मोदी ने हिमाचल में उठाया सेनिको का मुद्दा

Publsihed: 18.Oct.2016, 12:34

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले साल होने वाले  हिमाचल विधानसभा चुनावो को ध्यान में रखते हुए पीएम बनने के बाद आज अपनी पहली रैली में सैनिक कल्याण का मुद्दा उठा. उल्लेखनीय है हिमाचल का शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा, जहाँ से कोई सेना में न हो. इस लिए मंडी में अपने भाषण में मोदी ने कहा कि उन्होने लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए वायदे के अनुरुप वन रैंक, वन पेंशन को लागू कर दिया है, उन्होने कहा कि चार किस्तो में अदायगी की जाएगी, साढे पांच हजार करोड की पहली किस्त जारी की जा चुकी है.

इस्राईल जैसा था सर्जिकल स्ट्राईक

प्रधानमंत्री ने सरजिकल स्ट्राईक की पृष्ठभूमि में कहा कि पहले ऐसा इजरायल ही किया करता था, लेकिन अब भारतीय सेना ने भी दिखा दिया है कि वह किसी से कम नहीं है. आज देश भर में हमारी सेना के पराक्रम की चर्चा हो रही है. भारतीय सेना ने दिखा दिया कि वो किसी से कम नहीं है. इस तरह की कार्रवाई को लेकर पहले लोग केवल इजरायल की बात करते थे लेकिन अब भारत ने भी ऐसा कर दिखाया.

वीरभद्र सिह पर कटाक्ष

मुख्यमंत्री वीर भद्र सिंह पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा के पहले मुख्यमंत्री शांता कुमार ने पानी वाले मुख्यमंत्री की छवि बनाई, दूसरे भाजपाई मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने गांवो में सडके बनाने वाले मुख्यमंत्री की छवि बनाई...और मौजूदा कांग्रेसी मुख्यमंत्री की क्या छवि है. मोदी का इशारा मुख्यमंत्री वीर भद्र सिंह पर चल रहे मनी लांड्रिंग और आय से अधिक सम्मपत्ति के मामलो की और था.

तीन बिजली प्रोजेक्टो का उदघाटन

पीएम बनने के बाद पहली बार हिमाचल पहुंचे मोदी ने मंडी में परिवर्तन रैली से पहले  तीन बड़े हाईड्ल प्रोजेक्‍टों का उद्घाटन किया .सबसे पहले मंडी के ऐतिहासिक पड्डल मैदान से एनएचपीसी के 520 मेगावाट पार्वती पावर स्टेशन और एसजेवीएनएल के 412 मेगावाट की रामपुर जल विद्युत स्टेशन और एनटीपीसी की आठ सौ मेगावाट की कोल डैम जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन किया.

वाजपेयी ने रखा था नींव पत्थर

मंडी और बिलासपुर जिला की सीमा पर सतलुज नदी पर बने आठ सौ मेगावाट क्षमता की कोल डैम परियोजना एनटीपीसी का पहला हाइड्रो प्रोजेक्ट है. यह प्रोजेक्ट उत्तरी ग्रिड को बिजली आपूर्ति करता है. दिसंबर 2003 में तकनीकी आर्थिक स्वीकृति और मुख्य डैम पैकेज का कार्य मिलने के बाद सतलुज नदी पर परियोजना का काम शुरू किया.

पडौसी राज्यो को बिजली
 

इस प्रोजेक्ट में उत्पादित होने वाली बिजली में 12 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश को निशुल्क मिलेगी. परियोजना से प्रभावितों को प्रति माह 100 यूनिट बिजली निशुल्क दी जाएगी. इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू व कश्मीर, चंडीगढ़ को बिजली आपूर्ति की जाएगी.

एनएचपीसी की 520 मेगावाट की पार्वती परियोजना का शिलान्यास 12 दिसंबर 1999 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था. परियोजना का निर्माण दिसंबर 2005 में शुरू हुआ व छह जून 2014 को परियोजना का कार्य पूरा किया गया.

इस प्रोजेक्ट से हिमाचल, जम्मू व कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान व चंडीगढ़ को वितरित की जाती है. परियोजना की लागत करीब 2600 करोड़ रुपये है. एसजेवीएनएल की 412 मेगावाट का रामपुर जलविद्युत स्टेशन परियोजना का भी विधिवत उद्घाटन किया गया है.

 

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