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निराशा को आशा में बदल दिया मोदी ने 

Publsihed: 26.May.2017, 09:26

मोदी के तीन साल-1 /अजय सेतिया/ अंग्रेजी के एक बड़े समाचार पत्र ने मोदी सरकार के तीन साल पर जन सर्वेक्षण करवाया  है | इस सर्वेक्षण का लब्बोलुबाब यह है कि देश की जनता के सिर पर मोदी का जादू अभी चढ़ा हुआ है | सर्वेक्षण का नतीजा यह कि अगर अभी चुनाव् हो जाए तो 61 प्रतिशत  लोगों का मानना है कि भाजपा की सीटें बढेंगी, 23 प्रतिशत का मानना है कि भाजपा की इतनी ही सीटें बनी रहेंगी | सिर्फ 16 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भाजपा की सीटें घटेंगी | यानि समूचा विपक्ष कुल मिला कर 16 प्रतिशत पर आ कर खडा हो गया है | यह हालत 2014 के चुनाव से पहले नहीं थी | तब ज्यादातर सर्वेक्षण भाजपा को 200 सीटों से

जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद बदल जाएंगे रिश्ते

Publsihed: 25.May.2017, 21:43

(इकनॉमिक टाइम्स से साभार) नई दिल्ली | छोटे व्यवसाय भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ये देश की अर्थव्यव्स्था और औद्योगिक विकास को गति देकर नौकरियां पैदा करते हैं। हालांकि, देश में बहुत से व्यवसाय नियमित रूप से रिटर्न फाइल नहीं करते और न ही टैक्स अदा करते हैं। इसकी कुछ वजहें हो सकती हैं। मसलन, जानकारी का अभाव, परिस्थितिजन्य परेशानियां या कारोबारियों की यह धारणा कि आकार, संचालन और कमाई के लिहाज से उनका बिजनस बहुत छोटा है, इसलिए डेडलाइन मिस भी हो जाए तो चलता है। यही वजह है कि उन्हें टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेजकर टैक्स पेमेंट, इंट्रेस्ट, लेट फी और पेनल्टीज की मांग करता

पाकिस्तान को कटघरे में खडा करने की सफलता 

Publsihed: 18.May.2017, 21:08

अजय सेतिया / पाकिस्तान में इस तरह की आवाजें भी उठ रही है कि अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट का कोई  फैसला बाध्यकारी नहीं है | पाकिस्तान अगर अपनी पुरानी  फितरत दिखाते हुए कुलभूषण जाधव को सरबजीत की तरह मारने की कोई  चाल चलेगा तो अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट  के फैसले का उलंघन संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद का मामला बनता है | 

राष्ट्रपति के चुनाव के लिए एनडीए के पास अब स्पष्ट बहुमत

Publsihed: 17.May.2017, 09:50

नई दिल्ली राष्ट्रपति के चुनाव की घोषणा 19-20 मई को और अधिसूचना जून के पहले हफ्ते में होने की संभावना है | अगर जरुरत पडी तो जुलाई के तीसरे हफ्ते में वोटिंग होगी | नया राष्ट्रपति 25 जुलाई को शपथ लेगा | एनडीए को सिर्फ 13 हजार वोट कम पद रहे थे | आंध्र प्रदेश के जग्गन रेड्डी और तेलंगाना के चन्द्र शेखर राव की ओर से एनडीए के समर्थन की घोषणा के बाद एनडीए का सपष्ट बहुमत हो चुका है | जग्ग्न्मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस के 7 सांसद और 45 विधायक हैं | टीआरएस के 12 सांसद और 90 विधायक हैं |

पोक्सो केस में जमानत नहीं होनी चाहिए 

Publsihed: 04.May.2017, 19:47

अजय सेतिया / इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गायत्री प्रजापति  को जमानत देने वाले लखनऊ के अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायधीश ओम प्रकाश मिश्रा को निलम्बित कर के सही कदम उठाया है | हाईकोर्ट के इस कदम की जितनी तारीफ़ की जाए, उतनी कम है | कोई भी क़ानून तब तक सार्थक नहीं हो सकता, जब तक उसे लागू करने वाली एजेंसियां ईमानदारी से काम नहीं करती | यौन अपराधों से बच्चों का सरंक्षण सम्बंधित पोक्सो क़ानून को लागू हुए अब पांच साल होने को हैं | लेकिन आज पांच साल बाद भी देश के सभी जिलों में स्पेशल पोक्सो अदालतें नहीं बनाई गई हैं | कम से कम उन जिलों में तो विशेष पोक्सो अदालतें बनाई जानी चाहिए , जहा बच्च

