पाक और इस्राईल पर अमेरिकी नीति अपनानी पड़ेगी 

Publsihed: 01.Jan.2018, 19:16

अजय सेतिया / पाकिस्तान के खिलाफ अब बड़े आपरेशन की जरूरत है | मोदी सरकार की सफलता यह है कि पाकिस्तान को अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय में अलग थलग किया है | अब सिर्फ चीन ही उस का साथी है, वह भी इकनामिक स्वार्थ के कारण | अमेरिका अब पूरी तरह पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा करने के मूड में दिखता है | ट्रम्प ने ओबामा की ढिलमुल नीति छोड़ कर पाक पर निशाना साधा हुआ है | सोमवार को नए साल के पहले दिन ट्रम्प ने खुद एक ट्विट में कहा-" बीते 15 सालों में पाक को 33 अरब डॉलर की मदद अमेरिका की बेवकूफी थी | पाकिस्तान ने बदले में झूठ और धोखा ही दिया | पाकिस्तान हमारे नेताओं को मूर्ख समझता है | जिन आतंकियों को हम अफगानिस्तान में ढूंढते हैं , उन्हें पाकिस्तान पनाह देता है | अब और नहीं | " यानी पाकिस्तान को अमेरिकी मदद बंद हो रही है | भारत के लिए यह स्वर्णिम मौक़ा है | भारत को संसद के शीत सत्र में ही पाक को आतंकी देश घोषित करना चाहिए | ताकि अमेरिका के लिए आर्थिक पाबंदियों का रास्ता खुले | एक तरफ आर्थिक नाकेबंदी हो, तो दूसरी तरफ भारत बड़ा आपरेशन शुरू करे | छोटे मोटे सर्जिकल स्ट्राईकों का पाक की सेहत पर कोई असर  नहीं हो रहा | 2016 के सर्जिकल स्ट्राईक के बाद दिसम्बर 2017 में मिनी सर्जिकल स्ट्राईक भी हो चुका | नोटबंदी से पाकिस्तान से आ रही हवाला मनी पर भी सर्जिकल स्ट्राईक हो चुका | पर सीमा पार से हमलों में कमीं आना तो दूर की बात | अलबत्ता हमले बढ़ गए हैं | पाकिस्तान से आतंकवादियों का आना नहीं रुका | नतीजतन सीमा पर सेना जूझ रही है | तो घाटी के अंदर सुरक्षा बल आतंकवादियों से जूझ रहे हैं | भारत को पाक के खिलाफ वही नीति अपनानी पड़ेगी , जो इस्राईल फलीस्तीन के खिलाफ अपनाता है | मोदी ने इस्राईल का दौरा कर इस्राईल फलीस्तीन नीति बदलने का संकेत दिया था | पर मोदी सरकार भी नेहरुवादियों की फलीस्तीन समर्थक नीति से बाहर नहीं निकली |  

गृहमंत्रालय ने 20 दिसम्बर को संसद में कुछ आंकड़े दिए | गृह राज्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले तीन सालों के मुकाबले इस साल सबसे ज्यादा आतंकवादी को मारे गए हैं | यह बात ठीक है, पर राज्य में आतंक संबंधी घटनाओं में भी इजाफा हुआ है | हर साल की तुलना में आम नागरिकों की मौतों की संख्या भी ज्यादा रही हैं | गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने बताया कि 2017 में दस दिसम्बर तक  203 आतंकी मारे गए थे | यानी इतने ही आतंकी घाटी में और होंगे | बीते साल आतंकियों ने 37 नागरिकों को मारा और 75 सुरक्षा कर्मियों को शहीद किया | इन आंकड़ों के बाद दस सुरक्षा कर्मी और शहीद हुए हैं  | यानी 85 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए | उस से पिछले साल यानी 2016 में 150 आतंकी मारे गए , 15 नागरिक मारे गए और 82 सुरक्षा कर्मियों की शहादत हुई | यहाँ यह बताना ज्यादा जरूरी है कि 2015 में 39 सुरक्षाकर्मी और 2014 में 47 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे | सरकार जब यह कहती है कि 2014 में 110 , 2015 में 108, 2016 में 150 और 2017 में 210 आतंकी मारे गए हैं | तो आतंकवादी वारदातें भी दुगनी हुई हैं | निर्दोष नागरिक भी दुगने मारे गए हैं | और सुरक्षाकर्मी भी दुगने शहीद हुए हैं | अपन को लगता है कि मोदी सरकार की कश्मीर नीति कोई दिशा नहीं पकड रही | वायदा एक के बदले दस को मारने और कश्मीर को सबक सिखाने का था | मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राईक और सेना को खुली छूट दी है | इस से सेना का मनोबल जरुर बढ़ा है | मोदी के समर्थकों को उन के पक्ष में माहौल बनाने का मौक़ा भी मिला है | हुरियत के कई नेता जेल भेज दिए गए | उन की फंडिंग बंद हो गई | इस से पत्थर बाजी पर जरुर रोक लगी | पर इन सब क़दमों के बावजूद जमीनी हकीकत अपन ने बता दी है |

