आखिर शशिकला ने संभाल ली तमिलनाडू की कमान

Publsihed: 05.Feb.2017, 22:25

ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के विधायकों ने रविवार को पार्टी महासचिव वीके शशिकला को विधायक दल का नेता चुन लिया, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अभी तक इस पद पर पन्नीरसेल्वम विराजमान थे। शशिकला को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद पन्नीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा  दे दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि निवर्तमान मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने एआईएडीएमके विधायकों की बैठक में शशिकला का नाम प्रस्तावित किया।

शशिकला के चुनाव का फैसला एकमत से लिया गया। शशिकला को राज्य की कमान मिलने संकेत काफी पहले ही मिल गए थे, जब पार्टी की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्तियों में उन्हें चिनम्मा (छोटी अम्मा) कहकर संबोधित किया गया है। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के बाद उनके पद की जिम्मेदारी पन्नीरसेल्वम को सौंपी गई थी लेकिन उनके मुख्यमंत्री पद पर आसीन होते ही पार्टी में बगावती सुर उठने लगे जिसके बाद शशिकला ने पार्टी की बागडौर अपने हाथ में लेते हुए महासचिव का पद ग्रहण किया था।

द्रमुक नेता स्टालिन ने शशिकला के मुख्यमंत्री बनाने पर घबराहट जाहिर करने वाली प्रतिक्रिया जाहिर की ! उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में जब जयललिता को जेल जाना पड़ा था, तब उन्होंने पन्नीरसेल्वम को सरकार का नेतृत्व करने की बात कही थी। 

इसी तरह जयललिता जब बीमार हुईं और अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं तब भी पन्नीरसेल्वम ने प्रशासन संभाला था। स्टालिन ने कहा कि जयललिता जब तक जीवित थीं, उन्होंने न को पार्टी में और न ही सरकार में शशि कला को कोई पद दिया था।

स्टालिन के मुताबिक, शशिकला को मुख्यमंत्री के लिए चुना जाना दिवंगत जयललिता की इच्छा के विरुद्ध है। उल्लेखनीय है कि दिसंबर में जयललिता का निधन हो गया था।

 

 

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