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Exclusive Articles written by Ajay Setia

तहलका के काले कारनामों की खुली पोल

Publsihed: 06.Nov.2017, 21:27

अजय सेतिया / चौदह साल बाद जया जेटली ने सोनिया पर पलट वार किया है | पहले कुछ जया जेटली के बारे में | वाजपेयी सरकार के समय वह जनता दल यूनाईटेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष थी | जार्ज फर्नाडिस तब रक्षा मंत्री थे | नितीश कुमार रेल मंत्री थे और शरद यादव लेबर मिनिस्टर | तीनों बड़े नेता मंत्री थे , तो पार्टी का काम कौन करे | इस लिए जया जेटली पार्टी की अध्यक्ष बनाई गई | जया उस समय जार्ज फर्नाडिस के बहुत करीब हुआ करती थी | वह केरल के राज परिवार से थीं | उस का बचपन दिल्ली में बिता | दिल्ली में ही उनकी स्कूली और कालेज की शिक्षा हुई | पहले प्रेमी और फिर पति अशोक जेटली जम्मू कश्मीर काडर के आईएएस थे | अशोक जेटली

लो शारदा घोटाले वाले मुकुल राय भी आ गए

Publsihed: 03.Nov.2017, 21:24

अजय सेतिया / शायद नरेंद्र मोदी और अमित शाह अभी महसूस नहीं कर रहे | पर भाजपा के जमीनी वर्कर हताशा का शिकार हो रहे हैं | भाजपा की न सिर्फ केंद्र में सरकार है | अलबत्ता 13 राज्यों में खुद की सरकार है | पांच राज्यों में उपमुख्यमंत्री भी हैं | यानि भाजपा अठारह राज्यों में सत्ता में है | फिर भी भाजपा का वर्कर हताश है, तो कहीं न कहीं कुछ गडबड है | अपन केंद्र की बात करें , तो चार साल होने को हैं | अब एक साल बाकी बचा है | अगले लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं | प्रदेशों से नियुक्ति के लिए आई सिफारशी चिठ्ठियाँ या तो पीएमओ की फाईलों में दब गईं | या 11, अशोका रोड पर धूल फांक

हिमाचल में धूमल के सिवा विकल्प ही नहीं था 

Publsihed: 02.Nov.2017, 23:52

अजय सेतिया /मोदी-अमित शाह के पास इस के सिवा कोई चारा भी नहीं था | वीर भद्र सिंह का मुकाबला करने के लिए प्रेम कुमार धूमल ही चाहिए थे | दिल्ली की मनमर्जी नहीं चल सकती थी | आज हर कोई कह रहा है गुजरात में कडा मुकाबला हो गया है | हालांकि कांग्रेस ने रुपानी के सामने अपना चेहरा भी नहीं बताया | पर हिमाचल में चेहरा रहित भाजपा पिटने के कगार पर पहुंच रही थी | मीडिया में पिछले एक साल से जेपी नड्डा की हवा बनी हुई थी | वह हवा कैसे बनी , अपन दिल्ली से बैठ कर नहीं बता सकते | पर अपने कई पत्रकार मित्र साल भार से अपन से पूछ रहे थे | एक को तो अपन ने पिछले साल असम्भव कहा था | फिर भी जब यूपी और

गुजरात में कांग्रेसी राहुल से ज्यादा हार्दिक पर फ़िदा है 

Publsihed: 01.Nov.2017, 11:40

अजय सेतिया / गुजरात में चुनाव बहुत मजेदार हो गया है | हार्दिक पटेल बेचारे 24 साल के हैं | राहुल की उम्र से आधे | चुनाव लड़ने की उम्र भी नहीं हुई अभी | पर राहुल गांधी से ज्यादा भीड़ खिंच रहे हैं | भाजपा ने हार्दिक की होटल वाली सीडी लीक करा कर चोट मारी थी | लगता था कि अनाडी हार्दिक फंस गया है | उस की लोकप्रियता पर असर पड़ेगा | उसे अपने समर्थकों को सफाई देनी भी पडी | पर कांग्रेस को आरक्षण पर फैसले का अल्टीमेटम दे कर हार्दिक बच निकले | हार्दिक की रविवार के भावनगर में हुए रोड शौ की चर्चा दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भी सुनाई दी | यह रोड शौ कांग्रेस को आरक्षण पर फैसला करने के अल्

राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता का सवाल

Publsihed: 31.Oct.2017, 09:20

 अजय सेतिया / सुब्रहमन्यम स्वामी का भी कोई जवाब नहीं | राम जेठमलानी से कम सनकी नहीं हैं | दोनों जिस के पीछे पड जाएं , हाथ धो कर पड जाते हैं | जेठमलानी और स्वामी दोनों ही सत्तर के दशक में अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी थे | स्वामी कहते हैं कि मोरारजी देसाई उन्हें अपने मंत्रिमंडल में लेना चाहते थे | पर वाजपेयी ने उन्हें मंत्री नहीं बनने दिया | क्योंकि जनता पार्टी बनने से पहले वह जनसंघ में थे | इस लिए जनसंघ वाले हामी भरते तभी वह मंत्री बन सकते थे | इस लिए स्वामी ने जनसंघ से किनारा कर लिया | 1980 में जब पूर्व जन संघियों ने भाजपा बनाई , तो स्वामी उस में नहीं गए | वाजपेयी मुम्बई में अध्यक्ष चुन

