Diplomacy

Analysis of National and International Political Scenario

सीमा पर जबर्दस्त फायरिंग, बीएसएफ को खुली छुट्टी

Publsihed: 27.Oct.2016, 22:20

जासूसी करते हुए रंगे हाथो पकडे जाने के बाद गुरुवार सुबह पाकिस्तान उक्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर को 48 घंटे में भारत छोडने के आदेश दिए गए थे. इस के बाद से ही दिन भर भारत और पाकिस्तान में भारी तनाव रहा और शाम 7 बजे पाकिस्तान की तरफ से 6 चोकियो पर जबर्दस्त फायरिंग शुरु हो गई. जिन में से अख्नूर सेक्टर की सुंदरबनी पोस्ट पर भारी नुकसान की जानकारी है.हीरा नगर कठुआ, साम्बा, आरएस पुरा पोस्टो पर भी फायरिंग की खबर है.

पाक उच्चायोग के जासूस को 48 घंटे में भारत छोडने का नोटिस

Publsihed: 27.Oct.2016, 11:52

आईबी से मिली सूचना के बाद दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी  मोहम्मद अख्तर और उस के दो भारतीय साथियो को आज सुबह जासूसी  के मामले में गिरफ्तार किया था. दोनो भारतीय राजस्थान के नौगोर इलाके के हैं. मोहम्मद अख्तर को क्योंकि कूटनीतिज्ञ के तौर पर विशेषाधिकार प्राप्त था इस लिए उसे रिहा करना पडा. बाद में पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित को विदेश मंत्रालय में बुला कर बता दिया गया कि मोहम्म्द अख्तर 48 घंटे में भारत छोड दे.

पाक उच्चायोग का कर्मचारी गिरफ्तार,रिहा

Publsihed: 27.Oct.2016, 10:11

आईबी से मिली सूचना के बाद दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक अधिकारी जासूस और उस के दो भारतीय सहयोगियो को गिरफ्तार किया , मोहम्मद अख्तर नाम के उच्चायुक्त अधिकारी के पास से भारतीय सेना से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी पाई गई . अख्तर ने खुद को पाक उच्चायुक्त का अधिकारी बताया , जांच किए जाने पर पाया गया कि उसे कूटनीतिक दर्जा हासिल था, इस लिए उसे छोड देना पडा, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय प्रोटोकाल के अनुसार कूटनीतिज्ञो को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता.

बेहरीन खुल कर बोला पाक के खिलाफ

Publsihed: 25.Oct.2016, 23:01

मनामा : भारत और बहरीन ने आज आतंकवाद की निन्दा की और इसे सभी देशों के लिए संकट करार देते हुए कहा कि किसी एक देश के आतंकवादी को दूसरे देश की ओर से स्वतंत्रता सेनानी के रूप में महिमामंडित नहीं किया जा सकता. उल्लेकनीय है कि पाकिस्तान कश्मीर के आतंकवादियो को स्वतंत्रता सेनानी करार देता रहा है और आतंकवाद को स्वतंत्रता के लिए किया जा रहा संघर्ष बताता है.

मोदी का मिशन "टारगेट पाक" विफल रहा

Publsihed: 17.Oct.2016, 13:01

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ब्रिक्स सम्मेलन में दावा किया कि आतंकवाद के मुद्दे पर ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका में सर्वसम्मति है, लेकिन यह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भाषण और साझा घोषणा पत्र से भी स्पष्ट हो गया कि मोदी का मिशन टारगेट पाकिस्तान फेल हो गया, क्योकि चीन अज़हर मसूद पर प्रतिबंधो के बारे में टस से मस नहीं हुआ और साझा घोषणा पत्र में पाकिस्तान या जैश-ए-मोहम्मद या लश्कर-ए-तोयबा का जिक्र तक नहीं हुआ. जब कि अन्य अंतर्राष्ट्रीय आतंकी संगठनो का जिक्र है.

सार्क डम्प, बिमस्टेक-ब्रिक्स का नया गठजोड

Publsihed: 16.Oct.2016, 19:21

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशो के आठवे वार्षिक सम्मेलन के साथ ही बिमस्टेक और ब्रिक्स का साझा सम्मेलन बुला कर सार्क को किनारे करने की रणनीति अपनाई है. अब पाकिस्तान को पडौसी देशो के साथ नए सिरे से लाबिंग करनी पडेगी. बिमस्टेक में मालदीव और पाकिस्तान को छोड कर सार्क के बाकी सारे देश शामिल हैं.

ब्रिक्स में मोदी ने पाक को आतंकवाद की जन्मभूमि कहा

Publsihed: 16.Oct.2016, 17:04

गोवा.  गोवा में चल रहे 8 वें ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान पर तगड़ा हमला बोला है. उन्होंने पाकिस्तान का बिना नाम लिए कहा कि दुर्भाग्य से भारत के पड़ोस में आतंकवाद की जन्मभूमि है.

ट्रम्प हिंदू हितैषी और मोदी के दिवाने

Publsihed: 16.Oct.2016, 10:36

न्यूजर्सी: भारत को एक अहम रणनीतिक सहयोगी बताते हुए राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है कि यदि वह सत्ता में आते हैं तो भारत और अमेरिका ‘पक्के दोस्त’ बन जाएंगे और उनका एक साथ अभूतपूर्व भविष्य होगा. ट्रंप ने कल रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन द्वारा आयोजित एक चैरिटी समारोह में भारतीय-अमेरिकियों को अपने संबोधन में कहा, ‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका का सहयोगी है. ट्रंप प्रशासन के तहत हम और भी बेहतर मित्र बनने जा रहे हैं. असल में हम रिश्ते को बेहतर बनाएंगे और हम पक्के दोस्त होंगे.’ उन्होंने कहा, ‘हम मुक्त व्यापार के पक्षधर हैं. दूसरे द

मसूद अज़हर के मुद्दे पर चीन अडियल

Publsihed: 15.Oct.2016, 23:03

मसूद अज़हर के मामले में  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बातचीत में भी कोई सफलता नहीं मिली. चीन लगातार दो बार मसूद अज़हर को यह कर बचा चुका है कि आतंकवाद का राजनीतिक इस्तेमाल न किया जाए. असल में चीन दलाई लामा को आतंकवादी मानता रहा है और भार्त ने उसे राजनीतिक शरण दी थी.