आखिर दस साल बाद प्रणय राय पर पडा सीबीआई का छापा

Publsihed: 05.Jun.2017, 10:22

नई दिल्ली | सीबीआई ने आखिर दस साल बाद एनडीटीवी के मालिक प्रणय रॉय के ग्रेटर कैलाश स्थित निवास, देहरादून में उन की कोठी और एक अन्य स्थान पर  सोमवार सुबह 8.00 बजे के करीब छापेमारी की l भाजपा सांसद सुब्रहमन्यम स्वामी ने कहा है कि क़ानून का डरतो सभी को होना चाहिए, भले ही वह कोई भी हो | उल्लेखनीय है कि प्रणव राय के खिलाफ करीब एक दशक से जांच चल रही थी |

विजय माल्य के खिलाफ अभियान चलाने वाले मीडिया मुग़ल प्रणव राय ने एनडीटीवी की फर्जी कम्पनी आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राईवेट लिमिटेड के नाम पर 2008 में आईसीआईसीआई से 375 करोड़ का लोन ले कर दो दिन के भीतर ही 21 करोड़ रूपए अपने व्यक्तिगत खाते में और 71 करोड़ रूपए अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर कर लिए थे | आईसीआई बैंक को 48 करोड़ रुपये का नुकसान होने के कारण रॉय, उनकी पत्नी राधिका और आरआरपीआर होल्डिंग्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आईसीआई बैंक की भूमिका की भी जांच चल रही है |

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने फेमा प्रावधानों का उल्लंघन करने को लेकर एनडीटीवी के खिलाफ 2,030 करोड़ रुपए का नोटिस जारी किया था. ईडी का ये नोटिस प्रणय रॉय, राधिका रॉय और सीनियर एग्जीक्यूटिव केवीएल नारायण राव के खिलाफ जारी किया गया था | प्रणय रॉय पर फंड डायवर्जन और बैंक से फ्रॉड का आरोप है |

आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राईवेट लिमिटेड एक शेल कम्पनी है | जिस के 50 प्रतिशत शेयर प्रणब राय के पास हैं और 50 प्रतिशत शेयर उन की पत्नी राधिका के पास हैं, इस कम्पनी की कोई आमदनी नहीं है, फिर भी आईसीआई बैंक  5 करोड़ का लों दे दिया | यह कर्ज 14 अक्टूबर 2008 को दिया गया था, प्रणब राय के करीबी दोस्त पी.चिदंबरम वित्त मंत्री थे | आयकर विभाग की 29 दिसंबर 2015 को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक़ दिन बाद 16 अक्टूबर इस कम्पनी ने 20,92,00,009 रूपए अपने निदेशक प्रणब राय को और 71,00,00,107 रूपए निदेशक राधिका राय को बयाज मुक्त कर्ज के रूप में दे दिए | यह बैंक के साथ मिलीभगत से केअ गया फ्राड था |

 

 

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