेयी जरूर जाते। पर वाजपेयी होली से सात दिन पहले भांग रगड़नी शुरू कर देते हैं। पर अपन आपको बता रहे थे- कुछ विस्फोटक खबरें। पहली- चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने पी एम जियाबाओ को बर्खास्त कर दिया। चीन के नए प्रधानमंत्री दलाई लामा होंगे। दूसरी खबर- एश्वर्या राय अब अभिषेक के साथ कोई फिल्म नहीं करेगी। जीवन की बाकी सब फिल्में सलमान खान के साथ। तीसरी- करिश्मा कपूर ने तीसरा ढूंढना शुरू कर दिया। चौथी- संजय दत्त बुधवार को दिल्ली आए। तो आडवाणी की किताब के विमोचन पर मस्खा लगाने पहुंचे। असली मकसद था- मान्यता से शादी में रुकावटें दूर करवाने की गुहार लगाना। पर संजय दत्त को मौका ही नहीं मिला। फिल्मी खबरें चल ही रही हैं। तो एक और विस्फोटक खबर बता दें- कंगना रानोत पर उसके ड्राइवर राजेश शाह ने बलात्कार का आरोप लगाया है। इसकी बाकायदा एफआईआर दर्ज करवाई। अब कुछ खबरें गैर फिल्मी। बिहार में नीतीश ने हाईकोर्ट की पिचकारी से लालू पर रंग फेंका। तो लालू ने सारा चारा उगल दिया। सोनिया ने नटवर को बुलाकर कांग्रेस महासचिव बनाने की खबर सुनाई। पर उनने शर्त रख दी है- पहले राज्यसभा सीट दी जाए। बुधवार को जब अपनी वायुसेना पोखरन में प्रेक्टिस कर रही थी। तो एक जाबांज हवाई जहाज लेकर पाक में घुस गया। कोट लखपत जेल से सरबजीत को छुड़ा लाया। मनमोहन सरकार ने हवाई जहाज के ड्राइवर की भारतीय नागरिकता खत्म कर दी है। उस पर दुश्मन की अमानत में ख्यानत का आरोप है। अब कुछ विदेशी खबरें। पोप बैंडिक्ट ने ओसामा बिन लादेन का आरोप कबूल कर लिया। लादेन ने गुरुवार को आरोप लगाया था- 'पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ कार्टून पोप बैंडिक्ट छपवा रहे हैं।' अपन को एक और विस्फोटक खबर मिली- प्रणव मुखर्जी सोमवार को जब कोंडालीसा राइस से मिलेंगे। तो प्रकाश करात को इराक का पीएम बनवाने की सिफारिश करेंगे। ताकि एटमी करार की बाधा दूर हो। बाधा की बात चली। तो अपन को आडवाणी की 'माई रथ यात्रा लाइफ' फिर याद आ गई। आडवाणी ने भरी सभा में कहा- 'विमोचन में वाजपेयी जरूर आएं।' पर उनने यह बात नहीं बताई। जो अपन को सूत्रों से पता चली। असल में वह डरे हुए थे। कहीं मुरली मनोहर जोशी रंग में भंग न डाल दें। वाजपेयी बैठे होंगे। तो जोशी की हिम्मत नहीं होगी। वाजपेयी नहीं आए, तो आडवाणी ने दूसरा बंदोबस्त किया। उनने जोशी की बगल में अपने लठैत वेंकैया नायडू को बिठा दिया। विमोचन की बात चल ही पड़ी। तो एक और खुलासा कर दें। आडवाणी का ताम-झाम देख शेखावत हिम्मत हार गए। अब तक पीएम की दौड़ में शामिल समझ रहे थे। पर अपन बात कर रहे थे जोशी की। जोशी चुप्पी साध तमाशा देखते रहे। पर आडवाणी ने जिस पर भरोसा किया। वह बगल में छुरी लेकर आया। वह थे जसवंत सिंह। उनने भरी सभा में खुन्नस निकाली। आडवाणी को सांप्रदायिक बताने में कसर नहीं छोड़ी। पीएम की रेस में वह भी थे। बुरा न मानो होली है। जो खबर समझ न आए। समझ लेना पढ़ी ही नहीं।

आप भी न जाने क्या -क्या-क्या

आप भी न जाने क्या -क्या-क्या कहते हैं!

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