शिवसेना का दावा है मोदी लहर फीकी पडी 

Publsihed: 28.Oct.2017, 00:11

अजय सेतिया / अपन ने शुक्रवार के कालम में राज ठाकरे का जिक्र किया था | जिन ने भविष्यवाणी की है कि गुजरात चुनाव के बाद विपक्ष मजबूत होगा | अपन को शक है कि राज ठाकरे कांग्रेस के साथ जाने की सोच रहे हैं | पर अपना मानना है कि विपक्ष 182 में से 80 सीटें भी ले जाए तो विपक्ष जरुर मजबूत होगा | वैसे तो शिव सेना भी लगातार भाजपा पर प्रहार कर रही है | कभी कभी सीधे मोदी पर भी हल्का फुल्का प्रहार होता है | पर शुक्रवार को शिव सेना के सांसद संजय राउत ने आमने सामने की लड़ाई कर दी है | संजय राउत ने भाजपा का उपहास करते हुए कहा - "'मोदी लहर अब फीकी पड़ गई है...|" सिर्फ इतना नहीं अलबत्ता संजय ने

तो क्या गुजरात चुनाव के बाद विपक्ष मजबूत होगा

Publsihed: 26.Oct.2017, 20:45

अजय सेतिया / लानत-मलानत के बाद चुनाव आयोग ने गुजरात में चुनावों का एलान कर दिया | गुजरात में 9 और 14 दिसम्बर को चुनाव होंगे | वैसे गुजरात में चुनाव नहीं हो रहा | गुजरात में महाभारत हो रहा है | अभी तो यह तय हो रहा है कौरव कौन है, पांडव कौन | यह निर्भर करेगा कि कौन किस के साथ जाएगा | चुनाव को पहली बार जातियां प्रभावित करेंगी | ओबीसी के नेता के रूप में उभरे अल्पेश ठाकोर कांग्रेस के साथ चले गए हैं | पाटीदारों के नेता के रूप में उभरे हार्दिक पटेल अभी दुविधा में हैं | कांग्रेस ने उन्हें न्योता दिया हुआ है | पर वह महाभारत के योद्धा हो सकते है,  चुनाव नहीं लड़ सकते | चुनाव लड़ने

दिया जब रंज बुत्तो ने, तो खुदा याद आया 

Publsihed: 24.Oct.2017, 22:51

अजय सेतिया / गुजरात के चुनाव ने मोदी सरकार की आँखें खोल दी हैं | अब तक सरकार सपनों में थी | यूपी,उत्तराखंड ने चुनाव जितना आसान बना दिया था | गुजरात ने उतना ही मुश्किल बना दिया है | सरकार अब विकास का माडल ले कर आई है | या कहें नया सपना ले कर आई है | हालांकि जीएसटी पर अभी भी असमंजस बरकरार है | सरकार जीएसटी से टेक्स वसूली को ही सफलता मान रही है | पर सफलता तब होगी , जब गुजरात में 150 सीटें जीतने का दावा पूरा हो | अमित शाह ने यही टारगेट तय किया है | पर चुनावों का एलान नहीं हो रहा | सरकार देश की अर्थव्यवस्था पर चौतरफा हमला झेल रही है | सोशल मीडिया ने हवा बना दी है कि अर्थव्यवस्था डगमगा गई है | रा

देश के मिजाज का थर्मामीटर बन गया है गुजरात

Publsihed: 23.Oct.2017, 22:58

अजय सेतिया / गुजरात का चुनाव गले की फांस बन गया है | मोदी के पीएम बनते ही भाजपा बदल चुकी है | लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की चौकड़ी दिखी थी | जब नरेंद्र मोदी , राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और अरुण जेटली इक्कठे बैठे थे | शायद वह तस्वीर सामूहिक नेतृत्व की आख़िरी तस्वीर थी | अपन ने 30 साल तक भाजपा नेताओं से सामूहिक नेतृत्व का राग सुना था | पर अब भाजपा में कोई सामूहिक नेतृत्व की बात जुमले  के तौर पर भी नहीं कहता | अब अगर भाजपा बिहार में हारती है तो रणनीति की विफलता का ठीकरा मोदी के सिर फूटता है | दिल्ली हारती है, तो भी मोदी के सिर फूटता है | सामूहिक जिम्मेदारी अब नहीं होती | क्योंकि यूपी,उत्तराखंड

गौरी लंकेश की हत्या पर वामपंथी चुप क्यों 

Publsihed: 18.Oct.2017, 00:34

अजय सेतिया / कम्यूनिस्ट एक्टिविस्ट ,जो पत्रकारिता में भी सक्रिय थी | अपन गौरी लंकेश की बात कर रहे हैं | जिस की हत्या पर वामपंथी पत्रकारों ने हिन्दुओं के खिलाफ सारे देश में बावेला खडा किया था | प्रेस क्लब को वामपंथियों का अड्डा बना दिया गया था | जिस पर राहुल गांधी ने संघ परिवार पर आरोप लगा दिया था | बेंगलूर के गृह मंत्री तक ने कहा था कि उन्हें पता है किस ने हत्या की | पांच सितम्बर को हत्या हुई थी |  अब सवा महीना बीत जाने के बाद भी कर्नाटक सरकार को कोई सुराग नहीं मिला | अब वह दावा नहीं कर रही कि उसे पता है किस ने मारा | और वो काली स्क्रीन वाला वामपंथी पत्रकार भी कोई सुराग नहीं निकाल