हमारा ताजा आंकलन (28 अप्रेल 2009)

कांग्रेस, एनसीपी, तृणमूल, झामुमो, द्रमुक+लालू, मुलायम, पासवान = 211
भाजपा, एजीपी, शिवसेना, इनलोद, लोद = 193
लेफ्ट, बाबू, चंद्रशेखर, भजन, देवगौड़ा, बीजू, जयललिता, माया = 139

बिना मनमोहन यूपीए की संभावना
211 + 34 (लेफ्ट) + 33 (माया) + 31 (जयललिता) = 309
आडवाणी की संभावना
193 + 33 (माया) + 31 (जयललिता) + 25 (बाबू, चंद्रशेखर) = 285

राज्यवार सभी दलों की स्थिति

राज्य का नाम युपीए एनडीए अन्य
कांग्रेस सहयोगी भाजपा सहयोगी तीसरा मोर्चा चौथा मोर्चा
आंध्र प्रदेश 15 - 01 - 25 01
असम 04 - 05 04 - -
बिहार 02 - 10 16 - 12
छत्तीसगढ़ 03 - 08 - - -
गुजरात 07 - 19 - - -
हरियाणा 04 - 03 01 02 -
हिमाचल 02 - 02 - - -
जम्मू कश्मीर 02 02 01 - - 01
झारखंड 02 03 09 - - -
कर्नाटक 06 - 17 - 03 02
केरल 12 - - - 08 -
मध्य प्रदेश 06 - 23 - - -
महाराष्ट्र 11 11 13 12 01 -
उड़ीसा 08 - 03 - 10 -
पंजाब 07 - 02 04 - -
चंडीगढ़ 01 - - - - -
राजस्थान 14 - 11 - - -
तमिलनाडु 04 05 - - 31 -
उप्र 07 - 15 03 33 22
उत्तराखंड 01 - 04 - - -
बंगाल 06 11 01 - 24 -
त्रिपुरा - - - - 02 -
दिल्ली 05 - 02 - - -
अंडमान, दमन 08 01 04 - - 03
गोवा,पूर्वोत्तर - - - - - -
जोड़ 137 33 153 40 139 41

किया आकलन आपने क्या उसका

किया आकलन आपने क्या उसका आधार।
कहना मुश्किल है अभी किसकी हो सरकार।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
shyamalsuman@gmail.com

जानकारी के लिए धन्‍यवाद।

जानकारी के लिए धन्‍यवाद।

लगे हाथों प्रणव और राहुल बाबा

लगे हाथों प्रणव और राहुल बाबा के साथ यूपीए की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाल दें तो मजा आ जाये।

गणना तो आपने लगभग सही की है

गणना तो आपने लगभग सही की है लेकिन गठजोड़ की भविष्यवाणी में संदेह है। इसकी वजह ये कि जहां माया रहेंगी वहां मुलायम नहीं...जहां जयललिता रहेंगी, वहां करुणानिधि नहीं...जहां लेफ्ट रहेगा वहां ममता नहीं..और टीडीपी तो कभी भी नहीं कांग्रेस के साथ नहीं आएगा...उसकी अकालमौत हो जाएगी। तब तो इस आधार पर आपने आडवाणीजी को पीएम बना ही दिया न।

India Gate se Sanjay Uvach

Wed, 14 Dec 2011

जनसत्ता 14 दिसंबर, 2011:  पिछले दिनों दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक अत्यंत गंभीर विषय पर चर्चा हुई। विषय था, देश में बच्चों के अपहरण की बढ़ रही घटनाएं। विषय की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बच्चों के अपहरण पर शोध आधारित पुस्तक का विमोचन करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अल्तमस कबीर खुद मौजूद थे। इस गंभीर समस्या का सनसनीखेज खुलासा 1996 में हुआ था, जब यूनिसेफ ने भारत में बच्चों के देह-शोषण पर एक रिपोर्ट जारी की थी। बी भामती की इस रिपोर्ट