पंचायत से संसद तक मोदी लहर 

Publsihed: 26.Apr.2017, 22:57

दिल्ली नगर निगम का चुनाव एक प्रयोगशाला थी , जिस में सभी के टिकट काट दिए गए , विधानसभाओं में 75 प्रतिशत तक और लोकसभा में 50 प्रतिशत टिकट कटेंगे | 

ब्रिटिश काल तक मुसलमान नहीं करते थे गौकशी 

Publsihed: 10.Apr.2017, 10:23

आख़िरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र अंग्रेजों की साजिश समझ गए थे | उनने  28 जुलाई, 1857 को बकरीद के मौक़े पर फरमान जारी किया था | फरमान में कहा गया था -"जो भी गौ वध करने या कराने का दोषी पाया जाएगा, उसे मौत की सज़ा दी जाएगी | 

हलाला के लिए किराए पर मिलते हैं मुस्लिम मर्द

Publsihed: 05.Apr.2017, 20:53

बीबीसी से साभार / बीबीसी की एक पड़ताल में पता चला है कि तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाओं को इस्लामिक विवाह 'हलाला' का हिस्सा बनाने के लिए कई ऑनलाइन सेवाएं उनसे हज़ारों पाउंड की कीमत वसूल रही हैं.

इन मुस्लिम महिलाओं हलाला का हिस्सा बनने के लिए पहले पैसे देकर एक अजनबी से शादी करनी होती है, उसके साथ सेक्स करना होता है, फिर उस अजनबी को तलाक़ देना होता है ताकि वे अपने पहले पति के पास लौट सकें.

फराह (बदला हुआ नाम) जब 20 साल की थीं तब परिवारिक दोस्त के माध्यम से उनकी शादी हुई. दोनों के बच्चे भी हुए, लेकिन फराह का कहना है कि आगे चलकर उनकी प्रताड़ना शुरू हो गई.

मीर बाक़ी से भारत के इतिहास की शुरुआत नहीं होती

Publsihed: 26.Mar.2017, 13:03

शोभित शक्तावत / सन् 1528 में मीर बाक़ी ने अयोध्या में बाबरी ढांचा बनवाया था,  लेकिन सन् 1528 से तो भारत के इतिहास की शुरुआत नहीं होती.

कथा इससे बहुत बहुत पुरानी है, बंधु. श्रीराम के मिथक से जुड़े लोक और शास्त्र के संपूर्ण वांग्मय में अहर्निश उल्लेख है अवधपुरी और सरयू सरिता का. पुरातात्त्विक सर्वेक्षण के अटल साक्ष्य हैं. परंपरा की साखी है. कोई इससे चाहकर भी इनकार नहीं कर सकता.

विवाद किस बात पर है? सन् 1528 में रामजन्मभूमि पर बाबरी ढांचे का बलात् निर्माण ही एक आक्रांताजनित दुर्भावना का परिचायक था. वह स्वयं एक भूल थी. भूलसुधार का तो स्वागत किया जाना चाहिए ना. 

बूथ कैपचरिंग से निजात दिलाई है ईवीएम मशीन ने

Publsihed: 17.Mar.2017, 00:23

 त्रिभूवन /   भारतीय ईवीएम न तो जापान से आयात की गई हैं और न ही किसी योरोपीय देश से। ये भारतीय चुनाव आयोग ने भारत इलेक्ट्रोनिक्स लि. बंगलूर और इलेक्ट्रोनिक्स कार्पोरेशन ऑफ इंडिया हैदराबाद जैसी पब्लिक सेक्टर कंपनियाें के सहयोग से तैयार की थीं।

इसे विकसित करने में सुजाता रंगराजन का भी खूब योगदान रहा है। वे एक प्रसिद्ध एमआइटियन थीं। उन्होंने भारत इलेक्ट्रोनिक्स लि. बैंगलोर साथ खूब किया था और वे ईवीएम विकसित करने वाली टीम का अहम हिस्सा थीं।