Edit Page

अब वे यूपी की जनता को साम्प्रदायिक कहेंगे ?

Publsihed: 12.Mar.2017, 01:10

मनीष ठाकुर / गुजरात की जनता को अपमानित करने वाले अब यूपी की जनता को साम्प्रदायिक कहेंगे? वो साजिश रचते रहे , नफरत फैलाते रहे ,खुद को पत्रकार कहने वाले। वे इस नफरत फैलाने की कीमत वसूलते थे। आम जन उनकी फर्जी ख़बरों को सत्य मानती रही। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा,भारत की सबसे बड़ी अदालत द्वारा बनाई एसआईटी ने  2013 तक साफ कर दिया कि ज्ञानवीरों की साजिश में दम नहीं है। घटिया स्तर तक जाकर ,दंगा के दौरान, गर्भ से बच्चे निकालकर मारने की एनजीओ और एनडीटीवी व् मीडिया गिरोह की साजिश की कहानी बेपर्दा होने के बाद भी पत्रकारिता का बलात्कार जारी रहा।  

चुनाव नतीजे : मेरा देश बदल रहा है 

Publsihed: 11.Mar.2017, 22:25

उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनाव नतीजे बहुत कुछ कहते हैं | देश की राजनीति नई करवट ले चुकी है | हमें उत्तराखंड , गोवा, पजाब और मणिपुर के चुनाव नतीजों को अलग ढंग से देखना होगा | जब कि उत्तरप्रदेश के नतीजों को अलग नजर से देखना होगा | पंजाब और उत्तराखंड की सरकारें बहुत बदनाम हो चुकी थीं | इन दोनों राज्यों की सरकारों से जनता का मोह भंग था | पंजाब में क्योंकि भाजपा खुद सरकार का हिस्सा थी, इस लिए उसे भी जनता के गुस्से का शिकार होना पडा | भाजपा, जैसा कि सोच रही थी, अगर एक साल पहले अकाली दल से अलग हो जाती, तो वह इन चुनावों में भी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह एक बड़ी ताकत बन कर उभरती | आम आदमी

रेप ... की धमकियों के बाद #

Publsihed: 08.Mar.2017, 08:31

रेप ... की धमकियों के बाद #गुरमेहर ने अपना मिशन अधूरा छोड़ दिया ।
वो अपनी पढाई भी अधूरी छोड़ कर पटियाला लौट गई ।
भले ही सब प्रायोजित हो , मगर उतना ही दुखद भी है ।

आखिर क्यों कभी मनोवैज्ञानिकों द्वारा बीमार मानसिकता की देन माना जाने वाला रेप ,कालांतर में हथियार की तरह प्रयोग होने लगा ।
अगर कोई पुरुष आपके विचारों के विपरीत जाता है ,तो उसको जान से मार देना ,और महिला द्वारा आपसे भिन्न विचार रखने पर रेप करने की धमकी ।
ये धमकियाँ किसी भी पक्ष से आ रही हो , उसका प्रायोजक कोई भी हो , फर्क नही पड़ता ।
फ़र्क़ पड़ता है , तो सिर्फ मानसिकता से ।

गठबंधन तोड़ कर ही मजबूत होगी भाजपा 

Publsihed: 02.Mar.2017, 12:38

अजय सेतिया / पंजाब विधानसभा के चुनाव नतीजे भी बाकी चार राज्यों के साथ ही 11 मार्च को आयंगे , लेकिन पंजाब के चुनाव नतीजे उत्तरप्रदेश,उत्तराखंड और गोवा से थोड़ा अलग होंगे, इस सम्बन्ध में किसी को कोई आशंका नहीं होनी चाहिए | जहां उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और गोवा में भाजपा की सरकारें बनाने की संभावना बनी हुई है, वहां पजाब भाजपा के नेता भी मानते हैं कि पजाब में एनडीए के दुबारा सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है | इस लिए एक बात स्पष्ट है कि चुनाव नतीजों के लिहाज से पंजाब बाकी तीन राज्यों से अलग है |

कभी वो बाबा लगता है कभी वो लाला लगता है

Publsihed: 26.Feb.2017, 10:02

ब्रजेश राजपूत,भोपाल ! अच्छा सुनो , अब बस करो। ये पालिटिकल सेशन खत्म और स्पीरिचुअल सेशन शुरू। अब आप सब दो मिनिट कपाल भाति और अनुलोम विलोम करो। और ये कहकर बाबा ने अपना भगवा उत्तरीय कंधे पर डाला, सामने रखे माइक के टेबल को दूर किया और कुर्सी पर ही आलथी पालथी मारकर षुरू हो गये। लंबी लंबी गहरी सांस लेने। 
हू,,, हू,,,। 

