Guest Column

मीर बाक़ी से भारत के इतिहास की शुरुआत नहीं होती

Publsihed: 26.Mar.2017, 13:03

शोभित शक्तावत / सन् 1528 में मीर बाक़ी ने अयोध्या में बाबरी ढांचा बनवाया था,  लेकिन सन् 1528 से तो भारत के इतिहास की शुरुआत नहीं होती.

कथा इससे बहुत बहुत पुरानी है, बंधु. श्रीराम के मिथक से जुड़े लोक और शास्त्र के संपूर्ण वांग्मय में अहर्निश उल्लेख है अवधपुरी और सरयू सरिता का. पुरातात्त्विक सर्वेक्षण के अटल साक्ष्य हैं. परंपरा की साखी है. कोई इससे चाहकर भी इनकार नहीं कर सकता.

विवाद किस बात पर है? सन् 1528 में रामजन्मभूमि पर बाबरी ढांचे का बलात् निर्माण ही एक आक्रांताजनित दुर्भावना का परिचायक था. वह स्वयं एक भूल थी. भूलसुधार का तो स्वागत किया जाना चाहिए ना. 

भावुक कर गई योगी के परिवार की साधगी

Publsihed: 20.Mar.2017, 08:25

-विनोद मुसान / हर कोई चाहता है कि समाज में साधु-संत धर्म का विस्तार करें। लेकिन सन्सासी उनके घर में पैदा हो, ऐसी चाहत किसी की नहीं होती। 
योगी आदित्य नाथ के पिता श्री आनंद सिंह बिष्ट से रिपोटर ने जब ये प्रश्न पूछा तो उनका भावुक होना स्वाभाविक था। रुआंसे गले से बोले, ये बात सच है। जब बेटा संन्यास लेने की बात कहे तो कोई भी माता-पिता इस बात को स्वीकार नहीं करेंगे। 
लेकिन उनका बेटा संन्यासी जीवन जीते हुए जिस पथ पर चला, उन्हें आज उस पर गर्व है। 

बूथ कैपचरिंग से निजात दिलाई है ईवीएम मशीन ने

Publsihed: 17.Mar.2017, 00:23

 त्रिभूवन /   भारतीय ईवीएम न तो जापान से आयात की गई हैं और न ही किसी योरोपीय देश से। ये भारतीय चुनाव आयोग ने भारत इलेक्ट्रोनिक्स लि. बंगलूर और इलेक्ट्रोनिक्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया हैदराबाद जैसी पब्लिक सेक्टर कंपनियाें के सहयोग से तैयार की थीं।

इसे विकसित करने में सुजाता रंगराजन का भी खूब योगदान रहा है। वे एक प्रसिद्ध एमआइटियन थीं। उन्होंने भारत इलेक्ट्रोनिक्स लि. बैंगलोर साथ खूब किया था और वे ईवीएम विकसित करने वाली टीम का अहम हिस्सा थीं। 

अब वे यूपी की जनता को साम्प्रदायिक कहेंगे ?

Publsihed: 12.Mar.2017, 01:10

मनीष ठाकुर / गुजरात की जनता को अपमानित करने वाले अब यूपी की जनता को साम्प्रदायिक कहेंगे? वो साजिश रचते रहे , नफरत फैलाते रहे ,खुद को पत्रकार कहने वाले। वे इस नफरत फैलाने की कीमत वसूलते थे। आम जन उनकी फर्जी ख़बरों को सत्य मानती रही। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा,भारत की सबसे बड़ी अदालत द्वारा बनाई एसआईटी ने  2013 तक साफ कर दिया कि ज्ञानवीरों की साजिश में दम नहीं है। घटिया स्तर तक जाकर ,दंगा के दौरान, गर्भ से बच्चे निकालकर मारने की एनजीओ और एनडीटीवी व् मीडिया गिरोह की साजिश की कहानी बेपर्दा होने के बाद भी पत्रकारिता का बलात्कार जारी रहा।  

रेप ... की धमकियों के बाद #

Publsihed: 08.Mar.2017, 08:31

रेप ... की धमकियों के बाद #गुरमेहर ने अपना मिशन अधूरा छोड़ दिया ।
वो अपनी पढाई भी अधूरी छोड़ कर पटियाला लौट गई ।
भले ही सब प्रायोजित हो , मगर उतना ही दुखद भी है ।