दिसम्बर के तीसरे हफ्ते में जब पाकिस्तान की गोलीबारी से तीन सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे | तो मिनी सर्जिकल स्ट्राईक से चार पाकिस्तानी सेनिक मारे गए थे | जिस पर पाकिस्तान में बवाल भी मचा | पर साल के आख़िरी दिन 31 दिसम्बर को जब देश नए साल का जश्न मना रहा था | तब आतंकियों ने पुलवामा के सीआरपीएफ कैम्प पर हमला कर दिया | जिस में पांच सीआरपीऍफ़ जवान शहीद हुए | जब 31 की रात को देश पटाखों के शोर में जश्न मन रहा था | तब सुरक्षा कर्मी पुलवामा में आतंकियों से जूझ रहे थे | पहली जनवरी की दोपहर को निपटे आपरेशन में तीन आतंकी मारे गए | इस आतंकी हमले में शामिल एक आतंकी पुलिसकर्मी का 16 साल का बेटा भी था | जो कुछ महीने पहले ही जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था | कैंप पर हमले से पहले उसने एक वीडियो मैसेज रिकॉर्ड किया | इस वीडियो में वह सीआरपीएफ के शिविर पर हमले की योजना बना रहा है | ये वीडियो कश्‍मीर घाटी में व्‍हाट्स एप और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था | आठ मिनट के इस वीडियो में ये आतंकी युवाओं से अपील कर रहा है कि वह जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो | आतंकी कह रहा है -" अल्‍लाह ने चाहा , जब यह सन्देश आपके पास पहुंचेगा मैं पहले ही स्वर्ग में अपने प्रभु का अतिथि हो चुका होंगा |" और 16 साल का यह बच्चा सुरक्षाकर्मियों के हाथों मारा गया | पहली बार है कि जब किसी फिदायीन ने हमले से पहले संदेश रिकॉर्ड किया | यह खुदा के नाम पर उकसाने की हरकत है | फिर भी इसे इस्लामी आतंकवाद कहने की मनाही है | आतंकियों की तैयारी कितनी है , इस का अंदाज इस तथ्य से लगाईए | तीन आतंकियों ने पांच सुरक्षाकर्मी शहीद किए | उस के बाद मुठभेड़ हुई | इस का मतलब है हमारी तैयारी इस्राईल जैसी अभी भी नहीं बनी है | पाकिस्तान फलीस्तीन की तरह कश्मीर में घुस कर लड़ रहा है | पर अपन पीओके में घुस कर इस्राईल की तरह नहीं लड रहे | छुटपुट सर्जिकल स्ट्राईक कर रहे हैं | जिस का पाकिस्तान पर कोई असर नहीं हो रहा | लाल कृष्ण आडवानी ने जिस प्रो- एक्टिव पालिसी की बात की थी | वह 15 साल बाद भी नहीं दिख रही | अमेरिका ने पाक के खिलाफ कदम उठाने का संकेत दिया है | तो भारत को कदम के साथ कदम मिलाना चाहिए | पाकिस्तान की नीति भी बदलनी होगी | और फलीस्तीन-इस्राईल की नीति भी पलटनी होगी | 

 

 
 

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