मुस्लिमों की ‘माया’: बसपा सोशल इंजीनियरिंग

Publsihed: 23.Jan.2017, 07:10

देवेंद्र शुक्ल /  भारत के सभी २९ राज्यों में से उत्तर प्रदेश, आबादी के लिहाज से सर्वाधिक मुस्लिम जनसँख्या वाला राज्य है (लगभग २० फीसदी) । जम्मू कश्मीर, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ हिदुओं के मुकाबले मुस्लिम आबादी बहुसंख्यक है (६८ फीसदी) । राज्य की कुल आबादी में मुस्लिमों की जनसंख्या के घटते क्रम में लेने पर असम, पश्चिम बंगाल और  केरल के बाद उत्तर प्रदेश देश का चौथा ऐसा राज्य है जहाँ मुस्लिम आबादी पांचवे हिस्से के बराबर या उससे आधिक है। इस सन्दर्भ में यह बताना रोचक है कि उत्तर प्रदेश में कुल २० प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाले जिलों की संख्या

हिंदू घटा , तो देश बंटा: पहले कैसा था भारत

Publsihed: 10.Jan.2017, 21:23

भारत बहुत प्राचीन देश है. विविधताओं से भरे इस देश में आज बहुत से धर्म, संस्कृतियां और लोग हैं. आज हम जैसा भारत देखते हैं अतीत में भारत ऐसा नहीं था. भारत बहुत विशाल हिंदू देश हुआ करता था. ईरान से इंडोनेशिया तक सारा हिन्दुस्थान ही था. समय के साथ-साथ भारत के टुकड़े होते चले गये जिससे भारत की संस्कृति का अलग-अलग जगहों में बटवारां हो गया. साक्षी महाराज ने शनि मंदिर में जब कहा कि "हिंदू घटा , देश बंटा" तो चुनाव आयोग ने उन्हेन नोटिस थमा दिया.

पार्टी से निकाल अखिलेश का कद और बढा दिया मुलायम ने

Publsihed: 30.Dec.2016, 21:18

मुलायम परिवार के दो-फाड होने से उत्तरप्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है. बसपा और भाजपा सकते में आ गई हैं. दोनो दल समझ नहीं पा रहे हैं कि मुलायम सिंह यादव जैसा घाघ नेता ऐसा कैसे कर सकता है या फिर ये वाकई दूसरी बार यूपी की सत्ता में आने की मुलायम की कोई अचूक चाल है.

इस सम्मान का एक सांस्कृतिक मोल है

Publsihed: 24.Dec.2016, 13:52

प्रियदर्शन / नासिरा शर्मा के जो सबसे रचनात्मक वर्ष थे, वे पुरस्कारविहीन निकल गए। वे तब दूसरों को साहित्य अकादेमी दिया करती थीं। जिस निर्णायक समिति ने करीब 16 साल पहले मंगलेश डबराल को सम्मान दिया था, उसकी एक सदस्य वे भी थीं। लेकिन खुद उन्हें अब जाकर यह सम्मान मिला है। यह सहज स्वाभाविक है कि वे और उनके प्रशंसक भी यह मानें कि उन्हें देर से यह सम्मान मिला। जिस उपन्यास ‘पारिजात’ को यह सम्मान मिला है, वह नासिरा शर्मा की दूसरी कृतियों के मुक़ाबले अल्पख्यात है- शायद इसलिए कि नया भी है। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि अकादेमी कभी-कभी भूलों का प्रक्षालन करती है, इस बार भी उसने यह काम क

दिपावली के स्वदेशीवादी अब क्यों हो रहे पेटीएमवादी

Publsihed: 20.Dec.2016, 21:22

गिरीश मालवीय / एक बात तो आप सभी मानेंगे कि नोटबंदी से सबसे अधिक फायदा पेटीएम को ही पुहंचा है.......पेटीएम से रोजाना 70 लाख सौदे होने लगे हैं जिनका मूल्य करीब 120 करोड़ रपये तक पहुंच गया है,पेटीएम हर ट्रांसिक्शन मे मोटा कमीशन वसूल रही हैं......सौदों में आई भारी तेजी से कंपनी को अपने पांच अरब डॉलर मूल्य की सकल उत्पाद बिक्री (जीएमवी) लक्ष्य को तय समय से चार महीने पहले ही प्राप्त कर लिया है.........
पर पेटीएम कंपनी है क्या?.........