आखिर क्यों कभी मनोवैज्ञानिकों द्वारा बीमार मानसिकता की देन माना जाने वाला रेप ,कालांतर में हथियार की तरह प्रयोग होने लगा ।
अगर कोई पुरुष आपके विचारों के विपरीत जाता है ,तो उसको जान से मार देना ,और महिला द्वारा आपसे भिन्न विचार रखने पर रेप करने की धमकी ।
ये धमकियाँ किसी भी पक्ष से आ रही हो , उसका प्रायोजक कोई भी हो , फर्क नही पड़ता ।
फ़र्क़ पड़ता है , तो सिर्फ मानसिकता से ।

कभी वो बाबा लगता है कभी वो लाला लगता है

Publsihed: 26.Feb.2017, 10:02

ब्रजेश राजपूत,भोपाल ! अच्छा सुनो , अब बस करो। ये पालिटिकल सेशन खत्म और स्पीरिचुअल सेशन शुरू। अब आप सब दो मिनिट कपाल भाति और अनुलोम विलोम करो। और ये कहकर बाबा ने अपना भगवा उत्तरीय कंधे पर डाला, सामने रखे माइक के टेबल को दूर किया और कुर्सी पर ही आलथी पालथी मारकर षुरू हो गये। लंबी लंबी गहरी सांस लेने। 
हू,,, हू,,,। 

चुनाव निशान : दो गधों की जोड़ी

Publsihed: 23.Feb.2017, 10:47

कांग्रेस का चुनाव निशान कभी दो बैलों की जोड़ी हुआ करता था, पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जब से गुजरात के गधों का जिक्र किया है, तब से उत्तर प्रदेश के चुनाव में दो गधों की जोड़ी की चर्चा है. गुजरात के गधों वाली टिप्पणी पर गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश कुमार सिंह ,एडिटर एबीपी  अस्मिता ने अपने ब्लॉग में एक पत्र अखिलेश यादव को लिखा है,जिसे हम आप की जानकारी के लिए यहाँ दे रहे हैं. 

अखिलेश जी,

रईस,काबिल एवं जॉली गठजोड़ चल रहा है मन्दसौर में

Publsihed: 18.Feb.2017, 14:45

राघवेन्द्रसिंह तोमर

मन्दसौर - अक्षय कुमार,ऋतिक रोशन एवं शाहरुख़ खान द्वारा अभिनय की गई फ़िल्में रईस, काबिल एवं जॉली एलएलबी 2 देखी तब मन ने महसूस किया कि इन तीनों फिल्मों जैसा माफिया, प्रसाशन एवं जनप्रतिनिधियों का गठजोड़ चल रहा है मन्दसौर संसदीय क्षेत्र में । यह सिर्फ मेरे विचार नहीं बल्कि इस क्षेत्र में रहने वाले एक एक आम आदमी और मतदाता के अंतर्मन में यह बात उठ रही है पर डर,ख़ौफ़ एवं हिचक के चलते मन की बात कोई जुबान तक नहीं ला पा रहा । 

मुस्लिमों की ‘माया’: बसपा सोशल इंजीनियरिंग

Publsihed: 23.Jan.2017, 07:10

देवेंद्र शुक्ल /  भारत के सभी २९ राज्यों में से उत्तर प्रदेश, आबादी के लिहाज से सर्वाधिक मुस्लिम जनसँख्या वाला राज्य है (लगभग २० फीसदी) । जम्मू कश्मीर, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ हिदुओं के मुकाबले मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है (६८ फीसदी) । राज्य की कुल आबादी में मुस्लिमों की जनसंख्या के घटते क्रम में लेने पर असम, पश्चिम बंगाल और  केरल के बाद उत्तर प्रदेश देश का चौथा ऐसा राज्य है जहाँ मुस्लिम आबादी पांचवे हिस्से के बराबर या उससे आधिक है। इस सन्दर्भ में यह बताना रोचक है कि उत्तर प्रदेश में कुल २० प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाले जिलों की संख्या