जोगी परिवार : बाप सेर तो बेटा सवा सेर

Publsihed: 03.Sep.2019, 18:31

अजय सेतिया / अजीत जोगी का पूरा कुनबा भयंकर मुश्किल में फंसा है |  खुद जोगी पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है और बेटे अमित जोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है | अजीत जोगी देश में चल रही कांग्रेस संस्कृति का जीता-जागता सबूत है , जिसे नरेंद्र मोदी ने खत्म करने का बीड़ा उठाया हुआ है , लेकिन छतीसगढ़ में कांग्रेस ही मोदी की मदद कर रही है | जो भाजपा की रमन सिंह सरकार 15 साल नहीं कर सकी , उसे भूपेश बघेल सरकार ने 15 महीनों से पहले ही कर के दिखाना शुरू कर दिया है |

जनसंख्या क़ानून और वोट का हक

Publsihed: 02.Sep.2019, 18:38

अजय सेतिया / मोदी सरकार की ओर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने बाद कांग्रेस में हाई कमान के खिलाफ उठा बवंडर अभी थमा नही है कि युवा नेता जतिन प्रसाद ने दकियानूसी विचारों वाली अपनी पार्टी के लिए नई मुसीबत खडी कर दी है | उन्होंने नरेंद्र मोदी के स्वतन्त्रता दिवस पर लालकिले से दिए गए भाषण में जनसंख्या नियन्त्रण वाले विषय का समर्थन किया है | नरेंद्र मोदी ने देश की बढती जनसंख्या को सभी समस्याओं की जड बताते हुए उसे रोकने के उपाओं की बात उठाई थी | असल में नरेंद्र मोदी के भाषण का यह अंश भाजपा के युवा सांसद राकेश सिन्हा के प्राईवेट मेंबर बिल से प्रभावित था | राकेश सिंहा ने 14 जुलाई को राज्यसभा में यह ब

कम्युनिस्ट चीन में मुसलमान गुलाम क्यों

Publsihed: 01.Sep.2019, 18:44

अजय सेतिया / पूरी दुनिया में जहां जहां मुस्लिम राज है , वहां वहां कम्युनिस्ट पार्टी को कोई घुसने नहीं देता | पाकिस्तान में तो कम्युनिस्ट नेताओं पर देशद्रोह के आरोप में उम्र कैद तक हुई , उन में से एक ने तो बाद में किसी तरह माफी मांग कर भारत में आ कर पनाह ली थी | इसी तरह जहां जहां कम्यूनिस्ट राज है , वहां वहां मुसलमानों को धार्मिक आज़ादी नहीं है | पर भारत में कम्युनिस्ट मुसलमानों को उन का सब से बड़ा हितैषी बताने में कामयाब हैं | उन्हीं की छत्रछाया में अलगाववादी जेएनयू में कश्मीर की आज़ादी और भारत के टुकड़े करने के नारे लगाने में कामयाब हो जाते हैं | जेएनयू के छुटके कम्युनिस्ट कंहैया और शाहला

पाक में अल्पसंख्यकों का जीना हराम

Publsihed: 01.Sep.2019, 12:44

अजय सेतिया / संयुक्त राष्ट्र के 1992 में पारित अल्पसंख्यकों सम्बन्धी घोषणापत्र के पहले ही अनुच्छेद में कहा गया है कि राज्य  अधिकार क्षेत्र के भीतर अल्पसंख्यकों के राष्ट्रीय या जातीय , सांस्कृतिक , धार्मिक और भाषाई पहचान की सुरक्षा करेगा और उन परिस्थियों को बढावा देगा , जिस से वे अपनी को बनाए रख सकें | भारत में 1992 के संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव से पहले से ही अल्पसंख्यकों को बढावा देने की नीति अपनाई गई , जिस कारण आज मुस्लिम समुदाय की आबादी 9 प्रतिशत से बढ़ कर 18 प्रतिशत के करीब हो गई है , जो दुगनी है | भारत में जब जब अल्पसंख्यकों के खिलाफ जुल्म की खबर आती है , बहुसंख्यक समाज के लोग ही

