कोविंद ने ली राष्ट्रपति पद की शपथ

Publsihed: 25.Jul.2017, 12:50

नई दिल्ली | रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथग्रहण किया | उनके शपथ ग्रहण में पीएम मोदी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार , मध्यप्रदेश के मुखय शिव राज सिंह चौहान , छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर ला;ल खट्टर , पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी शामिल हुए | 

रामनाथ कोविंद सुबह राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया | इसके बाद दोनों का काफिला संसदअवन की ओर रवाना हुआ | 

संसद के सेंट्रल हाल में शपथ ग्रहण के बाद 21 तोपों की सलामी दी गई | शपथ ग्रहण के बाद रामनाथ कोविंद ने कहा कि सेंट्रल हॉल में पुरानी यादें ताजा हो गईं, सेंट्रल हॉल में मैंने विचार-विमर्श किय,. कई बार विचारों से सहमत होते तो कभी असहम, विचारों का सम्मान करना इसी सेंट्रल हॉल में सीखा है | 21वीं सदी भारत की सदी होगी | मैं पूरी विनम्रता के साथ ये पद ग्रहण कर रहा हूं. मैं बहुत छोटे से गांव में मिट्टी के घर में पला बढ़ा हूं. काफी लंबी यात्रा रही | 

रामनाथ कोविंद ने कहा- देश की सफलता का मंत्र उसकी विविधता है और यही विविधता हमारा वह आधार है जो हमें अद्वितीय बनाता है | कोविंद ने कहा, इस देश में हमें राज्यों और क्षेत्रों, पंथों, भाषाओं, संस्कृतियों, जीवन शैलियों जैसी कई बातों का सम्मिश्रण देखने को मिलता है | हम बहुत अलग हैं, लेकिन फिर भी एक हैं, एकजुट हैं | उन्होंने कहा कि देश की सफलता का मंत्र उसकी विविधता है | विविधता ही हमारा वह आधार है जो हमें अद्वितीय बनाता है | नए राष्ट्रपति ने कहा कि 21वीं सदी का भारत, ऐसा भारत होगा जो हमारे पुरातन मूल्यों के अनुरूप होने के साथ ही साथ चौथी औद्योगिक क्रांति को भी विस्तार देगा | इसमें ना कोई विरोधाभास है और ना ही किसी तरह के विकल्प का प्रश्न उठता है |

 उन्होंने कहा कि हमें अपनी परंपरा और प्रौद्योगिकी, प्राचीन भारत के ज्ञान और समकालीन भारत के विज्ञान को साथ लेकर चलना है |
 

 

 

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