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नोटबंदी,नजरबंदी , युद्धबंदी सब नाकाम

Publsihed: 04.Jun.2018, 23:37

अजय सेतिया/ बाकी सब मुद्दे अपन छोड़ भी दें|नोटबंदी ,जीएसटी , बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं जैसे आर्थिक मुद्दे अपन भूल भी जाएँ | तो भी कश्मीर की विफलता सब को खटक रही है | पाँचवाँ आखिरी साल शुरू हो गया | नरेंद्र मोदी ने आतंकियों की फंडिंग बंद करने के लिए नोटबंदी कर के भी देख ली | हूरियत के नेताओं की नजरबंदी कर के भी देख ली | रमजान के महीने में एक तरफा युद्धबंदी कर के भी देख ली | सर्जिकल स्ट्राईक कर के भी देख लिया | बिना न्योते पाकिस्तान जा कर भी देख लिया | पर न पाकिस्तान ने युद्धविराम माना | न उस के पालतू आतंकियों ने आतंकवाद छोड़ा | न कश्मीर के मुस्लिम युवाओं ने आतंकवादियों का साथ देना छोड़ा |

तीन विधानसभाएँ भंग करने की रणनीति

Publsihed: 02.Jun.2018, 23:53

अजय सेतिया/ लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ करवाने का विचार नया नहीं है | लेकिन कांग्रेस और क्षेत्रीय दल इस से सहमत नहीं है | भाजपा को वाजपेयी के जमाने में भी यह लगता था कि एक साथ चुनाव से उन्हें राष्ट्र्व्यापी लाभ होगा , और मोदी के जमाने में भी यही लगता है | इस लिए वाजपेयी के जमाने की तरह इस बार भी एक साथ चुनाव करवाने की रणनीति पर कानूनी मत्थापच्ची हो रही है | वाजपेयी के जमाने में राजनीतिक दलों में आम सहमति के प्रयास किए गए थे, लेकिन मोदी के जमाने में संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से कानूनी पक्षों को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है | कानूनी पक्षों की पूरी तैयारी के बाद राजनीतिक दलों

राज्यपाल के विवेकाधिकार की भी इतिश्री

Publsihed: 19.May.2018, 08:59

अजय सेतिया / यह तो तय था कि सुप्रीमकोर्ट राज्यपाल की ओर से येद्दुरप्पा को दिए गए न्योते के निर्णय को रद्द नहीं करेगी । जिस दिन ऐसा होने लगेगा ,उस दिन सुप्रीमकोर्ट संविधान से भी ऊपर हो जाएगी । राज्यपाल के निर्णयो की समीक्षा हो सकती है , उसे गलत या ठीक ठहराया जा सकता है , उस में बदलाव किया जा सकता है, लेकिन रद्द नहीं किया जा सकता । अत: सुप्रीमकोर्ट ने ब्रुहस्पतिवार को येद्दुरप्पा का शपथग्रहण होने दिया , लेकिन बहुमत साबित करने की समय सीमा 15 दिन से घटा कर आने वाले 30 घंटे कर दी । शपथग्रहण को 24 घंटे तो बीत ही चुके थे । 

हिन्दू आतंकवाद थ्योरी की साजिश में शामिल थे करकरे

Publsihed: 20.Apr.2018, 23:49

अजय सेतिया / शुक्रवार की दो बड़ी खबरों ने यूपीए सरकार के समय मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए सत्ता के दुरूपयोग की पोल खोली है | कांग्रेस की महाराष्ट्र सरकार की ओर से कर्नल पुरोहित पर मुकददमा चलाने की इजाजत पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की इजाजत दी है | दुसरे मामले में कांग्रेस की ओर से अपने न्यायपालिका के साथियों की मदद से नरोदा पाटिया केस में फंसाई गई  बीजेपी की पूर्व मंत्री माया कोडनानी को गुजरात हाई कोर्ट ने बरी कर दिया है | उनको निचली अदालत ने 28 साल की सजा सुनाई थी | इसी बीच सेना का 16 जनवरी 2008 का वह दस्तावेज बाहर आ गया है , जिस में कहा गया है कि कर्नल पुरोहित एक मिशन पर मिलट्री इंटेलिजेंस

क़ानून संसद का नहीं पुलिस का चलता है 

Publsihed: 15.Apr.2018, 22:52

अजय सेतिया \संसद ने 2012 में योन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने के लिए पोक्सो क़ानून पास किया था | इस क़ानून में किसी भी तरह के अपराध की सजा कम से कम तीन साल रखी गई | वह इस लिए क्योंकि सीआरपीसी के अनुसार जो अपराध तीन साल या उस से ज्यादा सजा वाला होता है, वह गैर जमानती होता है | पोक्सो का विशेष प्रावधान यह है कि जैसे ही किसी व्यक्ति के खिलाफ पोक्सो का केस दायर होता है वह अपराधी माना जाएगा | आम तौर पर यह धारणा है कि कोई व्यक्ति तब तक अपराधी नही माना जा सकता, जब तक उस पर आरोप साबित न हो | लेकिन पोक्सो की धारा 29 में यह प्रावधान किया गया है कि पोक्सो की धारा 3 ,5 ,7 और 9 में केस दर्ज होते

योगी और महबूबा ने बिगाड़ दी भाजपा की छवि

Publsihed: 14.Apr.2018, 12:21

अजय सेतिया / नाबालिग लडकी से बलात्कार के अपराधी ( आरोपी नहीं, अपराधी ) भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दस महीने तक गिरफ्तार न कर के योगी सरकार ने भाजपा को देश भर इतना बदनाम कर दिया है, कि वह कहीं मुहं छुपाने लायक नहीं रही है | काफी छीछालेदर के बाद भाजपा विधायक  कुलदीप सिंह सेंगर पोक्सो की धारा 5 के अंतर्गत गिरफ्तार किए गए हैं | इस मामले में राजनीतिज्ञों और पुलिस की मिलीभ्क्त भी साबित हो गई है | दोनों मिल कर हर रोज संसद के बनाए क़ानून को ठेंगा दिखाते हैं | संसद ने 2012 में योन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने के लिए पोक्सो क़ानून पास किया था | इस क़ानून में किसी भी तरह

न धर्म का पालन , न राजधर्म का 

Publsihed: 11.Apr.2018, 11:10

अजय सेतिया / किशोरी से बलात्कार और उस के पिता की हत्या के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का उत्तरप्रदेश पुलिस बाल भी बांका नहीं कर पा रही | कुलदीप सिंह उन्नाव जिले के सबसे महत्वपूर्ण राजपूत नेता हैं , जिनकी राजनैतिक यात्रा यूथ कांग्रेस से शुरू हुई थी | वह पहली बार  2002 में मायावती की पार्टी से विधायक बने, 2007 में समाजवादी पार्टी से चुने गए, 2017 में चुनाव के आरम्भ होते ही दल बदल कर भाजपा में चले गए और फिर विधायक बन गए | क्योंकि कुलदीप सिंह खुद और उस के बॉस राजा भैया योगी आदित्यनाथ के समर्थक हैं, इस लिए योगी सरकार उन का बाल भी बांका नहीं होने दे रही | सुनते हैं