खुद ही कटघरा बना लेती है कांग्रेस

Publsihed: 28.Aug.2019, 12:48

अजय सेतिया / यह तो सुना था कि राजनीति में एक दूसरे को कटघरे में खड़ा किया जाता है और उन से जवाब तलबी होती है , पर कांग्रेस अपना कटघरा खुद बनाती है और फिर से में खडी हो जाती है | ऐसे लगता है कि कांग्रेस में राजनीतिक बौद्धिक कौशल का अकाल पड गया है | एक बार एक पत्रकार ने अमित शाह को राजनीतिक ज्ञान देने की कोशिश की थी , तो अमित शाह ने उसे कहा था कि आप पत्रकारिता करो, राजनीति मुझे करने दो, मुझे पता है कि मुझे क्या करना है | कांग्रेस में ठीक इस के उल्ट है , राहुल गांधी को आजकल एक विचारधारा के पत्रकारों ने घेरा हुआ है , जो उन को उल्टी सीधी सलाहें देकर उन के लिए कटघरे तैयार करवाते रहते हैं |

मायावती का समान नागरिक संहिता का इशारा

Publsihed: 27.Aug.2019, 12:28

अजय सेतिया / मायावती की खासियत यह है कि वह बाकी नेताओं की तरह कही बात से मुकरती नहीं | अपन ने ऐसे दो ही नेता देखे हैं , जो अपनी हर बात को रिकार्ड करते रहे है, ताकि बाद में कोई गलत अर्थ न निकाल ले या कुछ का कुछ और न बना दे | एक तो अर्जुन सिंह थे , जिन की हर कही बात की रिकार्डिंग की जाती थी , जैसे ही कोई व्यक्ति अर्जुन सिंह से मिलने उन के कमरे में घुसता उन के सहयोगी अंदर जा कर टेपरिकार्डर “आन” कर देते | दूसरी नेता मायावती है , जो बिना लिखे कोई बात बोलती ही नहीं , यहाँ तक कि संसद की सीढ़ियों से उतरते हुए कोई मीडिया कर्मी सवाल पूछ ले , तो वह उतना ही बोलती हैं जितना सदन में बोल कर आई हों , य

सेंट्रल हाल की कुर्सियां ढूंढेंगी जेटली को

Publsihed: 25.Aug.2019, 14:02

अजय सेतिया / संसद का सेंट्रल हाल अरुण जेटली के बिना सूना सूना सा होगा | लोधी गार्डन की पगडंडियाँ ढूंढेंगी अरुण जेटली को | पंचशील पार्क की महफिल नीरस होगी अरुण जेटली के बिना | ये तीनों वे जगहें हैं जहां अपन कभी न कभी अरुण जेटली के साथ चले हैं , वाक की है, बैठे हैं , चाय की चुस्कियां ली हैं, राजनीतिक गपशप भी सुनी है और अंदर की बातें भी सुनी हैं |

सेंट्रल हाल की कुर्सियां ढूंढेंगी जेटली को

Publsihed: 25.Aug.2019, 12:41

अजय सेतिया / संसद का सेंट्रल हाल अरुण जेटली के बिना सूना सूना सा होगा | लोधी गार्डन की पगडंडियाँ ढूंढेंगी अरुण जेटली को | पंचशील पार्क की महफिल नीरस होगी अरुण जेटली के बिना | ये तीनों वे जगहें हैं जहां अपन कभी न कभी अरुण जेटली के साथ चले हैं , वाक की है, बैठे हैं , चाय की चुस्कियां ली हैं, राजनीतिक गपशप भी सुनी है और अंदर की बातें भी सुनी हैं |

यूपीए के घोटाले अभी और भी हैं

Publsihed: 21.Aug.2019, 12:35

अजय सेतिया/ भारतीय राजनीति में इतना घालमेल होता है कि आम आदमी की याददास्त कमजोर हो जाती है | इस लिए अपन याद दिला दें कि पी.चिदंबरम मंगलवार की शाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं मिलने पर क्यों लापता हो गए और सीबीआई ने क्यों उन के घर पर लुक औउट नोटिस लगा दिया | पर इस से पहले याद दिला दें कि जब वह गृहमंत्री थे , तो कैसे उन्होंने तब के गुजरात के गृह मंत्री और आज देश के गृहमंत्री अमित शाह पर झूठे केसों में फंसा कर अपने अदालती सम्पर्कों के सहारे उनके गुजरात में प्रवेश पर रोक लगवा दी थी | पर उसी कांग्रेस राज में अमित शाह पर लगाए गए सारे आरोप गलत, झूठे और राजनीतिक साबित हुए |