December 2008

Crossing into Azad Jammu and Kashmir, Police Checkpost at Bararkot

[caption id="attachment_599" align="alignleft" width="300" caption="Crossing into Azad Jammu and Kashmir, Police Checkpost at Bararkot"]Crossing into Azad Jammu and Kashmir, Police Checkpost at Bararkot

लाशों पर राजनीति का नजारा दिखा महाराष्ट्र में

मुंबई में अभी दरियां नहीं उठी। मातम अभी खत्म नहीं हुआ। बुधवार को सारे देश ने शोक मनाया। गेट वे ऑफ इंडिया से लेकर इंडिया गेट तक। बेंगलुरुसे लेकर चेन्नई तक। सब जगह लोगों ने मोमबत्तियां जलाई। राजनीतिज्ञों के खिलाफ गुस्सा हर चेहरे पर था। मोमबत्तियों की लौ अभी ठंडी नहीं पड़ी। कांग्रेस में महासंग्राम शुरू हो गया। मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए कुत्ते-बिल्ली जैसी लड़ाई हुई। जैसे बिल्ली के भागो छिकां फूट पड़ा हो। अपने अभिषेक मनु सिंघवी शुक्रवार को इतरा रहे थे- 'हमने चौबीस घंटे में तीन लोग हटा दिए। पाटिल, देशमुख, आर आर पाटिल। और किसी सरकार ने किसी आतंकी वारदात पर ऐसा नहीं किया।' अभिषेक का इशारा बीजेपी की ओर था। अपन समझ नहीं पा रहे। कांग्रेस का पहला दुश्मन कौन। आतंकवाद या बीजेपी।

आतंकी का धर्म नहीं तो कोई देश भी नहीं

आडवाणी तो शुरू से बता रहे थे- 'यह सरकार आतंकवाद को गंभीरता से नहीं ले रही।' पीएम भी होम मिनिस्टर के नकारेपन से खफा थे। पर सोनिया हटाने को राजी नहीं थी। यही हाल विलासराव देशमुख का था। मारग्रेट अल्वा दो साल से समझाती-समझाती खुद नप गई। पर सोनिया नहीं मानी। अब जब नजला खुद पर उतरता दिखा। तो दोनों बलि का बकरा बने। बुधवार को नैनीताल में अपनी कांग्रेस के एक दिग्गज से मुलाकात हुई। जयपुर की चुनावी जिम्मेदारी से लौटे ही थे। गुफ्तगू हुई तो बोले- 'पाटिल का क्या कसूर। वह तो तीन साल पहले ही नकारा साबित हो चुके थे।'

मुंबई से भी सबक लेंगे, या नहीं

देश बचाना है, तो आतंकवादी का धर्म देखकर कार्रवाई करने की नीति छोड़नी होगी। बोट पर आने वालों से तो एनएसजी ने निपट लिया, वोट वालों से कैसे निपटेगा देश।

आतंकवादी और आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले फ्रांस की क्रांति के बाद 1795 में हुआ। क्रांतिकारी सरकार की आतंक की नीतियां लागू करने वाली जन सुरक्षा और राष्ट्रीय कंवेशन कमेटी को आतंकवादी कहा गया। इस तरह आतंकवाद का अर्थ तब मौजूदा अर्थ से बिल्कुल भिन्न और सकारात्मक था। वैसे आतंकवाद की शुरुआत पहली ही सदी में हो गई थी, जब रोमनो ने खाड़ी में यहूदियों की जमीन पर कब्जा कर लिया था। यहूदियों के दो गुट खड़े हुए, जो रोमनो और उनका समर्थन करने वाले यहूदियों की भी हत्या करते थे। ग्यारहवीं सदी से लेकर तेरहवीं सदी के बीच ईरान और सीरिया में एसेसिन नामक इस्लामिक गुट सक्रिय थे, जो राजनीतिक हत्याएं करते थे। सोलहवीं सदी की शुरू में गे फाक्स ने अंग्रेजी राजशाही के खिलाफ विद्रोह कर किया था, इंग्लिश इतिहासकार उसे पहला आतंकवादी मानते हैं।

आखिर पाटिल का हुआ पटिया उलाल

इस्तीफे की पेशकश तो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार ने भी की। आखिर पीएम ने शुक्रवार को समीक्षा की। तो पाटिल के अलावा नारायणन भी नदारद थे। पर इस्तीफा सिर्फ पाटिल का मंजूर हुआ। पीएम ने बृजेश मिश्र को बुलाया। तो नारायणन ने इसे इशारा समझा। बृजेश-मनमोहन मुलाकात से अपने कान भी खड़े हुए। अपन को याद आया- 'अमेरिकी समझाइश पर बृजेश मिश्र ने एटमी करार पर यू टर्न लिया था।' जरूर अमेरिकी सलाह से मुलाकात हुई होगी। पर फिलहाल नारायणन बच गए। यों खबर तो रॉ-आईबी चीफ पर भी गाज गिरने की। अपन उन दोनों का कसूर नहीं मानते। कसूर राजनीतिक लैवल पर हुआ।