August 2008
एनएसजी को फच्चर फंसाने का मौका दिया इराक ने
Thu, 21-Aug-2008एटमी करार के लिए अपने मनमोहन ने कितने पापड़ बेले। लेफ्ट की बैसाखी छोड़ मुलायम का सहारा लिया। वह भी कम पडा। तो सांसदों की खरीद-फरोख्त का कलंक माथे लगाया। आज उसी करार का इम्तिहान विएना में होगा। एनएसजी के पैंतालीस देश जांच पड़ताल करेंगे। एनएसजी की हरी झंडी मिली। तभी करार अमरीकी कांग्रेस में मंजूरी के लिए जाएगा। एनएसजी का फच्चर फंसा। तो समझो करार का राम नाम सत्य।
मुशर्रफ का फच्चर निकला तो अब इफ्तिकार चौधरी
Wed, 20-Aug-2008पाकिस्तान से चार खबरें चौंकाने वाली आई। पहली- अपनी अरुंधति राय ने कहा है- 'कश्मीरियों को भारत से आजादी चाहिए।' एपीपी ने यह खबर एक इंटरव्यू के हवाले से दी। अरुंधति राय को बहुतेरे लोग इज्जत की नजर से देखते होंगे। अपन पहले भी नहीं देखते थे। पंचमड़ी में जंगलात की जमीन पर कब्जे ने अपना मन खट्टा कर दिया था। अब तो उनने देशद्रोह का काम किया।
तो मुशर्रफ जुगाड़ नहीं कर पाए एबस्टेन का
Tue, 19-Aug-2008परवेज मुशर्रफ को जाना पड़ा। जाना नहीं चाहते थे। भले ही उनने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा- 'महाभियोग में मैं हारूं, या जीतूं। हार देश की होती। तो मैं इस्तीफा दे रहा हूं।' परवेज मुशर्रफ भले ही अब कुछ कहें। कितना ही जम्हूरियत प्रेमी होने का दावा करें। पर असलियत किसी से छिपी नहीं। मुशर्रफ की नीयत में शुरू से खोट था। नीयत में खोट न होता। तो भंग हो रही असेंबलियों से खुद को न चुनवाते।
गठबंधनों पर ही निर्भर होगी चुनावी बिसात
Mon, 18-Aug-2008लाल किले के प्राचीर से मनमोहन सिंह का आखिरी भाषण लाचार प्रधानमंत्री की तरह हुआ। एक ऐसा लाचार प्रधानमंत्री जो महंगाई से लेकर आतंकवाद की समस्या तक से जूझ रहा है। इसके बावजूद सोनिया गांधी अगर उन्हीं को सामने रखकर चुनावी दंगल में कूदने का मन बना रही हैं तो कांग्रेस भारी रिस्क लेगी। लालकिले से भाषण देते समय मनमोहन सिंह के चेहरे पर जीत के कोई हाव-भाव नहीं थे।
अपनी जम्हूरियत और उनकी जम्हूरियत का फर्क
Fri, 15-Aug-2008यों अपन आज बात करेंगे जश्न-ए-आजादी की। फिर भी शुरूआत मनमोहन सिंह को एक और बधाई से कर दें। अबके महंगाई के नए रिकार्ड पर बधाई। तीन महीने पहले मुद्रास्फीति सात फीसदी हुई। तब अखबारों में बैनर छपे थे- 'महंगाई सातवें आसमान पर।' अब 12.44 फीसदी होकर महंगाई तेरहवें आसमान पर। पर लीड भी नहीं छपती। अपन महंगाई के इतने अभ्यस्त हो गए। मनमोहन-चिदंबरम को इसीलिए महंगाई की फिक्र नहीं। सो सोलह साल का रिकार्ड तोड़ने पर दोनों को बधाई। सोलह साल पहले मनमोहन सिंह वित्त मंत्री बने थे। तो यह रिकार्ड बनाया था। जिसकी बराबरी आज फिर से कर ली है। अपन बाजार से जो सब्जी बीस रुपए की लाते थे। अब पचास रुपए में भी नहीं आती। नेता लो
