Politicking

Indian Politics based articles

आरक्षण पर अभी खत्म नहीं हुआ टकराव

सीमित अंकों की छूट, क्रीमी लेयर, पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सों में प्रवेश पर विधायिका और न्याय पालिका में टकराव के आसार कांग्रेस को ऊंची जातियों के मध्यम वर्ग की नाराजगी का डर सताने लगा। सुप्रीम कोर्ट ने पिछड़ी जातियों को उच्च शिक्षा में आरक्षण के लिए किए गए 93वे संविधान संशोधन को उचित ठहराकर कांग्रेस की [...]

कंधार और ‘माई कंट्री माई लाईफ’

लाल कृष्ण आडवाणी की किताब ‘माई कंट्री माई लाइफ’ राजनीतिक लड़ाई का केंद्र बिंदु बन गई है। आडवाणी के परंपरागत विरोधी बिना किताब को पढ़े, उनके खिलाफ धड़ाधड़ लिख और बोल रहे हैं। ऐसा नहीं है कि किताब में कोई त्रुटियां नहीं हैं, हालांकि किताब लिखते समय आडवाणी और उनके सलाहकारों ने तथ्यों की अच्छी [...]

अंधा बांटे रेवड़ियां, मुड-मुड अपनो को दे

यूपीए सरकार ने पिछले छह सालों की तरह इस बार भी किसी को भारत रत्न नहीं देकर खुद को भंवर जाल से तो निकाल लिया, लेकिन भारत रत्न सम्मान खुद भंवर जाल में फंस गया। परंपरा के मुताबिक विपक्ष के नेता लाल कृष्ण आडवाणी का यह अधिकार था कि वह अपनी तरफ से प्रधानमंत्री को [...]

अंदरूनी लोकतंत्र से ही उपजेगा जनाधार

अगर इस साल लोकसभा चुनाव नहीं भी हुए, तो भी आम चुनावों में अब सिर्फ सवा साल बाकी रह गया है। राजग ने छह साल केंद्र में सरकार चलाई, लेकिन आखिरी दिनों में भारतीय जनता पार्टी की इतनी बुरी हालत नहीं हुई थी, जितनी इस समय कांग्रेस की दिखाई देने लगी है। दिसंबर 2003 में [...]

रोटी, कपड़ा, मकान और नैनो

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की सरकार ने आम आदमी के हित में कितने काम किए, इसका हिसाब-किताब तो अगले चुनावों में ही पता चलेगा। वैसे एक वर्ग का मानना है कि पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात ने अपना फैसला सुना दिया है। इस बड़े तबके के हिसाब से [...]

भाजपा का अश्वमेघ घोड़ा कहीं रास्ते में न रुके

गुजरात-हिमाचल में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी में नया उत्साह आ गया है। लोकसभा चुनावों में हार के बाद से पार्टी में मुर्दनी छाई हुई थी। इस बीच पार्टी में कई प्रयोग हुए लेकिन कार्यकर्ताओं में उत्साह नहीं भरा जा सका था। भाजपा को निराशा के चक्रव्यूह में फसाने का काम राष्ट्रीय स्वयं सेवक [...]