बधाईयों वाले खूब काम कर रही सरकार
Thu, 14-Aug-2008अपने मनमोहन सिंह को फिर बधाई। बधाई के पात्र अब अभिषेक मनु सिंघवी भी बन गए। पर पहले बात मनमोहन सिंह की। अपन ने आठ अगस्त को खुलासा किया था। खुलासा था- मनमोहन की आडवाणी से बातचीत का। मनमोहन ने आडवाणी से कहा था- 'आर्थिक नाकेबंदी बंद न हुई। तो अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन जाएगा। पाकिस्तान संयुक्तराष्ट्र में राहत सामग्री भेजने की मांग कर दे। तो क्या होगा। सेबों के उत्पादक अपने ट्रक मुजफ्फराबाद की ओर मोड़ दें। तो क्या होगा।' आखिर बारह अगस्त को वह सब कुछ हो गया।
तेरह साल पुराना कर्फ्यू इतनी पुरानी महंगाई भी
Wed, 13-Aug-2008मनमोहन सिंह को बधाई। गुलाम नबी आजाद को भी। दोनों ने रिकार्ड तोड़ दिया। पर इससे पहले कि अपन इन दोनों के बारे में लिखें। जरा नरसिंह राव को याद कर लें। बात तब की जब वह पीएम नहीं बने थे। किसी ने उनसे कहा- 'आप भी हो सकते हैं पीएम।' तो उनने कहा था- 'मेरा पीएम बनना तबाही होगा।' राव का कहा सच निकला। एस बी चव्हाण उनके गृहमंत्री थे। उनने अपने इंटरव्यू में कहा- 'मैं प्रधानमंत्री के कारण बाबरी ढांचा नहीं बचा पाया।'
देर से ही सही, दुरुस्त रहा 11 अगस्त का दिन
Tue, 12-Aug-2008ऐतिहासिक हो गया ग्यारह अगस्त। अभिनव बिंद्रा ने इतिहास रच दिया। यों तो अस्सी साल पहले अपन ओलंपिक में शुरू हुए। पर अस्सी साल में अपन हॉकी पर ही अटके रहे। जितने भी स्वर्ण मेडल मिले। सब हॉकी की बदौलत ही। बाकी खिलाड़ी तो रजत और कांस्य से आगे नहीं बढ़े। सो अभिनव बिंद्रा ने रिकार्ड बनाया। पर ओलंपिक शुरू हुए। तो अपन ने लिखा था- 'ओलंपिक बीजिंग में, खेल इस्लामाबाद में।' सो ओलंपिक में अपन ने पहला स्वर्ण जीत इतिहास रचा। तो उधर पाकिस्तान में भी राजनीतिक इतिहास की इबारत लिखी गई।
संसदीय जांच समिति का संकट
Mon, 11-Aug-2008दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में आजकल हर्षद मेहता की चर्चा है। हर्षद मेहता ने 1990-91 में पांच हजार करोड़ का शेयर घोटाला करके पूरी दुनिया को चौँका दिया था। उन्होंने इससे भी ज्यादा तब चौंकाया था जब कहा कि उन्होंने नरसिंह राव को एक करोड़ रुपए की रिश्वत से उनका मुंह बंद किया था। हर्षद मेहता ने चार नवंबर 1991 को खुद प्रधानमंत्री आवास जाकर नोटों से भरे दो सूटकेस देने की बात कही थी।
ओलंपिक बीजिंग में खेल इस्लामाबाद में
Sat, 09-Aug-2008बीजिंग में ओलंपिक की शुरूआत जोरदार हुई। जैसे अपनी दीवाली में चीन की लड़िया-फुलझड़ियां आ चुकी। हू-ब-हू वैसे ही चीनी लड़ियों-फुलझड़ियों से शुरूआत हुई। ऐसा लगा- जैसे चीन में दीवाली मन रही हो। ओलंपिक का 29वां महाकुंभ। आठवें महीने की आठ तारीख। सन् भी 2008 टाइम भी आठ बजकर आठ मिनट, आठ सेकेंड। सिर्फ बीजिंग नहीं। पूरा चीन दुल्हन की तरह सजाया गया।